आ गई जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख, नोएडा से जल्द शुरू होंगी उड़ानें!
CM आदित्यनाथ ने कहा कि यह एयरपोर्ट राज्य की अर्थव्यवस्था में 1 लाख करोड़ रुपये का योगदान देगा. इससे पहले 6 मार्च को, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जेवर एयरपोर्ट के लिए एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया था.
जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च को होगा. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बताया कि राज्य सरकार ने शनिवार 28 मार्च को ‘देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट’ का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया है. UP में अपनी सरकार के 9 साल पूरे होने के मौके पर बोलते हुए, CM आदित्यनाथ ने कहा, ‘हमने माननीय प्रधानमंत्री से 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने का अनुरोध किया है.
यूपी की इकोनॉमी में को मिलेगी मजबूती
CM आदित्यनाथ ने कहा कि यह एयरपोर्ट राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 लाख करोड़ रुपये की बनाने में सहयोग करेगा. इससे पहले 6 मार्च को, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जेवर एयरपोर्ट के लिए एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया था, जिससे उड़ान संचालन शुरू होने से पहले की आखिरी कानूनी बाधा दूर हो गई. यह लाइसेंस नागरिक उड्डयन नियमों के तहत दिया गया है, जिसके तहत इस हवाई अड्डे पर घरेलू यात्री उड़ानें और कार्गो ऑपरेशन की अनुमति है.
तैयार है एयरपोर्ट का इंफ्रास्ट्रक्चर
NIAL के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने कहा था कि बाकी की तैनाती और ऑपरेशनल व्यवस्थाएं जल्द ही पूरी होने की उम्मीद है, और साथ ही यह भी कहा कि हवाई अड्डे का इंफ्रास्ट्रक्चर अब तैयार है. नोएडा के बाहरी इलाके जेवर में बन रहे इस ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है, और एक बार पूरी तरह से चालू हो जाने पर, इसके भारत के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक बनने की उम्मीद है.
प्रोजेक्ट का पहला चरण
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का पहला चरण लगभग 1,300 हेक्टेयर में फैला है और इसमें एक रनवे और एक टर्मिनल बिल्डिंग शामिल है, जो सालाना लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम है. हवाई अड्डे पर यात्री सेवाएं मूल रूप से सितंबर 2024 में शुरू होने वाली थीं.
मजबूत होगी कनेक्टिविटी
उम्मीद जताई जा रही है कि यह एयरपोर्ट प्रोजेक्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में कनेक्टिविटी को काफी मजबूत करेगा, खासकर यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आस-पास के इलाकों में, जिससे आस-पास के क्षेत्रों में रिहायशी और कमर्शियल विकास की गति तेज होगी.
वर्षों तक, NCR में रियल एस्टेट की चर्चा ज्यादातर गुरुग्राम के इर्द-गिर्द ही घूमती रही, जो अपने कॉर्पोरेट हब और प्रीमियम रिहायशी टावरों के लिए जाना जाता है. लगातार विकास के बावजूद, नोएडा को अक्सर एक शांत और तुलनात्मक रूप से ज़्यादा किफायती विकल्प के तौर पर देखा जाता था. हालांकि, पिछले कुछ साल में यह समीकरण तेजी से बदला है.
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