सीनियर सिटीजन के लिए खुशखबरी, FD पर मिल रहा 7.9 फीसदी तक ब्याज, निवेश से पहले जान लें TDS के नियम
सीनियर सिटिजन के लिए कई बैंक 5 साल की FD पर करीब 7.9 फीसदी तक ब्याज दे रहे हैं. हालांकि छोटे वित्त बैंकों में निवेश करते समय सावधानी बरतना जरूरी है. इन बैंकों में जमा रकम पर 5 लाख रुपये तक डीआईसीजीसी सुरक्षा मिलती है. सीनियर सिटिजन के मामले में अगर FD का सालाना ब्याज एक लाख रुपये से ज्यादा हो जाता है तो बैंक TDS काटते हैं.
Senior Citizen FD Rates: फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD आज भी सुरक्षित निवेश का लोकप्रिय विकल्प माना जाता है. खासकर सीनियर सिटिजन के लिए कई बैंक ज्यादा ब्याज दर देते हैं. कुछ छोटे वित्त बैंक 5 साल की FD पर करीब 7.9 फीसदी तक ब्याज दे रहे हैं. हालांकि ज्यादा रिटर्न के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हो सकते हैं. इसलिए निवेश करने से पहले FD से जुड़े नियम और सुरक्षा को समझना जरूरी है.
छोटे वित्त बैंकों की FD में सावधानी जरूरी
छोटे वित्त बैंक की FD में निवेश करते समय थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी होता है. इन बैंकों का बिजनेस मॉडल पारंपरिक बैंकों से कुछ अलग होता है. हालांकि इन बैंकों में जमा रकम भी डिपॉजिट इंश्योरेंस क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन के तहत सुरक्षित रहती है. इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक की जमा राशि सुरक्षित रहती है. इसलिए जानकार सलाह देते हैं कि निवेशक अपनी FD राशि को इसी सीमा के भीतर रखें.
| बैंक का नाम | 5 साल की FD पर सीनियर सिटिजन ब्याज दर प्रतिशत |
|---|---|
| Equitas Small Finance Bank | 7.25 |
| ESAF Small Finance Bank | 7.50 |
| Jana Small Finance Bank | 6.25 |
| Shivalik Small Finance Bank | 7.77 |
| slice Small Finance Bank | 6.75 |
| Suryoday Small Finance Bank | 7.25 |
| Ujjivan Small Finance Bank | 7.90 |
| Utkarsh Small Finance Bank | 7.70 |
| Unity Small Finance Bank | 7.50 |
कब कटता है FD पर TDS
बैंक FD पर मिलने वाले ब्याज पर TDS काटते हैं. सीनियर सिटिजन के मामले में अगर एक बैंक में सालाना ब्याज एक लाख रुपये से ज्यादा हो जाता है तो TDS काटा जाता है. हालांकि TDS कोई अलग टैक्स नहीं है. अगर आपकी कुल टैक्स देनदारी कम है तो आयकर रिटर्न दाखिल करते समय आप इसका रिफंड भी ले सकते हैं.
कब मिलता है रिबेट
नए टैक्स सिस्टम के तहत वित्त वर्ष 2025 26 में 12 लाख रुपये तक की इनकम पर सेक्शन 87ए के तहत टैक्स रिबेट मिलता है. इसका मतलब है कि अगर किसी सीनियर सिटिजन की कुल आय 12 लाख रुपये तक है तो उसे इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता. ऐसे में वह बैंक को जरूरी घोषणा देकर TDS कटने से बच सकता है.
फॉर्म 15एच से बच सकते हैं TDS से
सीनियर सिटिजन फॉर्म 15एच जमा करके TDS कटने से बच सकते हैं. यह एक सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म होता है जिसे 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोग जमा कर सकते हैं. अगर सभी छूट और रिबेट के बाद उनकी कुल टैक्स देनदारी शून्य है तो बैंक TDS नहीं काटेगा. इससे निवेशकों को बाद में रिफंड लेने की जरूरत भी नहीं पड़ती.
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नियमों को समझकर करें निवेश
भले ही 12 लाख रुपये तक आय पर टैक्स नहीं लगता हो लेकिन बैंक ब्याज एक निश्चित सीमा से ज्यादा होने पर TDS काट सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि बैंकों को व्यक्ति की कुल टैक्स देनदारी की जानकारी नहीं होती. इसलिए निवेशकों को समय पर फॉर्म 15एच जमा करना चाहिए. इससे TDS से बचाव हो सकता है और निवेश भी सुरक्षित रहता है.
