डिश टीवी पर फिर गाज! एक्सचेंजों ने ठोका जुर्माना, लगातार घाटे में बने स्टॉक पर फिर मंडराया खतरा
देश की एक बड़ी डीटीएच कंपनी पर एक बार फिर कार्रवाई हुई है. शेयर बाजार के दोनों प्रमुख एक्सचेंजों ने कंपनी को नोटिस भेजते हुए जुर्माना ठोका है. इसकी वजह बोर्डरूम से जुड़ी खींचतान और शेयरहोल्डर्स के फैसले बताए जा रहे हैं. मामला लंबे समय से अटका हुआ है.
देश की प्रमुख डीटीएच कंपनी डिश टीवी एक बार फिर नियामकीय नियमों का पालन न करने के चलते मुश्किल में आ गई है. कंपनी पर बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने बोर्ड की संरचना और कोरम की कमी को लेकर जुर्माना लगाया है. यह पहली बार नहीं है, बल्कि पिछले दो सालों से लगातार कंपनी इसी वजह से जुर्माने का सामना कर रही है. कंपनी के निवेशक कई वक्त से इसके गिरावट से परेशान भी है. 1 साल पहले कंपनी का स्टॉक 14 रुपये पर ट्रेड कर रहा था लेकिन वो गिरावट के साथ 5 रुपये पर ट्रेड होने लगे हैं.
शेयरहोल्डर्स की नाराजगी बनी वजह
Dish TV ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में कहा है कि बोर्ड में कमी की स्थिति दरअसल शेयरहोल्डर्स की मंजूरी न मिलने के कारण बनी. कंपनी का दावा है कि कई प्रस्तावों पर शेयरधारकों ने हामी नहीं भरी, जिसके चलते नए निदेशकों की नियुक्ति नहीं हो पाई और बोर्ड की संख्या नियमों के अनुरूप पूरी नहीं रही. डिश टीवी ने यह भी साफ किया कि यह स्थिति कंपनी या बोर्ड के नियंत्रण से बाहर है.
कितने का लगा जुर्माना
बीएसई और एनएसई ने कंपनी पर सेबी (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशन 2015 के नियम 17(1) और 19(1)/(2) के उल्लंघन के लिए जुर्माना ठोका है. दोनों एक्सचेंजों ने 5.69 लाख रुपये-5.69 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. यानी कुल मिलाकर कंपनी पर 11.38 लाख रुपये का दंड लगा है. जुर्माने की रकम 15 दिन के भीतर जमा करनी होगी. डिश टीवी ने साफ कहा है कि वह यह राशि चुकाएगी और इसका कंपनी की वित्तीय या संचालन गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
लंबे समय से चल रहा बोर्ड विवाद
डिश टीवी का बोर्ड विवाद कोई नया नहीं है. कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, इसके बोर्ड में इस समय सात लोग शामिल हैं जिनमें चेयरपर्सन-सीईओ मनोज डोभाल, चार स्वतंत्र निदेशक, सीएफओ और कंपनी सेक्रेटरी हैं, लेकिन बोर्ड को लेकर असली जंग प्रमोटर ग्रुप और बड़े शेयरहोल्डर्स के बीच रही है.
Zee Group के संस्थापक सुभाष चंद्रा का परिवार डिश टीवी में करीब 4 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है. कभी यस बैंक इसका सबसे बड़ा शेयरधारक था, लेकिन अब उसने अपनी 24.2 प्रतिशत हिस्सेदारी जेसी फ्लॉवर्स एसेट रिकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी है.
पिछले तीन सालों में कई अहम प्रस्ताव शेयरधारकों ने खारिज कर दिए. इसमें जून 2022 में जवाहर लाल गोयल की दोबारा एमडी के तौर पर नियुक्ति और सितंबर 2022 में वित्त वर्ष 2020-21 व 2021-22 के खातों को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी शामिल है. यही वजह है कि कंपनी का बोर्ड लगातार अधूरा बना हुआ है और एक्सचेंजों की नजर में गैर-अनुपालक (non-compliant) माना जा रहा है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.