अब पेंशनर्स के साथ नहीं होगा भेदभाव; DA और DR में अब नहीं होगा फर्क, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत देते हुए Supreme Court of India ने फैसला दिया है कि DA और DR में भेदभाव नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने कहा कि दोनों का मकसद महंगाई से राहत देना है इसलिए बढ़ोतरी समान होनी चाहिए.

केंद्रीय कर्मचारी Image Credit: Getty image

Dearness Allowance: देश के लाखों पेंशनर्स के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है. Supreme Court of India ने साफ कहा है कि महंगाई से राहत देने के लिए दिए जाने वाले DA और DR में भेदभाव नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने कहा कि जब दोनों का मकसद एक ही है तो बढ़ोतरी भी बराबर होनी चाहिए. इस फैसले से पेंशनर्स को बराबरी का हक मिलेगा. साथ ही सरकार और संस्थाओं के लिए भी यह एक अहम दिशा निर्देश बन गया है. आने वाले समय में इसका असर कई मामलों पर पड़ सकता है.

क्या था पूरा मामला

यह मामला KSRTC से जुड़ा था जहां कर्मचारियों का DA 14 प्रतिशत बढ़ाया गया. जबकि पेंशनर्स को सिर्फ 11 प्रतिशत DR दिया गया. इस अंतर को लेकर पेंशनर्स ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उनका कहना था कि दोनों भत्ते महंगाई से राहत देने के लिए होते हैं. इसलिए इनमें अंतर नहीं होना चाहिए. इसी मुद्दे पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया.

राज्य सरकार की दलील क्या थी

राज्य सरकार ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनर्स अलग अलग वर्ग हैं. इसलिए उन्हें अलग तरीके से ट्रीट किया जा सकता है. साथ ही सरकार ने वित्तीय दबाव का भी हवाला दिया. उनका कहना था कि सीमित संसाधनों के कारण यह फैसला लिया गया. लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को मानने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि यह तर्क सही नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि DA और DR दोनों का मकसद महंगाई के असर को कम करना है. इसलिए दोनों में बढ़ोतरी एक जैसी होनी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि महंगाई का असर कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों पर बराबर पड़ता है. ऐसे में अलग दर से बढ़ोतरी करना गलत है. यह फैसला समानता के अधिकार के खिलाफ है. इसलिए इसे मनमाना और भेदभावपूर्ण माना गया.

बराबरी के अधिकार पर जोर

कोर्ट ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर समानता के अधिकार से जुड़ा है. अलग अलग दर से DA और DR देना अनुचित है. यह संविधान के तहत मिलने वाले बराबरी के अधिकार का उल्लंघन है. कोर्ट ने यह भी कहा कि एक बार लाभ देने का फैसला हो जाए तो उसमें भेदभाव नहीं किया जा सकता. इससे सभी के लिए समान नियम लागू होंगे.

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पेंशनर्स पर क्या होगा असर

इस फैसले का असर देशभर के पेंशनर्स पर पड़ सकता है. अब उन्हें DA के बराबर DR मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. साथ ही यह फैसला सरकारी और सार्वजनिक संस्थाओं के लिए भी गाइडलाइन बनेगा. आने वाले समय में वेतन और पेंशन से जुड़े विवादों में इसका हवाला दिया जा सकता है. कुल मिलाकर यह फैसला पेंशनर्स के हक में एक मजबूत कदम माना जा रहा है.