रिटायरमेंट में ₹1 करोड़ हैं तो हर महीने कितना निकालें? जानें 25 साल तक पैसा चलाने का पूरा हिसाब
1 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड 25 साल तक चलेगा या नहीं, यह आपकी निकासी और निवेश रिटर्न पर निर्भर करता है. 6% सालाना रिटर्न मानें तो 7% निकासी पर करीब 58,333 रुपये महीने मिल सकते हैं और फंड 28 साल चल सकता है. लेकिन 8% निकासी पर 66,667 रुपये महीने निकालने से फंड करीब 21 साल में खत्म हो सकता है.
Highlights
- गर निकासी बहुत ज्यादा रखी गई, तो फंड जल्दी खत्म हो सकता है.
- बहुत कम रकम निकालने पर आज के खर्च पूरे करना मुश्किल हो सकता है.
- सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि ₹1 करोड़ कितने साल चलेगा. रिटायरमेंट प्लान में महंगाई को भी ध्यान में रखना जरूरी है.
1 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड तैयार करना बहुत से लोगों का लक्ष्य होता है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इस रकम से रिटायरमेंट के बाद हर महीने कितने रुपये निकाले जा सकते हैं और पैसा कितने साल तक चलेगा? अगर निकासी बहुत ज्यादा रखी गई, तो फंड जल्दी खत्म हो सकता है. वहीं बहुत कम रकम निकालने पर आज के खर्च पूरे करना मुश्किल हो सकता है.
अगर 1 करोड़ रुपये के फंड पर सालाना 6% रिटर्न मिलता है, तो निकासी की दर के हिसाब से तस्वीर काफी बदल जाती है. 4% से 7% तक की निकासी दर पर यह फंड 25 साल से ज्यादा चल सकता है, लेकिन 8% की निकासी दर पर पैसा करीब 21 साल में खत्म हो सकता है.
पहले समझें ₹1 करोड़ से हर महीने कितने रुपये मिल सकते हैं
मान लीजिए आपके पास रिटायरमेंट के समय 1 करोड़ रुपये हैं और इस रकम पर सालाना औसतन 6% रिटर्न मिल रहा है. यहां यह भी माना गया है कि हर साल की जरूरी रकम साल की शुरुआत में निकाल ली जाती है.
| सालाना निकासी दर | सालाना निकासी | हर महीने निकासी | पैसा कितने समय तक चलेगा |
|---|---|---|---|
| 4% | ₹4,00,000 | ₹33,333 | पूरी जिंदगी |
| 5% | ₹5,00,000 | ₹41,667 | पूरी जिंदगी |
| 6% | ₹6,00,000 | ₹50,000 | 49 साल |
| 7% | ₹7,00,000 | ₹58,333 | 28 साल |
| 8% | ₹8,00,000 | ₹66,667 | 21 साल |
इस हिसाब से अगर आपका लक्ष्य कम से कम 25 साल तक 1 करोड़ रुपये का फंड चलाना है, तो 6% रिटर्न की स्थिति में करीब 58333 रुपये महीने तक निकासी करने पर फंड 28 साल तक चल सकता है. लेकिन अगर आप हर महीने 66,667 रुपये निकालते हैं, तो फंड करीब 21 साल में खत्म हो सकता है.
यानी 70,000 रुपये महीने की निकासी का लक्ष्य 1 करोड़ रुपये के फंड से 25 साल तक पूरा करना इस दिए गए 6% रिटर्न वाले हिसाब में संभव नहीं दिखता.
लेकिन यहां एक और बड़ी समस्या है- महंगाई
सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि 1 करोड़ रुपये कितने साल चलेगा. रिटायरमेंट प्लान में महंगाई को भी ध्यान में रखना जरूरी है. उदाहरण के लिए, आज अगर आपको हर महीने 58,333 रुपये की जरूरत है, तो 20 साल बाद इसी रकम से उतना सामान और सेवाएं खरीदना संभव नहीं होगा. दिए गए हिसाब के मुताबिक, अगर महंगाई औसतन 5% सालाना रहती है, तो 20 साल बाद 58,333 रुपये की आज की कीमत घटकर करीब 21,985 रुपये के बराबर रह जाएगी.
यही वजह है कि रिटायरमेंट के लिए केवल एक तय मासिक रकम निकालने की बजाय समय के साथ बढ़ते खर्च को भी ध्यान में रखना जरूरी है.
हर साल निकासी बढ़ाएंगे तो ₹1 करोड़ कितने साल चलेगा?
