FIIs और DIIs दोनों की पहली पसंद बना यह इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक, जून तिमाही में बढ़ाई हिस्सेदारी; रखें नजर

JSW Infrastructure में FIIs और DIIs ने जून 2026 तिमाही में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जिससे कंपनी पर संस्थागत निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है. कंपनी पोर्ट क्षमता बढ़ाने, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का विस्तार करने और FY30 तक 8,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू लक्ष्य पर काम कर रही है. JSW Infrastructure का फोकस नए पोर्ट, रेल लॉजिस्टिक्स और मल्टी-मॉडल नेटवर्क के विस्तार पर है.

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Highlights

  • जून 2026 तिमाही में FIIs और DIIs दोनों ने JSW Infrastructure में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है.
  • कंपनी का लक्ष्य FY30 तक पोर्ट और लॉजिस्टिक्स कारोबार से 8,000 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करना है.
  • विस्तार के लिए FY25-FY30 के बीच 9,000 करोड़ रुपये का Capex करने की योजना है.

JSW Infrastructure: भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की प्रमुख कंपनी JSW Infrastructure इन दिनों विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की पसंद बनती जा रही है. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में Foreign Institutional Investors (FIIs) और Domestic Institutional Investors (DIIs) दोनों ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की आक्रामक विस्तार रणनीति, लॉजिस्टिक्स कारोबार में बढ़ती मौजूदगी और नई परियोजनाओं के दम पर निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है.

FIIs और DIIs ने बढ़ाई हिस्सेदारी

अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान FIIs ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 4.29 फीसदी अंक बढ़ाकर 11.21 फीसदी कर ली. वहीं, DIIs ने भी 6.76 फीसदी अंक की बढ़ोतरी के साथ अपनी हिस्सेदारी 9.19 फीसदी तक पहुंचा दी. बाजार में ऐसी कंपनियां बहुत कम हैं, जिनमें एक ही तिमाही के दौरान विदेशी और घरेलू दोनों संस्थागत निवेशकों ने एक साथ अपना निवेश बढ़ाया हो.

पोर्ट क्षमता बढ़ाने पर बड़ा दांव

वर्तमान में JSW Infrastructure के पास भारत के पूर्वी और पश्चिमी तट पर कुल 186 मिलियन टन प्रति वर्ष (MMTPA) की ऑपरेशनल क्षमता है. इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा में कंपनी की 5 MMTPA क्षमता वाली सुविधाएं भी हैं. कंपनी कोयला, लौह अयस्क, कंटेनर, लिक्विड कार्गो और ड्राई बल्क जैसे विभिन्न प्रकार के कार्गो का संचालन करती है, जिससे किसी एक क्षेत्र पर उसकी निर्भरता कम रहती है.

कंपनी ने FY28 तक अपनी क्षमता बढ़ाकर 300 MMTPA और FY30 तक 400 MMTPA करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए केनी पोर्ट, मुर्बे पोर्ट, जटाधर पोर्ट, ओडिशा में 30 MMTPA स्लरी पाइपलाइन और ओमान में 27 MMTPA ग्रीनफील्ड पोर्ट जैसी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है.

लॉजिस्टिक्स कारोबार बनेगा अगला ग्रोथ इंजन

कंपनी अब केवल पोर्ट ऑपरेटर नहीं रहना चाहती, बल्कि खुद को एक पूर्ण लॉजिस्टिक्स कंपनी के रूप में विकसित कर रही है. इसकी सहयोगी कंपनी नवकार कॉर्पोरेशन ने पहली तिमाही में घरेलू कार्गो वॉल्यूम में 40 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की. साथ ही अरक्कोनम गति शक्ति कार्गो टर्मिनल में वाणिज्यिक ऑपरेशनल भी शुरू कर दिया गया है.

कंपनी इनलैंड कंटेनर डिपो (ICDs), मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क्स (MMLPs), कंटेनर फ्रेट स्टेशन (CFS) और गति शक्ति कार्गो टर्मिनल्स (GCTs) के जरिए अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है. रेल लॉजिस्टिक्स में भी कंपनी 25 रेल रेक खरीद चुकी है और निकट भविष्य में इनकी संख्या 110 तक पहुंचाने की योजना है.

FY30 तक 8,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य

कंपनी ने FY30 तक केवल लॉजिस्टिक्स कारोबार से 8,000 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए FY25 से FY30 के बीच करीब 9,000 करोड़ रुपये का कैपेक्स किया जाएगा.

कैसा है शेयर का हाल

अगर शेयर की बात करें, तो मंगलवार को कंपनी का शेयर 1.60 फीसदी की बढ़त के साथ 334.25 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. वहीं, पिछले एक सप्ताह में इसमें 3.84 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.