GDP ग्रोथ को पीछे छोड़ सकता है ट्रैवल-टूरिज्म सेक्टर, इन स्टॉक्स में दिखेगा असर; रडार पर रखें निवेशक
भारत का ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर GDP से तेज रफ्तार से बढ़ने को तैयार है. एयरलाइंस, होटल और ऑनलाइन ट्रैवल कंपनियों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है. IndiGo, Chalet Hotels और Ixigo जैसे स्टॉक्स लंबी अवधि में निवेशकों के लिए बड़े अवसर पेश कर सकते हैं.
GDP Growth and Travel Sector Stocks: भारत का ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर इस समय तेजी से ग्रोथ के दौर में है और आने वाले सालों में यह निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर बन सकता है. अनुमान है कि भारत का ट्रैवल मार्केट, देश की GDP ग्रोथ की तुलना में 1.5 से 1.8 गुना तेज रफ्तार से बढ़ेगा. अगर भारत की GDP ग्रोथ 6 से 8 फीसदी सालाना रहती है, तो ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री की सालाना ग्रोथ 10 से 12 फीसदी तक हो सकती है. यही वजह है कि इसे भारत की सबसे मजबूत कंजम्पशन थीम्स में से एक माना जा रहा है.
ट्रैवल और टूरिज्म को क्या दे रहा है रफ्तार?
ट्रेनब्रेंस ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेक्टर की तेज ग्रोथ के पीछे कई स्ट्रक्चरल कारण हैं. लोगों की डिस्पोजेबल इनकम में बढ़ोतरी, बेहतर सड़क और हवाई कनेक्टिविटी, एयर ट्रैवल का सस्ता होना, ट्रैवल पर मिलने वाली टैक्स छूट और एक्सपीरिएंस बेस्ड पर्यटन (Leisure & Experiential Travel) में बढ़ती रुचि- ये सभी इस इंडस्ट्री को आगे बढ़ा रहे हैं.
एविएशन सेक्टर में IndiGo सबसे आगे
भारतीय एविएशन सेक्टर में इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है. घरेलू बाजार में इसकी हिस्सेदारी 63 से 65 फीसदी के करीब है. कंपनी के पास अगले 10 सालों में डिलीवरी के लिए करीब 900 नए एयरक्राफ्ट का ऑर्डर है, जो इसके बड़े विस्तार की कहानी कहता है. फिलहाल IndiGo की 23 से 25 फीसदी कमाई इंटरनेशनल ऑपरेशंस से आती है, जो 2030 तक बढ़कर 40 फीसदी तक पहुंच सकती है. मजबूत कॉस्ट कंट्रोल और हाई एयरक्राफ्ट यूटिलाइजेशन की वजह से कंपनी का EBITDA मार्जिन 23 फीसदी से ज्यादा है, जो इसे दुनिया की सबसे मुनाफेदार एयरलाइंस में शामिल करता है.
IndiGo के शेयर का हाल?
कंपनी के शेयर शुक्रवार, 9 जनवरी को 1.27 फीसदी की गिरावट के साथ 4,844 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ. पिछले कुछ समय से स्टॉक दबाव में रहा. पिछले 3 महीने में कंपनी के शेयर का भाव 15.87 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है. हालांकि, महीनेभर के दौरान इसमें रिकवरी होती हुई दिख रही है. इस दौरान शेयर में 0.25 फीसदी की मामूली तेजी आई है. कंपनी का मार्केट कैप 1,87,292 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
होटल सेक्टर भी मल्टी-ईयर बूम में
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का होटल सेक्टर एक मल्टी-ईयर अपसाइकल में है. होटल रूम्स की मांग 10 से 12 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रही है, जबकि सप्लाई सिर्फ 4 से 5 फीसदी बढ़ रही है, खासकर मेट्रो शहरों में. इस गैप की वजह से होटल्स की ऑक्यूपेंसी और रूम रेट्स में लगातार इजाफा हो रहा है. Chalet Hotels को होटल सेक्टर में पसंदीदा स्टॉक माना गया है, क्योंकि इसका फोकस मेट्रो सिटीज में प्रीमियम प्रॉपर्टीज पर है. कंपनी अगले 2 से 3 सालों में अपने होटल रूम्स की संख्या 3,300 से बढ़ाकर करीब 4,000 करने की योजना में है. साथ ही, इसका एन्युटी बिजनेस दोगुना होने की उम्मीद है, जिसमें करीब 95 फीसदी EBITDA मार्जिन है.
Chalet Hotels के शेयर का हाल?
कंपनी का शेयर शुक्रवार, 9 जनवरी को 0.35 फीसदी टूटकर 870.95 रुपये पर बंद हुआ. पिछले 3 महीने में इसमें 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है. वहीं, 3 साल के दौरान स्टॉक का भाव 156 फीसदी तक चढ़ा है. कंपनी का मार्केट कैप 19,106 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
ऑनलाइन ट्रैवल में Ixigo की मजबूत पकड़
ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स में Ixigo की पोजिशन काफी अलग और मजबूत मानी जा रही है. ट्रेन टिकट बुकिंग में इसकी पकड़ मजबूत है और बस व फ्लाइट टिकटिंग में भी इसका मार्केट शेयर लगातार बढ़ रहा है. स्केल बढ़ने और ऑपरेटिंग लेवरेज के चलते कंपनी के रेवेन्यू मार्जिन में सुधार की उम्मीद है. खासकर होटल बिजनेस के बढ़ने से अगले 3 सालों में EBITDA मार्जिन 13 से 15 फीसदी तक पहुंच सकता है.
Ixigo के शेयर की स्थिति?
कंपनी के शेयर भी शुक्रवार, 9 जनवरी को 2.47 फीसदी टूटकर 218.90 रुपये पर बंद हुए. पिछले 6 महीने के दौरान इसमें 25 फीसदी तक की तेजी दिखी. वहीं, 3 साल के दौरान स्टॉक का भाव 58 फीसदी तक बढ़ा है. कंपनी का मार्केट कैप 9,587 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
GDP ग्रोथ से तेज रफ्तार से बढ़ती ट्रैवल डिमांड का सीधा फायदा एयरलाइंस, होटल्स और ऑनलाइन ट्रैवल कंपनियों को मिलने वाला है. IndiGo, Chalet Hotels और Ixigo जैसी कंपनियां भारत की लंबी अवधि की ट्रैवल और टूरिज्म ग्रोथ स्टोरी का बड़ा हिस्सा बन सकती हैं. ऐसे में यह सेक्टर आने वाले वर्षों में निवेशकों के लिए मल्टीबैगर अवसर पेश कर सकता है. साथ ही इससे जुड़े स्टॉक्स भी निवेशकों को लॉन्ग टर्म में अच्छी कमाई करा सकते हैं.
ये भी पढ़ें- सोमनाथ मंदिर से महमूद गजनवी ने कितना लूटा था सोना, 1000 साल बाद फिर जिंदा हुआ सवाल; आज होती इतनी कीमत
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.