डिफेंस बजट 15% बढ़ा, फिर भी बाजार नाखुश क्यों? HAL, BDL, GRSE समेत दिग्गज शेयर 6% तक टूटे
बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को 7.85 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन मिलने के बावजूद डिफेंस शेयरों में गिरावट देखी गई. बड़े नीतिगत ऐलान और स्पष्ट ऑर्डर रोडमैप की कमी से निवेशक निराश नजर आए, जिसके चलते HAL, Bharat Dynamics और शिपबिल्डिंग कंपनियों के शेयर दबाव में रहे.
Why Defence stock is falling: बजट 2026-27 में भले ही रक्षा मंत्रालय को अब तक का सबसे बड़ा आवंटन मिला हो, लेकिन शेयर बाजार ने इस खबर का स्वागत नहीं किया. सोमवार को डिफेंस सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच यह सवाल उठने लगा कि जब बजट में 15 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, तो फिर डिफेंस स्टॉक्स दबाव में क्यों हैं. बाजार की चाल साफ इशारा कर रही है कि सिर्फ बजट बढ़ना ही निवेशकों को खुश करने के लिए काफी नहीं है.
रक्षा बजट रिकॉर्ड स्तर पर
केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा सेवाओं के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो सभी मंत्रालयों में सबसे ज्यादा है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह राशि अगले वित्त वर्ष के अनुमानित GDP का करीब 2 फीसदी है. यह आवंटन पिछले साल के बजटीय अनुमान के मुकाबले 15.19 फीसदी ज्यादा है. कुल केंद्रीय सरकारी खर्च में रक्षा बजट की हिस्सेदारी 14.67 फीसदी रही है. इस कुल बजट में से करीब 28 फीसदी कैपिटल खर्च के लिए रखा गया है, जबकि बाकी रकम ऑपरेशनल जरूरतों, वेतन, पेंशन और सिविल संगठनों पर खर्च होगी.
फिर भी डिफेंस शेयर क्यों टूटे
बजट के अगले ही कारोबारी दिन डिफेंस कंपनियों के शेयरों में 5 फीसदी तक की गिरावट देखी गई. Nifty Defence Index करीब 1.76 फीसदी फिसल गया, जबकि 1 फरवरी को इसमें पहले ही 5.6 फीसदी की बड़ी गिरावट आ चुकी थी. HAL, Bharat Dynamics, Mazagon Dock Shipbuilders, Cochin Shipyard, Garden Reach Shipbuilders, ITI और BEML जैसे शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे. Bharat Dynamics में करीब 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि HAL और शिपबिल्डिंग कंपनियों में भी 1 से 3 फीसदी तक का नुकसान दिखा.
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निवेशकों की निराशा की वजह
बाजार जानकारों का कहना है कि निवेशक इस बजट से डिफेंस सेक्टर के लिए किसी बड़े पॉलिसी ऐलान या नए सुधार की उम्मीद कर रहे थे. हालांकि कैपेक्स बढ़ाया गया, लेकिन ‘मेक इन इंडिया’, निजी क्षेत्र की बड़ी भागीदारी या नए ऑर्डर से जुड़े किसी ठोस रोडमैप का अभाव रहा.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.




