सोने में है रिकॉर्ड तेजी, रिटर्न के लिए बेचना चाहते हैं पुराना गोल्ड- जान लें कितना देना पड़ेगा टैक्स
Gold बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स लगता है, जो कि सोने के प्रकार और उसके रखने की अवधि पर निर्भर करता है. अगर आप कोई पुराना सोने, बिना रसीद वाला सोना, फिजिकल गोल्ड, डिजिटल गोल्ड या पेपर गोल्ड बेचना चाहते हैं तो यहां जानें उस पर कैसे लगेगा टैक्स...
Tax on Selling Gold: सोना अपने उच्चतम स्तर पर है, हर दिन रिकॉर्ड बना रहा है. ऐसे में कई लोग सोना बेचकर इस बढ़ती कीमतों का फायदा उठाना चाहेंगे. तो सोना बेचने पर कैसे क्या टैक्स लगता है. अगर आपने डिजिटल गोल्ड में निवेश कर रखा है और आप उसे बेचना चाहते हैं तो कैसे टैक्स लगेगा. दूसरा, अगर आप अपने परिवार का कुछ पुराना सोना बेचना चाहते हैं और मान लीजिए उसकी कोई पक्की रसीद नहीं है. तो ऐसे में टैक्स देना पड़ेगा या नहीं? चलिए सब बताते हैं.
अगर पुराना सोना बिना रसीद वाला बेचना चाहते हैं तो भी टैक्स तो लगेगा. सोना एक कैपिटल एसेट माना जाता है, और जब आप इसे बेचते हैं, तो उस पर कैपिटल गेन टैक्स लगता है.
चूंकि ये सोना पुराना है यानी आपके दादा-परदादा का तो इसे उस संपत्ति में गिना जाएगा जो आपको विरासत में मिली है. तो इसे इनहेरिटेड एसेट माना जाएगा. इस पर जो टैक्स लगेगा, वो लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स यानी LTCG के अंतर्गत आएगा, क्योंकि ये 24 महीने से ज्यादा समय तक आपके पास रहा है.
कैसे टैक्स कैलकुलेट होगा
विरासत में मिले सोने का कैलकुलेशन 1 अप्रैल 2001 के हिसाब से फेयर मार्केट वैल्यू के तहत होगा. अगर आपने सोना 10 लाख में बेचा, और 1 अप्रैल 2001 को उसकी कीमत 3 लाख रुपये थी, तो:
10 लाख – 3 लाख = 7 लाख
अब इस 7 लाख रुपये पर आपको 12.5% LTCG टैक्स देना होगा, साथ में कुछ सरचार्ज और सेस भी जुड़ेंगे.
अगर आपके पास खरीद की रसीद नहीं है?
रसीद नहीं है तो कोई दिक्कत नहीं है. आप एक रजिस्टर्ड वैल्यूअर से उस पुराने सोने की वैल्यू निकलवा सकते हैं जो 1 अप्रैल 2001 की मार्केट वैल्यू के आधार पर होगी.
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डिजिटल गोल्ड: टैक्स कैलकुलेशन
डिजिटल गोल्ड भी सोने जैसा ही माना जाता है. फर्क बस इतना है कि ये ऑनलाइन खरीदा जाता है और फिजिकली आपको नहीं मिलता, बल्कि किसी कंपनी के वॉल्ट में रखा जाता है. इस पर RBI या SEBI का सीधा कंट्रोल नहीं होता.
डिजिटल गोल्ड पर भी वही टैक्स नियम लागू होते हैं. अगर आपने इसे 36 महीने या उससे ज्यादा समय तक रखा है, तो ये लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स माना जाएगा, और इस पर 20.8% टैक्स देना होगा. इतना ही टैक्स फिजिकल और पेपर गोल्ड पर भी लगाया जाता है.
अगर आपने इसे 36 महीने से कम समय में बेच दिया, तो ये शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स माना जाएगा और उस पर टैक्स आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार लगेगा.
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