IT शेयरों में बिकवाली से त्राहिमाम! LIC और म्यूचुअल फंड को झटका, Infosys से हुआ ₹39000 करोड़ का नुकसान

IT शेयरों में इस गिरावट का सीधा असर म्यूचुअल फंड्स और Life Insurance Corporation of India यानी LIC के पोर्टफोलियो पर पड़ा है. दोनों की हिस्सेदारी निफ्टी IT की ज्यादातर कंपनियों में है. फरवरी में अब तक सभी 10 निफ्टी IT शेयर 17 से 27 प्रतिशत तक गिर चुके हैं.

बड़ी बिकवाली Image Credit: Canva

फरवरी महीने में IT शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते असर और ऑटोमेशन के डर ने लेबर-बेस्ड भारतीय IT इंडस्ट्री पर दबाव बढ़ा दिया है. 25 फरवरी को थोड़ी राहत जरूर दिखी, लेकिन पूरे महीने टेक शेयरों में भारी गिरावट रही. NIFTY IT इंडेक्स फरवरी में अब तक करीब 21 प्रतिशत टूट चुका है. चूंकि IT कंपनियों का बेंचमार्क इंडेक्स में 10 प्रतिशत से ज्यादा वेटेज है, इसलिए इसका असर पूरे बाजार पर पड़ा है.

म्यूचुअल फंड और LIC को बड़ा नुकसान

IT शेयरों में इस गिरावट का सीधा असर म्यूचुअल फंड्स और Life Insurance Corporation of India यानी LIC के पोर्टफोलियो पर पड़ा है. दोनों की हिस्सेदारी निफ्टी IT की ज्यादातर कंपनियों में है. फरवरी में अब तक सभी 10 निफ्टी IT शेयर 17 से 27 प्रतिशत तक गिर चुके हैं. इस दौरान म्यूचुअल फंड्स को करीब 64,000 करोड़ रुपये और LIC को लगभग 37,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. यानी कुल मिलाकर 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की वैल्यू घट गई.

सबसे ज्यादा झटका किन शेयरों से

  • इस गिरावट में Infosys सबसे बड़ा वेल्थ डेस्ट्रॉयर बनकर उभरा है. अकेले इसी शेयर ने म्यूचुअल फंड्स के पोर्टफोलियो से करीब 26,000 करोड़ रुपये की वैल्यू कम कर दी. दिसंबर तिमाही तक म्यूचुअल फंड्स की कंपनी में 22 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी थी.
  • LIC को भी इंफोसिस में करीब 13,308 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
  • दूसरी बड़ी IT कंपनी Tata Consultancy Services यानी टीसीएस में 16 प्रतिशत की गिरावट से म्यूचुअल फंड्स और LIC की संयुक्त संपत्ति में 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आई.
  • इसके अलावा Wipro, HCL Technologies और Tech Mahindra में भी तेज गिरावट से निवेशकों की बड़ी संपत्ति मिट गई.
  • कुल मिलाकर AI से जुड़ी चिंताओं के बीच निफ्टी IT कंपनियों की मार्केट वैल्यू में करीब 5 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आ चुकी है.

IT शेयर क्यों टूट रहे ?

करीब 300 बिलियन डॉलर के IT सर्विस सेक्टर को लेकर सबसे बड़ा डर यह है कि AI प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन घटा सकता है, डील विनिंग पर असर डाल सकता है और लेबर बेस्ड डिलीवरी मॉडल के मुनाफे को कम कर सकता है. अमेरिका की कंपनियां जैसे Anthropic और Palantir Technologies लगातार नए AI टूल लॉन्च कर रही हैं, जिससे ऑटोमेशन तेज हो रहा है. साथ ही भारतीय IT कंपनियां अभी भी अमेरिका और यूरोप पर काफी निर्भर हैं. वहां की ग्रोथ को लेकर अनिश्चितता, फेड द्वारा उम्मीद से धीमी दर कटौती और IT बजट में सावधानी जैसे फैक्टर डील फ्लो को प्रभावित कर रहे हैं.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.