HAL बनाम BEL: डिफेंस सेक्टर का असली बादशाह कौन, डिफेंस बूम में किस स्टॉक से मिल सकता है बेहतर रिटर्न
भारत के डिफेंस बूम में HAL और BEL दो अलग रणनीतियों के साथ आगे बढ़ रहे हैं. HAL बड़े ऑर्डर बुक और रणनीतिक प्लेटफॉर्म जैसे Tejas और हेलिकॉप्टर के दम पर स्केल की ताकत दिखाता है. वहीं BEL डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स में लगातार ग्रोथ, तेज एग्जीक्यूशन और स्थिर मार्जिन से निवेशकों को आकर्षित कर रहा है.
HAL vs BEL: भारत के डिफेंस सेक्टर में बीते कुछ वर्षों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. Atmanirbhar Bharat नीति, बढ़ता रक्षा बजट और आयात पर निर्भरता कम करने की रणनीति ने डिफेंस कंपनियों को नए मौके दिए हैं. इसी डिफेंस बूम में दो सरकारी कंपनियां सबसे ज्यादा चर्चा में हैं Hindustan Aeronautics Limited और Bharat Electronics Limited. एक तरफ HAL अपने बड़े ऑर्डर और रणनीतिक प्लेटफॉर्म के दम पर आगे है, तो दूसरी तरफ BEL अपनी लगातार ग्रोथ और तेज एग्जीक्यूशन से निवेशकों का भरोसा जीत रही है.
HAL की ताकत
HAL भारत की सबसे बड़ी एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है. यह फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर और एयरक्राफ्ट इंजन बनाती है. सितंबर 2025 तक HAL का ऑर्डर बुक करीब 190000 करोड़ रुपये से ज्यादा का था. इसमें Tejas Mk 1A, Su 30 MKI और हेलिकॉप्टर प्रोजेक्ट शामिल हैं. वित्त वर्ष 2025 में HAL की बिक्री 30981 करोड़ रुपये रही और पिछले पांच साल में कंपनी की बिक्री CAGR 7.6 फीसदी रही. कंपनी के शेयर शुक्रवार को 0.40 फीसदी की गिरावट के साथ 4462 रुपये पर बंद हुए. इसने अपने निवेशकों को पिछले 5 साल में 853 फीसदी का रिटर्न दिया है.
उतार-चढ़ाव वाली ग्रोथ
HAL का बिजनेस बड़े प्रोजेक्ट्स पर आधारित है, इसलिए इसकी कमाई डिलीवरी और माइलस्टोन पर निर्भर रहती है. इसी कारण रेवेन्यू ग्रोथ कभी तेज तो कभी धीमी रहती है. हालांकि मुनाफे के मोर्चे पर HAL मजबूत है. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 8364 करोड़ रुपये रहा और पांच साल का प्रॉफिट CAGR 23.7 फीसदी रहा. साथ ही HAL ने वित्त वर्ष 2025 में 40 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया.
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| सेक्टर | एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग |
| मार्केट कैप | ₹2,984.9 अरब |
| 1 साल का रिटर्न | 14 प्रतिशत |
| 5 साल का रेवेन्यू CAGR | 7.6 प्रतिशत |
| FY25 रेवेन्यू | ₹3,09,810 करोड़ |
| FY25 नेट प्रॉफिट | ₹83,641 करोड़ |
| 5 साल का प्रॉफिट CAGR | 23.7 प्रतिशत |
| ऑर्डर बुक | ₹1.9 लाख करोड़ से अधिक |
| ROCE | 33.2 प्रतिशत |
| ROE | 22 प्रतिशत |
| PE रेश्यो | 35.2 |
| PB रेश्यो | 8.1 |
| FY25 डिविडेंड प्रति शेयर | ₹40 |
| कर्ज स्थिति | लगभग शून्य |
BEL की ताकत
BEL डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट की लीडर कंपनी है. यह रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, मिसाइल इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन सिस्टम बनाती है. अक्टूबर 2025 तक BEL का ऑर्डर बुक 74450 करोड़ रुपये का था. BEL की खास बात यह है कि इसके प्रोजेक्ट्स का एग्जीक्यूशन साइकिल छोटा होता है, जिससे रेवेन्यू तेजी से बुक होता है.
ग्रोथ और मजबूत मार्जिन
BEL की बिक्री पिछले पांच साल में लगातार बढ़ी है. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की बिक्री 23769 करोड़ रुपये रही और पांच साल का CAGR 12.9 फीसदी रहा. मुनाफे के मोर्चे पर भी BEL आगे है. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 5287 करोड़ रुपये रहा और पांच साल का CAGR 24.2 फीसदी रहा. BEL के मार्जिन HAL की तुलना में ज्यादा स्थिर माने जाते हैं. कंपनी के शेयर शुक्रवार को 0.72 फीसदी की तेजी के साथ 418 रुपये पर बंद हुए. इसने अपने निवेशकों को पिछले 5 साल में 843 फीसदी का रिटर्न दिया है.
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| सेक्टर | डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स |
| मार्केट कैप | ₹3,060.2 अरब |
| शेयर प्राइस स्थिति | पीक से 5 प्रतिशत नीचे |
| 5 साल का रेवेन्यू CAGR | 12.9 प्रतिशत |
| FY25 रेवेन्यू | ₹2,37,688 करोड़ |
| FY25 नेट प्रॉफिट | ₹52,872 करोड़ |
| 5 साल का प्रॉफिट CAGR | 24.2 प्रतिशत |
| ऑर्डर बुक | ₹74,450 करोड़ |
| ROCE | 29.8 प्रतिशत |
| ROE | 26.9 प्रतिशत |
| PE रेश्यो | 53.7 |
| PB रेश्यो | 14.2 |
| FY25 डिविडेंड प्रति शेयर | ₹2.4 |
| कर्ज स्थिति | लगभग शून्य |
वैल्यूएशन में फर्क
मार्केट वैल्यूएशन की बात करें तो BEL को HAL से ज्यादा प्रीमियम मिलता है. HAL का PE करीब 35 है, जबकि BEL का PE करीब 54 है. HAL जहां स्केल और रणनीतिक महत्व के कारण पसंद किया जाता है, वहीं BEL को उसकी स्थिर ग्रोथ और तेज एग्जीक्यूशन के लिए ऊंचा वैल्यूएशन मिलता है.