मुनाफा 11 गुना, हुआ डिविडेंड ऐलान, बावजूद IIFL Finance के शेयर 18% टूटे, क्यों निवेशकों ने छोड़ा साथ?
एक तरफ जबरदस्त तिमाही नतीजे, दूसरी तरफ शेयर में तेज गिरावट. बाजार में ऐसा कम ही देखने को मिलता है. IIFL Finance के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां मजबूत मुनाफा और कारोबार बढ़ने के बावजूद निवेशकों की चिंता बढ़ गई. आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने बाजार का मूड बदल दिया?
IIFL Finance Crash: शेयर बाजार में कई बार आंकड़े मजबूत होते हैं, लेकिन निवेशकों का भरोसा डगमगा जाता है. गुरुवार को IIFL Finance के शेयरों में कुछ ऐसा ही देखने को मिला. शानदार तिमाही नतीजों और मुनाफे में जबरदस्त उछाल के बावजूद शेयर में तेज गिरावट आई. बाजार में अचानक बने दबाव और कुछ अनिश्चित खबरों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया, जिसका असर सीधे शेयर की कीमत पर दिखा.
शेयर में अचानक तेज गिरावट
गुरुवार को IIFL Finance के शेयर NSE पर 17.9 प्रतिशत तक लुढ़क गए और इंट्रा-डे में Rs 511.15 के निचले स्तर तक पहुंच गए. दिनभर भारी बिकवाली देखने को मिली और करीब 3 बजे तक NSE पर 1.4 करोड़ से ज्यादा शेयरों का कारोबार हो चुका था. अंत में शेयर Rs 528.25 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 15.19 प्रतिशत कम था. इतनी तेज गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी.
हालांकि शेयर गिरने की आधिकारिक वजह कंपनी की ओर से साफ नहीं की गई है, लेकिन ET Now की रिपोर्ट के मुताबिक माना जा रहा है कि कंपनी को GST विभाग से तीन पेनाल्टी ऑर्डर मिले हैं. इन ऑर्डर्स की कुल राशि करीब Rs 13.2 करोड़ बताई जा रही है. माना जा रहा है कि इसी खबर के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली और जोखिम से बचने के लिए शेयर बेचना शुरू किया.
Q3 में मुनाफे की मजबूत छलांग
कंपनी ने दिसंबर तिमाही यानी Q3FY26 के नतीजे जारी किए, जो आंकड़ों के लिहाज से काफी मजबूत रहे. इस तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट Rs 464 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के Rs 41 करोड़ के मुकाबले 1,041 प्रतिशत ज्यादा है. तिमाही आधार पर भी मुनाफा 23 प्रतिशत बढ़ा है.
कंपनी की ऑपरेशंस से कुल आय Q3FY26 में Rs 3,427.45 करोड़ रही, जो सालाना आधार पर 40 प्रतिशत ज्यादा है. हालांकि पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 4 प्रतिशत की ही बढ़त दर्ज हुई.
डिविडेंड और AUM की स्थिति
IIFL Finance के बोर्ड ने Rs 4 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है, जिसके लिए 29 जनवरी 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है. कंपनी का कंसॉलिडेटेड AUM तिमाही आधार पर 9 प्रतिशत बढ़कर Rs 98,336 करोड़ हो गया. इसमें सबसे मजबूत प्रदर्शन गोल्ड लोन सेगमेंट का रहा, जहां AUM सालाना आधार पर 189 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 26 प्रतिशत बढ़कर Rs 43,432 करोड़ पहुंच गया.
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अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट की तस्वीर
होम लोन AUM सालाना आधार पर 5 प्रतिशत बढ़कर Rs 31,893 करोड़ रहा, लेकिन तिमाही आधार पर इसमें हल्की गिरावट देखी गई. MSME लोन AUM 17 प्रतिशत YoY और 4 प्रतिशत QoQ बढ़कर Rs 10,081 करोड़ हो गया. वहीं माइक्रोफाइनेंस AUM मैक्रो दबाव के चलते 19 प्रतिशत सालाना गिरकर Rs 8,360 करोड़ पर आ गया.
मजबूत नतीजों के बावजूद शेयर में आई गिरावट यह दिखाती है कि बाजार सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि जोखिम और अनिश्चितता को भी उतनी ही अहमियत देता है.
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