Adani Energy पर बुलिश है ब्रोकरेज, शेयर में आ सकती है 23% की तेजी; जानें टारगेट प्राइस
ब्रोकरेज JM Financial ने Adani Energy Solutions Limited पर BUY रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है और ₹1,199 का टारगेट दिया है. मजबूत ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक, स्मार्ट मीटरिंग विस्तार और भारत में बढ़ती बिजली मांग के चलते ब्रोकरेज को कंपनी में करीब 23% अपसाइड की उम्मीद है.
भारत में बिजली ग्रिड के बड़े विस्तार से जुड़ी संभावनाओं को देखते हुए ब्रोकरेज हाउस JM Financial ने Adani Energy Solutions Limited पर कवरेज की शुरुआत ‘BUY’ रेटिंग के साथ की है. ब्रोकरेज का मानना है कि देश में तेजी से बढ़ती बिजली मांग, रिन्यूएबल एनर्जी के विस्तार और स्मार्ट मीटरिंग के बड़े अवसरों के बीच यह कंपनी आने वाले वर्षों में मजबूत ग्रोथ की कहानी लिख सकती है. इसी भरोसे के साथ JM Financial ने कंपनी के शेयर के लिए ₹1,199 का टारगेट प्राइस तय किया है. यह शेयर गुरुवार को 974 के आसपास ट्रेड कर रहा था यानी इसमें मौजूदा स्तर से करीब 23% तक की तेजी आ सकती है.
ब्रोकरेज की राय
ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक भारत की बिजली मांग आने वाले वर्षों में तेज रफ्तार से बढ़ने वाली है और अनुमान है कि FY31 तक देश की पीक पावर डिमांड 351 गीगावॉट तक पहुंच सकती है. इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन, अमोनिया और डेटा सेंटर जैसी नई ऊर्जा जरूरतों से करीब 35 गीगावॉट की अतिरिक्त मांग भी जुड़ सकती है. इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए देश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता FY31 तक 490 गीगावॉट से बढ़कर 917 गीगावॉट होने का अनुमान है. इतनी बड़ी उत्पादन क्षमता को ग्रिड से जोड़ने के लिए 67,263 सर्किट किमी ट्रांसमिशन लाइन और 6,29,597 MVA ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता विकसित करने की योजना है जिस पर FY26 से FY31 के बीच करीब ₹4.86 लाख करोड़ का निवेश प्रस्तावित है.
₹77,800 करोड़ का ऑर्डर बुक
- JM Financial का मानना है कि इस विशाल अवसर का फायदा उठाने के लिए Adani Energy Solutions मजबूत स्थिति में है. कंपनी का ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक लगभग ₹77,800 करोड़ का है, जो बाजार में करीब 28% हिस्सेदारी को दर्शाता है. इसके अलावा करीब ₹1.3 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स फिलहाल निर्माणाधीन हैं. ब्रोकरेज को उम्मीद है कि इन प्रोजेक्ट्स के चालू होने से कंपनी का ट्रांसमिशन रेवेन्यू FY25 के ₹4,700 करोड़ से बढ़कर FY28 तक करीब ₹9,300 करोड़ तक पहुंच सकता है, जबकि इस सेगमेंट में EBITDA मार्जिन 90-92% के आसपास रहने की संभावना है.
- कंपनी का वितरण कारोबार भी स्थिर और मजबूत कैश फ्लो देने वाला है. मुंबई और मुंद्रा में कंपनी करीब 32.5 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करती है और इसका रेगुलेटेड एसेट बेस करीब ₹9,600 करोड़ है. साथ ही कंपनी हर साल लगभग ₹1,500 करोड़ का कैपेक्स कर रही है जिससे यह कारोबार लगातार विस्तार कर रहा है.
- स्मार्ट मीटरिंग सेगमेंट में भी कंपनी तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है. FY23 में इस क्षेत्र में प्रवेश के बाद कंपनी को अब तक 2.46 करोड़ स्मार्ट मीटर के ऑर्डर मिल चुके हैं जो भारत के कुल स्मार्ट मीटरिंग अवसर का करीब 17-20% हिस्सा है. दिसंबर 2025 तक कंपनी 61 लाख स्मार्ट मीटर इंस्टॉल कर चुकी है और आने वाले वर्षों में इंस्टॉलेशन की रफ्तार और बढ़ने की उम्मीद है.
ये रिस्क भी
हालांकि ब्रोकरेज ने कुछ जोखिमों का भी जिक्र किया है. इनमें कंपनी पर अपेक्षाकृत अधिक कर्ज, विदेशी मुद्रा जोखिम, नियामकीय अनिश्चितता और ट्रांसमिशन उपकरणों की संभावित कमी शामिल हैं. इसके अलावा निर्माणाधीन बड़े प्रोजेक्ट्स में जमीन अधिग्रहण और राइट ऑफ वे जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं.
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