Closing Bell: भारी गिरावट के बाद बाजार की मजबूत वापसी, जानें- आखिरी घंटों में कैसे आ गई सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी

Closing Bell: 2 अप्रैल को एक उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,700 के करीब रहा. कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद, सत्र के आखिर में हुई खरीदारी की वजह से इनमें यह बढ़त देखने को मिली.

शेयर बाजार की वापसी. Image Credit: Tv9 Network

Closing Bell: गुरुवार को सुबह के कारोबार में शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स और निफ्टी 2 फीसदी तक टूट गए. लेकिन कारोबार के आखिरी कुछ घंटों में बाजार ने वापसी की और आखिर में दोनों ही इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए. दिन की शुरुआत में सेंसेक्स 1,500 से ज्यादा अंक गिर गया था, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की अवधि को लेकर स्थिति साफ होने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

2 अप्रैल को एक उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,700 के करीब रहा.

सेंसेक्स 185.23 अंक या 0.25 फीसदी बढ़कर 73,319.55 पर और निफ्टी 33.70 अंक या 0.15 फीसदी बढ़कर 22,713.10 पर बंद हुआ. लगभग 2548 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, 1505 शेयरों में गिरावट आई और 147 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

टॉप गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी पर सबसे अधिक बढ़त हासिल करने वाले शेयरों में HCL Technologies, Tech Mahindra, TCS, Nestle और Wipro शामिल थे. जबकि Eternal, Asian Paints, Eicher Motors, NTPC और Sun Pharma में सबसे अधिक गिरावट आई.

सेक्टोरल इंडेक्स

विभिन्न सेक्टरों में, IT इंडेक्स में 2.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. जबकि PSU Bank, Oil & Gas, Pharma और Consumer Durables सेक्टरों में 1 फीसदी की गिरावट आई.

शेयर बाजार में क्यों आई तेजी?

वैल्यू बाइंग: 2 अप्रैल को दिन की शुरुआत में बाजारों में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के बाद वैल्यू बाइंग देखने को मिली. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने दिन के निचले स्तर से 2.3 फीसदी की रिकवरी दर्ज की.

निफ्टी 200 में टेक्नोलॉजी और उससे जुड़ी कंपनियां सबसे अधिक मुनाफा कमाने वालों में शामिल थीं. LTIMindtree और Coforge के शेयर क्रमशः 2 फीसदी से ज्यादा और लगभग 3 फीसदी ऊपर रहे, जबकि KPIT Technologies के शेयरों में मामूली बढ़त देखने को मिली. Persistent Systems के शेयरों में 2 फीसदी की तेजी आई.

Nifty IT इंडेक्स में बढ़त देखने को मिली. इसके ज्यादातर शेयर ऊपर ट्रेड कर रहे थे, क्योंकि निवेशक कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं. इस सेक्टोरल इंडेक्स में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त हुई. Nifty 50 में IT शेयरों ने सबसे अधिक बढ़त दर्ज की, जिसमें HCL Tech और Tech Mahindra क्रमशः 3% और 2.2% ऊपर चढ़े.

मजबूत रुपया: भारतीय रुपये ने 12 साल से भी ज्यादा समय में अपनी सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की़. ऐसा तब हुआ जब RBI ने कमजोर एक्सचेंज रेट के खिलाफ सट्टेबाजी पर अपनी सख्ती बढ़ा दी. उन्होंने बैंकों की स्थानीय स्थितियों पर सीमाएं कड़े करने के कुछ ही दिनों बाद, ऑफशोर डेरिवेटिव्स पर भी पाबंदियां बढ़ा दीं.

गुरुवार को रुपया 2 फीसदी तक बढ़कर 92.8725 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जो सितंबर 2013 के बाद दिन की सबसे ज्यादा बढ़त है. यह बढ़त तब हुई जब ज्यादातर क्षेत्रीय करेंसीज में कमजोरी देखी जा रही थी, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्राइमटाइम संबोधन में ईरान युद्ध से बाहर निकलने के लिए कोई साफ समय-सीमा नहीं बताई.

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