बच्चों के 80% अंक लाने पर मां बनेगी ‘लाडो लक्ष्मी’, आय सीमा में 80 हजार की छूट, जानिए योजना में क्या-क्या बदला
सरकार के एक हालिया फैसले ने लाखों परिवारों का ध्यान खींचा है. महिलाओं, बच्चों की शिक्षा और पोषण से जुड़ी एक योजना में किए गए बदलावों से पात्रता का दायरा बढ़ा है. इससे कई परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कुछ पुराने मामलों में भी समाधान निकला है.
Lado Lakshmi Yojana update: नए साल के पहले ही दिन हरियाणा सरकार ने महिलाओं और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसले लिए हैं. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लाडो लक्ष्मी योजना के विस्तार को मंजूरी दी गई, जिससे हजारों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा. इसके साथ ही पेंशन, रोजगार और भूमि नीति से जुड़े फैसलों पर भी मुहर लगी है. सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा आकर्षण रहा महिलाओं को दी जाने वाली राशि में उनके बच्चों की भूमिका.
बच्चों के 80% अंक लाने पर मां बनेगी ‘लाडो लक्ष्मी’
कैबिनेट के फैसले के तहत लाडो लक्ष्मी योजना को अब और व्यापक बनाया गया है. जिन परिवारों की बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हुए 10वीं और 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाती हैं, उनकी माताओं को इस योजना का लाभ मिलेगा. सरकार का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करना और उनकी शिक्षा में परिवार की भागीदारी को मजबूत करना है.
इसके साथ ही सरकार ने योजना की आय सीमा में भी बदलाव किया है. अब सालाना आय सीमा में 80 हजार रुपये की अतिरिक्त छूट दी गई है. इससे ज्यादा परिवार इस योजना के दायरे में आ सकेंगे और पात्र महिलाओं की संख्या बढ़ेगी.
योजना को तीन कैटेगरी में बांटा गया
सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना को तीन कैटेगरी में विभाजित किया है.
- पहली कैटेगरी में वे परिवार शामिल हैं, जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और 10वीं व 12वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाते हैं.
- दूसरी कैटेगरी में केंद्र सरकार के मिशन के तहत कक्षा 1 से 4 तक ग्रेड लेवल प्रोफिशिएंसी हासिल करने वाले बच्चों की माताएं शामिल होंगी.
- तीसरी कैटेगरी में पोषण ट्रैकर से जुड़े वे बच्चे शामिल हैं, जो कुपोषित या एनीमिया से ग्रस्त थे और अब पोषण सुधार के बाद ग्रीन जोन में आ गए हैं. ऐसे बच्चों की माताओं को भी योजना का लाभ मिलेगा.
2100 रुपये की राशि अब दो हिस्सों में
अब इस योजना के तहत दी जाने वाली 2100 रुपये की सहायता राशि को दो चरणों में दिया जाएगा. इसमें 1100 रुपये सीधे महिलाओं के खाते में आएंगे, जबकि 1000 रुपये सरकार द्वारा फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा किए जाएंगे. यह एफडी पांच साल से अधिक समय तक नहीं खोली जा सकेगी. महिला की असामयिक मृत्यु की स्थिति में नॉमिनी को यह राशि तुरंत मिल जाएगी.
सरकार के मुताबिक अब तक करीब 10.25 लाख महिलाओं ने योजना के लिए आवेदन किया है, जिनमें से लगभग 8 लाख महिलाओं को सहायता मिल रही है. नए विस्तार के बाद 1,02,027 और महिलाएं इस योजना से जुड़ेंगी. हालांकि पात्रता के मूल मानकों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
रोडवेज के 347 ड्राइवरों को 22 साल बाद राहत
कैबिनेट ने हरियाणा रोडवेज के 347 वरिष्ठ ड्राइवरों को भी बड़ी राहत दी है. वर्ष 2002 में अनुबंध पर नियुक्त इन चालकों को अब नियमित कर 2002 से ही ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ दिया जाएगा. सेवा गणना उसी वर्ष से मानी जाएगी, जिससे उन्हें एरियर, पारिवारिक पेंशन और जीपीएफ जैसी सुविधाएं मिलेंगी.
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अन्य अहम फैसले
कैबिनेट ने पंचकूला में गोशाला के लिए जमीन आवंटन, HSIIDC भूमि नीति में बदलाव और एक विशेष मानवीय आधार पर पीड़ित की पत्नी को नौकरी देने जैसे फैसलों को भी मंजूरी दी है. सरकार का कहना है कि इन निर्णयों का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा, पारदर्शिता और जनकल्याण को मजबूत करना है.