अडानी एनर्जी का बड़ा दांव! खरीदी दिग्गज स्मार्ट मीटर कंपनी, ₹3050 करोड़ का सौदा; शेयर हुए रॉकेट

अडानी ग्रुप की कंपनी Adani Energy Solutions ने 3,050 करोड़ रुपये में IntelliSmart Infrastructure का अधिग्रहण करने का समझौता किया है. इस डील के बाद कंपनी के पास 4.7 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो होगा, जिससे वह भारत की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटरिंग कंपनी बन जाएगी.

अडानी कंपनियों के स्टॉक Image Credit: TV9 Bharatvarsh

अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने पावर सेक्टर में अपनी बादशाहत मजबूत करते हुए एक बहुत बड़ी डील की है. कंपनी ने स्मार्ट मीटर बनाने वाली देश की दिग्गज कंपनी ‘इंटेलस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर’ (IntelliSmart Infrastructure) की 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक बाइंडिंग एग्रीमेंट साइन किया है. यह पूरा सौदा 3,050 करोड़ रुपये में हुआ है. इस बड़ी खबर के बाद शेयर बाजार में अडानी एनर्जी के स्टॉक पर निवेशकों की नजरें टिक गई हैं.

शेयरों में तेजी का माहौल

इस मेगा डील का असर कंपनी के शेयरों पर भी साफ देखने को मिल रहा है. मंगलवार को बाजार में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर मामूली बढ़त के साथ 1,574 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहे थे. पिछले कुछ समय से इस स्टॉक में लगातार मजबूती बनी हुई है.

बीते महज एक हफ्ते में ही कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को 5 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है, जबकि पिछले एक महीने का परफॉर्मेंस देखें तो इसने 16 फीसदी का तगड़ा मुनाफा कमा कर दिया है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई डील के बाद लॉन्ग टर्म में शेयर को और मजबूती मिल सकती है.

डील से कैसे बदलेगी अडानी एनर्जी की किस्मत?

‘इंटेलस्मार्ट’ दरअसल नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) का एक जॉइंट वेंचर (JV) है. 3,050 करोड़ रुपये के इस सौदे में इंटेलस्मार्ट की पूरी इक्विटी शेयर कैपिटल को खरीदना और NIIF के पास मौजूद डिबेंचर्स (OCDs) को भुनाना शामिल है. हालांकि, इस सौदे को पूरा करने के लिए अभी रेगुलेटरी मंजूरियां मिलना बाकी है.

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  • बनेगी देश की सबसे बड़ी कंपनी: इस अधिग्रहण के बाद अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के पास कुल 4.7 करोड़ से ज्यादा स्मार्ट मीटर हो जाएंगे, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा स्मार्ट मीटरिंग प्लेटफॉर्म बन जाएगी.
  • 5 राज्यों में सीधा कब्जा: इंटेलस्मार्ट के पास फिलहाल उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और असम जैसे बड़े राज्यों में 2.2 करोड़ से अधिक मीटर का पोर्टफोलियो है. इन राज्यों के बड़े कंज्यूमर मार्केट से अडानी ग्रुप को सीधे तौर पर बिजनेस बढ़ाने में मदद मिलेगी.
  • लागत में आएगी कमी: AESL के सीईओ कंदर्प पटेल के मुताबिक, इस डील से कंपनी की काम करने की क्षमता बढ़ेगी और ऑपरेशंस व मेंटेनेंस (O&M) पर आने वाला खर्च कम होगा, जिसका सीधा फायदा कंपनी के मुनाफे और अंततः शेयरधारकों को मिलेगा.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.