टियर-2 शहरों के हाउसिंग मार्केट में सुस्ती, 2025 में घरों की बिक्री 10% घटी; विशाखापट्टनम में सबसे ज्यादा गिरावट

भारत के टियर-2 शहरों के हाउसिंग मार्केट में 2025 के दौरान सुस्ती देखने को मिली है. PropEquity की रिपोर्ट के अनुसार, टॉप 15 टियर-2 शहरों में घरों की बिक्री सालाना आधार पर 10 फीसदी घटकर 1,56,181 यूनिट रह गई. अफोर्डेबल हाउसिंग की घटती सप्लाई और बढ़ती कीमतों ने डिमांड पर दबाव बनाया है.

घरों की बिक्री में गिरावट. Image Credit: Getty image

Tier 2 housing market India: भारत के टियर-2 शहरों के हाउसिंग मार्केट में 2025 के दौरान साफ तौर पर सुस्ती देखने को मिली है. रियल एस्टेट एनालिटिक्स फर्म PropEquity की रिपोर्ट के अनुसार, देश के टॉप 15 टियर-2 शहरों में हाउसिंग सेल्स सालाना आधार पर 10 फीसदी गिरकर 1,56,181 यूनिट रह गईं. यह लगातार दूसरा साल है, जब इन शहरों में घरों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है. बढ़ती कीमतें और अफोर्डेबल हाउसिंग की घटती सप्लाई को इस सुस्ती की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही यूनिट के हिसाब से बिक्री में गिरावट आई हो, लेकिन बिके हुए घरों की कुल वैल्यू लगभग 1.48 लाख करोड रुपये पर स्थिर रही. इसका मतलब यह है कि कम घर बिके, लेकिन औसत टिकट साइज बढ़ा. यह ट्रेंड इस बात का संकेत देता है कि कीमतों में बढ़ोतरी और प्रीमियमाइजेशन के कारण असली डिमांड की कमजोरी छुप रही है.

ज्यादातर शहरों में बिक्री घटी

ट्रैक किए गए 15 में से 13 टियर-2 शहरों में हाउसिंग सेल्स में गिरावट दर्ज की गई. कुछ शहरों में यह गिरावट 38 फीसदी तक रही. विशाखापट्टनम में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई. इसके बाद भुवनेश्वर, वडोदरा और नागपुर जैसे शहरों में भी बिक्री में तेज कमी दर्ज की गई. हालांकि, मोहाली और लखनऊ ऐसे दो शहर रहे, जहां ट्रेंड के उलट बिक्री में बढ़त देखने को मिली.

मोहाली में हाउसिंग सेल्स 34 फीसदी बढ़ीं, जबकि लखनऊ में 6 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. कुल मिलाकर, हाउसिंग एब्जॉर्प्शन 2024 में 1,72,599 यूनिट से घटकर 2025 में 1,56,181 यूनिट रह गई, जो टियर-2 मार्केट में कमजोर होती रफ्तार को दिखा रहा है.

अफोर्डेबल सेगमेंट पर सबसे ज्यादा असर

इस गिरावट का सबसे बड़ा असर 1 करोड रुपये से कम कीमत वाले अफोर्डेबल और मिड-इनकम हाउसिंग सेगमेंट पर पड़ा है. 2025 में 1 करोड रुपये से कम कीमत वाले घरों की बिक्री में 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. कुल बिक्री में इस सेगमेंट की हिस्सेदारी घटकर 72 फीसदी रह गई, जो 2024 में 77 फीसदी थी.

इसके उलट, 1 करोड रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की बिक्री में 9 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है. कुल बिक्री में इस प्रीमियम सेगमेंट की हिस्सेदारी बढ़कर 28 फीसदी हो गई. इससे यह संकेत मिलता है कि एंड-यूजर डिमांड जहां कमजोर पड़ रही है, वहीं हाई-इनकम खरीदार अब भी मार्केट में एक्टिव बने हुए हैं.

गुजरात के शहरों का दबदबा बरकरार

गिरावट के बावजूद, गुजरात के टियर-2 शहरों का दबदबा बना हुआ है. अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और गांधीनगर ने मिलकर टॉप 15 शहरों की कुल हाउसिंग सेल्स का 63 फीसदी हिस्सा हासिल किया. अकेले अहमदाबाद में 2025 के दौरान 51,148 यूनिट की बिक्री हुई, हालांकि यहां भी सालाना आधार पर 8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

सूरत और वडोदरा में क्रमशः 15 फीसदी और 19 फीसदी की गिरावट आई, जबकि गांधीनगर में बिक्री लगभग स्थिर रही. PropEquity का कहना है कि अहमदाबाद का स्केल अब टियर-1 शहरों के करीब पहुंच रहा है, जो यह दिखा रहा है कि कुछ टियर-2 शहर अब बड़े शहरी बाजारों जैसा व्यवहार करने लगे हैं.

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