एक दूसरा तरीका यह है कि रिटायरमेंट के बाद हर साल निकासी की रकम को महंगाई के हिसाब से बढ़ाया जाए. यहां उदाहरण में महंगाई 5% और निवेश से रिटर्न 6% सालाना माना गया है.
| पहले साल हर महीने निकासी | हर साल निकासी में बढ़ोतरी | सालाना रिटर्न | फंड कितने साल चलेगा |
|---|---|---|---|
| ₹30,000 | 5% | 6% | 33 साल |
| ₹35,000 | 5% | 6% | 27 साल |
| ₹40,000 | 5% | 6% | 24 साल |
| ₹45,000 | 5% | 6% | 21 साल |
| ₹50,000 | 5% | 6% | 19 साल |
इस हिसाब से अगर रिटायरमेंट के समय आपका शुरुआती मासिक खर्च 30,000 रुपये है और हर साल इसे 5% बढ़ाया जाता है, तो 1 करोड़ रुपये का फंड करीब 33 साल चल सकता है. अगर शुरुआती खर्च 35000 रुपये महीने है, तो फंड करीब 27 साल चल सकता है.
लेकिन शुरुआती खर्च 40,000 रुपये करने पर फंड की अवधि घटकर करीब 24 साल रह जाती है. वहीं 50000 रुपये महीने से शुरुआत करने पर फंड करीब 19 साल चलने का अनुमान है.
तो क्या ₹1 करोड़ से ₹70,000 हर महीने मिल सकते हैं?
अगर आप 1 करोड़ रुपये के फंड से 70,000 रुपये हर महीने निकालना चाहते हैं, तो सालाना निकासी 8.4 लाख रुपये होगी. यानी शुरुआती निकासी दर 8.4% बैठेगी. दिए गए 6% सालाना रिटर्न वाले हिसाब में 8% निकासी पर ही फंड करीब 21 साल चलता है. इसलिए 70,000 रुपये महीने की निकासी को 25 साल तक बनाए रखना इस उदाहरण के आधार पर संभव नहीं है.
हालांकि, यह एक अनुमानित गणना है. असल जिंदगी में रिटर्न हर साल एक जैसा नहीं मिलता और निवेश के विकल्प, बाजार की चाल, महंगाई और निकासी के तरीके से नतीजे बदल सकते हैं.
रिटायरमेंट का पैसा कहां लगाया जाए?
रिटायरमेंट फंड के मामले में सिर्फ ज्यादा रिटर्न के पीछे भागना जोखिम भरा हो सकता है. इसलिए कम जोखिम वाले विकल्पों के तौर पर लिक्विड फंड और मनी मार्केट डेट फंड का उदाहरण दिया गया है. Value Research के आंकड़ों के मुताबिक, मनी मार्केट म्यूचुअल फंड कैटेगरी ने 10 साल में 6.04% सालाना औसत रिटर्न दिया है, जबकि लिक्विड फंड कैटेगरी का 10 साल का सालाना औसत रिटर्न 5.77% रहा है. यहां ध्यान रखना जरूरी है कि ये पिछले प्रदर्शन के आंकड़े हैं. भविष्य में इसी तरह का रिटर्न मिलेगा, यह तय नहीं है.
एक साथ पूरा पैसा लगाने की जगह ‘Bucket Strategy’ भी विकल्प
रिटायरमेंट के 1 करोड़ रुपये को एक ही जगह रखने के बजाय अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से हिस्सों में बांटने की रणनीति को Bucket Strategy कहा जाता है. इस तरीके में तुरंत जरूरत वाले पैसे को ऐसे विकल्पों में रखा जा सकता है जहां उतार-चढ़ाव कम हो, जैसे लिक्विड फंड या सेविंग अकाउंट. अगले 2-3 साल में जरूरत पड़ने वाली रकम के लिए डेट फंड का इस्तेमाल किया जा सकता है.
4-5 साल बाद की जरूरतों के लिए इक्विटी सेविंग्स फंड और 6-7 साल बाद की जरूरतों के लिए एग्रेसिव हाइब्रिड फंड का इस्तेमाल करने का उदाहरण दिया गया है. वहीं लंबी अवधि के लिए रखे जाने वाले सबसे बड़े हिस्से को इक्विटी फंड में रखा जा सकता है. इस रणनीति का मकसद यह है कि अगले कुछ सालों की जरूरत का पैसा पहले से अलग रखा जाए और लंबी अवधि के पैसे को ज्यादा समय दिया जाए.
₹1 करोड़ का फंड कब पर्याप्त माना जा सकता है?
इस पूरे हिसाब से एक बात साफ होती है कि 1 करोड़ रुपये अपने आप में पर्याप्त या अपर्याप्त रिटायरमेंट फंड नहीं है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि रिटायरमेंट के बाद आपका मासिक खर्च कितना है, महंगाई कितनी रहती है और निवेश से कितना रिटर्न मिलता है. अगर आज आपका खर्च कम है और आप लंबे समय तक उसी के आसपास खर्च बनाए रख सकते हैं, तो 1 करोड़ रुपये काफी लंबे समय तक चल सकता है. लेकिन अगर रिटायरमेंट के बाद 50,000 से 70,000 रुपये या उससे ज्यादा की मासिक जरूरत है और हर साल खर्च भी बढ़ना है, तो 1 करोड़ रुपये का फंड 25 साल तक चलाने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता है.
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