Closing Bell: शेयर मार्केट क्रैश, निफ्टी 23200 के नीचे फिसला और सेंसेक्स 1470 अंक टूटा; 10 लाख करोड़ खाक
Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार हाल के समय के सबसे बड़े करेक्शन में से एक से गुजर रहा है. इसकी वजह अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, गिरता रुपया, FII की लगातार बिकवाली और बढ़ते मैक्रोइकोनॉमिक जोखिम हैं.
Closing Bell: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स करीब 1,400 अंक टूटा और निफ्टी 23,200 के स्तर से नीचे गिर गया, जिससे लगातार तीसरे सत्र में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. 13 मार्च को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए, और निफ्टी 23200 के नीचे आ गया.
सेंसेक्स 1,470.50 अंक या 1.93 फीसदी गिरकर 74,563.92 पर और निफ्टी 488.05 अंक या 2.06 फीसदी गिरकर 23,151.10 पर बंद हुआ. करीब 899 शेयरों में तेजी आई, 3200 शेयरों में गिरावट आई और 125 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.
टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी में पर सबसे अधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों में हिंडाल्को, L&T, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और JSW स्टील शामिल थे, जबकि बढ़त बनाने वाले शेयरों में टाटा कंज्यूमर, HUL और भारती एयरटेल शामिल थे.
सेक्टोरल इंडेक्स
सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुए, जिनमें ऑटो, PSU बैंक, मेटल, मीडिया और फार्मा 3-4% नीचे रहे.
सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए. Nifty Metal को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जो 4.82 फीसदी गिर गया, जबकि Nifty PSU Bank और Nifty Auto भी क्रमशः 3.72% और 3.60% की भारी गिरावट के साथ बंद हुए. Nifty FMCG इंडेक्स को छोड़कर, बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स 1% से ज्यादा के नुकसान के साथ बंद हुए.
10 लाख करोड़
इस भारी बिकवाली से BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन से लगभग 10 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए, जिससे यह घटकर 430 लाख करोड़ रुपये रह गया.
पश्चिम एशिया में तनाव का असर
ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल का टकराव, जो 28 फरवरी को शुरू हुआ था, अब भी जारी है और तनाव बढ़ता जा रहा है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के नए सर्वोच्च नेता, मोजतबा खामेनेई ने लड़ाई जारी रखने और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने का संकल्प लिया है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी खामेनेई को जान से मारने की परोक्ष धमकी दी और सैन्य हमले का बचाव किया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गंभीर परिणामों की चेतावनियों के बावजूद, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बना रहा है और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहा है.
