UAE में करते हैं नौकरी, युद्ध के डर से आ गए इंडिया तो क्या बचेगी जॉब, जानें क्या कहते हैं नियम
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखने लगा है. उड़ानें रद्द होने से हजारों भारतीय प्रवासी, खासकर UAE में काम करने वाले, भारत में ही फंसे हुए हैं. ऐसे में उनकी नौकरी और सैलरी को लेकर चिंता बढ़ गई है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस हालात में कंपनियां क्या कदम उठा सकती हैं.
West Asia Crisis: पश्चिम एशिया के युद्ध के मैदान से उठने वाली लपटें अब दुनिया के हर सेक्टर को झुलसा रही हैं. पहले पेट्रोल-डीजल, एलपीजी और फार्मा सेक्टर पर इसका असर पड़ा और अब इस संकट की चपेट में मध्य पूर्व में रहने वाले भारतीय प्रवासी भी आ गए हैं.
अकेले UAE में 68 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं. इनमें से कई हाल ही में अपने वतन लौटे थे, लेकिन अब वे वापस UAE नहीं जा पा रहे हैं. विमान कंपनियां इस क्षेत्र में फ्लाइट कैंसिल कर रही हैं, जिसके कारण भारत से UAE जाने वाले भारतीय प्रवासी अपनी नौकरियों पर लौटने में असमर्थ हैं.
ऐसे में उन्हें यह डर सताने लगा है कि जिस कंपनी में वे काम करते हैं, कहीं उनकी सैलरी पर रोक न लगा दी जाए या उन्हें नौकरी से निकाल न दिया जाए. इस स्थिति में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि UAE के कानूनों में इस समस्या को लेकर क्या प्रावधान हैं. क्या कंपनियां ऐसे कर्मचारियों की सैलरी रोक सकती हैं या उन्हें नौकरी से निकाल सकती हैं?
क्या कहता है कानून?
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, UAE के लेबर कानून कहता है कि सैलरी काम के बदले दी जाती है. यानी अगर कर्मचारी काम नहीं कर रहा है और उसके पास कोई छुट्टी या व्यवस्था नहीं है, तो कंपनी सैलरी देने के लिए बाध्य नहीं हो सकती. लेकिन मौजूदा हालात जैसे युद्ध, फ्लाइट कैंसिलेशन और एयरस्पेस बंद होना एक सामान्य स्थिति नहीं है, इसलिए इसे अलग नजरिए से देखा जाता है.
विदेश में फंसना आपकी गलती नहीं
अगर कोई कर्मचारी युद्ध, सरकारी प्रतिबंध या उड़ान बंद होने जैसी वजहों से UAE नहीं लौट पा रहा है, तो इसे मजबूरी वाली अनुपस्थिति माना जाता है. इस स्थिति में इसे गलत आचरण नहीं माना जाएगा.
- तुरंत नौकरी से निकालना या सख्त कार्रवाई कानूनी चुनौती बन सकती है.
- UAE कानून में बिना कारण अनुपस्थिति पर कार्रवाई हो सकती है, लेकिन इस तरह की मजबूरी उसमें शामिल नहीं होती.
सैलरी मिलेगी या नहीं?
सैलरी मिलेगी या नहीं ये तीन बात पर निर्भर करता है. इस मामले में कोई एक तय नियम नहीं है, बल्कि यह हालात पर निर्भर करता है:
अगर आप घर से काम कर सकते हैं.
अगर आपका काम रिमोट तरीके से हो सकता है और कंपनी सहमत है, तो आपकी सैलरी सामान्य रूप से जारी रहती है. यानी आपकी सैलरी नहीं काटी जाएगी.
अगर आप काम नहीं कर सकते
अगर आपका काम ऑनलाइन संभव नहीं है, तो कंपनी आपको पेड लीव, अनपेड लीव या अन्य शर्तों पर रख सकती है. ऐसे में सैलरी रोकी भी जा सकती है, लेकिन यह आपसी सहमति से तय होता है.
अगर आपने कंपनी को जानकारी नहीं दी
यह सबसे जोखिम भरी स्थिति है. अगर आप बिना बताए अनुपस्थित रहते हैं, तो आपकी सैलरी रोकी जा सकती है. इसे अनुपस्थिति मानी जा सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, 7 दिन से ज्यादा बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर नौकरी भी जा सकती है. कानूनी सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपनी स्थिति तुरंत कंपनी को बताएं. अगर आपके पास फ्लाइट कैंसिलेशन या प्रतिबंध के सबूत हैं, तो उसे भी कंपनी के पास जमा करें.
क्या है समाधान?
UAE लेबर कानून में इस तरह की स्थिति के लिए कोई एक स्पष्ट नियम नहीं है. फैसला इन चीजों पर निर्भर करता है:
- आपका एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट.
- कंपनी की पॉलिसी.
- आपके और कंपनी के बीच क्या समझौता हुआ है.
