Persistent Systems ने जर्मनी की Nagarro SE में खरीदी अतिरिक्त 61% हिस्सेदारी, शेयरों पर रखें नजर
Persistent Systems ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि इसके साथ ही, उसने जर्मन फर्म में कुल 83.25 फीसदी हिस्सेदारी (ट्रेजरी शेयरों को छोड़कर) हासिल कर ली है. ऑफर पूरा होने के बाद, Persistent की योजना Frankfurt स्टॉक एक्सचेंज के रेगुलेटेड मार्केट (Prime Standard) और अन्य ओपन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से Nagarro के शेयरों को डीलिस्ट कराने की है.
Highlights
- दो हफ्ते का अतिरिक्त एक्सेप्टेंस पीरियड 23 सितंबर, 2026 को शुरू होगा.
- टेकओवर ऑफर Galaxy Germany Holding SE के जरिए पूरा किया गया.
- बोर्ड ने प्रस्तावित डीलिस्टिंग का समर्थन करने पर सहमति जताई है.
IT सर्विस देने वाली कंपनी Persistent Systems ने मंगलवार को बड़ी डील की है. कंपनी ने जर्मन डिजिटल इंजीनियरिंग फर्म Nagarro SE में अतिरिक्त 61.15 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली है. इससे पहले, Persistent ने Lantano Beteiligungen GmbH के साथ शेयर खरीद समझौते के तहत Frankfurt में लिस्टेड इस कंपनी में 22.10 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की थी.
किसके जरिए हुआ टेकओवर?
Persistent Systems ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि इसके साथ ही, उसने जर्मन फर्म में कुल 83.25 फीसदी हिस्सेदारी (ट्रेजरी शेयरों को छोड़कर) हासिल कर ली है और ट्रांजैक्शन को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी 50 फीसदी हिस्सेदारी की न्यूनतम सीमा को पार कर लिया है.
यह टेकओवर ऑफर Galaxy Germany Holding SE के जरिए पूरा किया गया, जो Persistent Systems की पूरी तरह से अपनी सीधी सब्सिडियरी कंपनी है.
कब ऑफर किए गए थे शेयर?
17 सितंबर, 2026 को खत्म हुए एक्सेप्टेंस पीरियड के दौरान, शेयरधारकों ने कुल 7,568,145 शेयर पेश किए, जो Nagarro की कुल शेयर कैपिटल और वोटिंग अधिकारों का लगभग 61.15 फीसदी है.
अतिरिक्त एक्सेप्टेंस पीरियड
जर्मन सिक्योरिटीज एक्विजिशन एंड टेकओवर एक्ट के प्रावधानों के तहत, दो हफ्ते का अतिरिक्त एक्सेप्टेंस पीरियड 23 सितंबर, 2026 को शुरू होगा और 6 अक्टूबर, 2026 को आधी रात (CEST) को खत्म होगा.
फाइलिंग में कहा गया है कि Nagarro के जिन शेयरधारकों ने अभी तक अपने शेयर पेश नहीं किए हैं, वे इस दौरान 81 EUR प्रति शेयर के नकद मूल्य पर ऑफर स्वीकार कर सकते हैं.
वैल्यू पाने का आकर्षक मौका
Persistent Systems के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संदीप कालरा ने कहा, ‘हमने Nagarro के शेयरधारकों को पूरी और तुरंत वैल्यू पाने का एक आकर्षक मौका दिया है. ऑफर की सफलता इसके आकर्षण और Persistent और Nagarro को एक साथ लाने के पीछे की रणनीतिक सोच की पुष्टि करती है.’
उन्होंने कहा कि कंपनी ‘AI-बेस्ड डिजिटल इंजीनियरिंग लीडर’ बनाने के लिए डील पूरी करने की दिशा में बाकी कदम उठाने के लिए उत्सुक है.
इस साल की शुरुआत में, जब Persistent ने इस अधिग्रहण की घोषणा की थी, तो उसने कहा था कि इस कदम से 2.9 अरब डॉलर के रेवेन्यू रन रेट वाली एक ग्लोबल AI-बेस्ड डिजिटल इंजीनियरिंग पावरहाउस बनेगी.
शेयरों की लिक्विडिटी होगी कम
ऑफर पूरा होने के बाद, Persistent की योजना Frankfurt स्टॉक एक्सचेंज के रेगुलेटेड मार्केट (Prime Standard) और अन्य ओपन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से Nagarro के शेयरों को डीलिस्ट कराने की है.
पर्सिस्टेंट ने बताया कि डीलिस्टिंग की वजह से नगरो (Nagarro) को जर्मन SDAX इंडेक्स से बाहर होना पड़ेगा और शेयरों की लिक्विडिटी भी कम हो जाएगी. इसके मैनेजमेंट बोर्ड ने प्रस्तावित डीलिस्टिंग का समर्थन करने पर सहमति जताई है.
मंगलवार को Persistent Systems के शेयर 1 फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ 5,365.50 रुपये पर बंद हुए थे. इस डील के बाद बुधवार को आईटी सर्विस कंपनी के शेयर फोकस में रहेंगे.
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