एक हफ्ते में ₹14,266 करोड़ की विदेशी बिकवाली, फिर भी बाजार बड़ी गिरावट से बचा, जानें कहां से मिला सपोर्ट
शेयर बाजार में बीते हफ्ते कुछ ऐसे संकेत मिले, जिन्होंने निवेशकों को सतर्क कर दिया है. विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू निवेश के बीच एक अलग तरह का संतुलन देखने को मिला. सूचकांक भले ही ज्यादा नहीं बदले, लेकिन बाजार के अंदर हलचल साफ महसूस की जा सकती है.
FPIs Outflow: शेयर बाजार में बीते हफ्ते विदेशी निवेशकों की बेचैनी साफ तौर पर देखने को मिली. एक तरफ जहां विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक लगातार भारतीय शेयरों से पैसा निकालते रहे, वहीं दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों ने मोर्चा संभाले रखा. इसी खींचतान के बीच बाजार बड़ी गिरावट से तो बच गया, लेकिन निवेशकों का भरोसा पूरी तरह मजबूत होता भी नहीं दिखा.
FPIs की लगातार बिकवाली
National Securities Depository Limited के आंकड़ों के मुताबिक 16 जनवरी को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से कुल 14,266 करोड़ रुपये निकाल लिए. यह बिकवाली चार कारोबारी सत्रों में देखने को मिली, क्योंकि गुरुवार को बीएमसी चुनावों के चलते बाजार बंद था.
12 जनवरी को एफपीआई ने 3,686.99 करोड़ रुपये की बिक्री की. इसके बाद 13 जनवरी को 3,108.35 करोड़ रुपये और 14 जनवरी को 429.85 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई. हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन 16 जनवरी को बिकवाली फिर तेज हो गई और 3,515.33 करोड़ रुपये बाजार से निकल गए.
घरेलू निवेशकों ने दिया सहारा
विदेशी निवेशकों की निकासी के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 16,174 करोड़ रुपये का निवेश किया. इसी वजह से बाजार में बड़ी गिरावट नहीं आई और प्रमुख सूचकांक हफ्ते के अंत में लगभग सपाट बंद होने में कामयाब रहे.
डॉलर में कितना निकला पैसा, रुपये की चाल
डॉलर के लिहाज से देखें तो पूरे हफ्ते में एफपीआई ने करीब 1,182.70 मिलियन डॉलर निकाले. सिर्फ शुक्रवार को ही 389.72 मिलियन डॉलर की निकासी दर्ज की गई. इस दौरान रुपये की स्थिति काफी हद तक स्थिर रही और यह 90.14 से 90.27 रुपये प्रति डॉलर के दायरे में कारोबार करता रहा.
सूचकांकों और सेक्टरों का हाल
हफ्ते के अंत में निफ्टी 50 मामूली बढ़त के साथ 23,694.35 पर बंद हुआ. बीएसई सेंसेक्स भी 83,570.35 के स्तर पर लगभग स्थिर रहा. बैंक निफ्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया और 1.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 60,095.15 पर बंद हुआ. सेक्टरों की बात करें तो कैपिटल मार्केट्स, पीएसयू बैंक और मेटल शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली. वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी और फार्मा सेक्टर दबाव में रहे.
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कर्ज बाजार में मिला-जुला रुख
कर्ज बाजार में विदेशी निवेशकों का रुख मिला-जुला रहा. सामान्य श्रेणी में एक दिन बड़ी निकासी देखी गई, जबकि एफएआर यानी फुली एक्सेसिबल रूट के तहत लगातार निवेश आता रहा. इससे साफ है कि विदेशी निवेशक पूरी तरह भारत से मुंह नहीं मोड़ रहे, लेकिन फिलहाल वे सतर्कता बरत रहे हैं.