2046 में कितनी होगी 1 करोड़ की वैल्यू, रिटायरमेंट के लिए बचा रहे हैं पैसा; ये फैक्टर्स बिगाड़ सकते हैं आपकी प्लानिंग

1 करोड़ रुपये आज भले ही बड़ा लक्ष्य लगता हो, लेकिन फ्यूचर में इसकी कीमत काफी कम हो सकती है. इसलिए रिटायरमेंट प्लानिंग करते समय महंगाई को नजरअंदाज करना बड़ी गलती हो सकती है. सही स्ट्रेटजी यही है कि आप अपने लक्ष्य को समय और महंगाई के हिसाब से अपडेट करते रहें और उसी के अनुसार निवेश करें.

रिटायरमेंट प्लानिंग Image Credit: FreePik

Inflation Effect On Savings: आज के समय में ज्यादातर लोग रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए 1 करोड़ रुपये को एक बड़ा लक्ष्य मानते हैं. लगता है कि इतना पैसा हो जाए तो जिंदगी आराम से कट जाएगी. लेकिन सच्चाई थोड़ी अलग है. महंगाई धीरे-धीरे इस रकम की असली कीमत को कम करती जाती है. ऐसे में सवाल ये नहीं है कि 1 करोड़ जोड़ पाएंगे या नहीं, बल्कि ये है कि 2046 में 1 करोड़ की वैल्यू आखिर कितनी रह जाएगी. आइए जानते हैं.

₹1 करोड़ की चमक क्यों पड़ सकती है फीकी ?

भारत में लंबे समय से 1 करोड़ रुपये को एक सुरक्षित रिटायरमेंट फंड माना जाता रहा है. लेकिन समय के साथ महंगाई इस रकम की खरीदने की ताकत को कम कर सकती है. रुपये की गिरती वैल्यू और बढ़ती कीमतें इसका साफ संकेत देती हैं.
सीधे शब्दों में कहें तो आज जो 1 करोड़ रुपये से आप खरीद सकते हैं, वही चीजें 20 साल बाद उतनी आसानी से नहीं मिलेंगी.

2046 में ₹1 करोड़ की असली कीमत कितनी हो सकती है?

RBI देश में महंगाई दर (CPI) को आमतौर पर लक्षित दायरे के बीच यानी 2 फीसदी से 6 फीसदी तक रखने का प्रयास करती है. इसी आधार पर अगर हम अगले 20 साल का अनुमान लगाएं, तो समझ सकते हैं कि 1 करोड़ रुपये की खरीदने की ताकत कितनी घट जाएगी.

महंगाई दर2046 में ₹1 करोड़ की वैल्यूआज के हिसाब से इसका मतलब
5%~ ₹37–40 लाखमध्यम गिरावट
6% ~ ₹31–32 लाखकाफी ज्यादा गिरावट
7%~ ₹25–26 लाखखरीदने की ताकत में तेज गिरावट
नोट: ये आंकड़े अनुमान पर आधारित हैं और लंबी अवधि की औसत महंगाई दर को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं. असल महंगाई दर समय के साथ आर्थिक हालात, सरकारी नीतियों और ग्लोबल फैक्टर्स के कारण बदल सकती है. सोर्स- Mint

रिटायरमेंट प्लानिंग में यह क्यों है जरूरी

रिटायरमेंट कोई छोटा समय नहीं होता. आमतौर पर यह 25 से 30 साल तक चलता है. इस दौरान खर्चे लगातार बढ़ते रहते हैं.

  • हेल्थ खर्च तेजी से बढ़ता है.
  • शहरों में लाइफस्टाइल सस्ता नहीं होता.
  • लंबी उम्र के कारण ज्यादा समय तक पैसे की जरूरत रहती है.
  • बच्चों की पढ़ाई, शादी और मेडिकल इमरजेंसी जैसे खर्च भी सामने आते हैं.
  • अगर इन सब चीजों को ध्यान में नहीं रखा गया, तो 1 करोड़ का लक्ष्य आपको झूठी सुरक्षा का एहसास दे सकता है.

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