ट्रंप ने किया इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर का खुला समर्थन, ईरान के चेकपॉइंट्स को लेकर कही बड़ी बात

ट्रंप ने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकॉनॉमिक कॉरिडोर यानी IMEC को लेकर अमेरिका के समर्थन की पुष्टि की है. उन्होंने मिडिल ईस्ट के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को ईरान के चेकपॉइंट्स से दूर करने की जरूरत बताई. ट्रंप ने ऑयल ट्रांसपोर्ट के लिए पाइपलाइंस और दूसरे अल्टरनेटिव रूट्स का भी समर्थन किया. यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली के इतर GCC और अरब लीडर्स के साथ बैठक में ट्रंप ने मिडिल ईस्ट की सिक्योरिटी, एनर्जी सप्लाई और कमर्शियल शिपिंग से जुड़े मुद्दों पर बात की है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Image Credit: Andrew Harnik/Getty Images

Highlights

  • ट्रंप ने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकॉनॉमिक कॉरिडोर को खुला समर्थन दिया है.
  • मिडिल ईस्ट के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को ईरान के चेकपॉइंट्स से दूर करने की जरूरत बताई है.
  • ट्रंप ने ऑयल ट्रांसपोर्ट के लिए अल्टरनेटिव रूट्स पर जोर दिया है.

Trump IMEC: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकॉनॉमिक कॉरिडोर यानी IMEC को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन IMEC का मजबूती से समर्थन करता है. उन्होंने मिडिल ईस्ट के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को ईरान के चेकपॉइंट्स से दूर करने की जरूरत बताई है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब वेस्ट एशिया में जारी युद्ध के बीच क्षेत्र के कई देशों में हमले और कमर्शियल शिपिंग से जुड़े घटनाक्रम सामने आए हैं.

अरब लीडर्स के साथ बैठक में दिया बयान

ट्रंप ने मंगलवार को स्थानीय समय के अनुसार यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली के इतर GCC और अरब लीडर्स के साथ हुई बैठक में यह बयान दिया. उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों में कमर्शियल शिपिंग पर हुए हमलों ने मिडिल ईस्ट के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर नई जरूरत को सामने रखा है.

ईरान से दूर एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत

ट्रंप ने बैठक के दौरान कहा कि ईरान की ओर से कमर्शियल शिपिंग पर किए गए हमलों ने मिडिल ईस्ट के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को ईरान के चेकपॉइंट्स से दूर करने की जरूरत को दिखाया है. इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकॉनॉमिक कॉरिडोर और ऑयल ट्रांसपोर्ट के दूसरे विकल्पों का मजबूती से समर्थन करता है.

उन्होंने ऑयल को क्षेत्र से बाहर ले जाने के लिए पाइपलाइंस समेत दूसरे इन्फ्रास्ट्रक्चर विकल्पों का भी उल्लेख किया. ट्रंप के मुताबिक, मिडिल ईस्ट लंबे समय से चली आ रही कई चुनौतियों को दूर करने के करीब पहुंच रहा है.

IMEC क्या है और क्यों है महत्वपूर्ण?

इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकॉनॉमिक कॉरिडोर को 2023 में पेश किया गया था. इस कॉरिडोर में इंडिया को गल्फ रीजन से जोड़ने वाला ईस्टर्न कॉरिडोर और गल्फ रीजन को यूरोप से जोड़ने वाला नॉर्दर्न कॉरिडोर शामिल है. IMEC के तहत रेलवे और शिप-रेल ट्रांजिट नेटवर्क के साथ रोड ट्रांसपोर्ट रूट्स को विकसित करने की योजना है. इसका उद्देश्य इंडिया, गल्फ रीजन और यूरोप के बीच ट्रांसपोर्ट और इकॉनॉमिक कनेक्टिविटी को बढ़ाना है.

ट्रंप की ओर से IMEC को लेकर समर्थन ऐसे समय सामने आया है, जब मिडिल ईस्ट में एनर्जी सप्लाई और कमर्शियल शिपिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा एक अहम मुद्दा बनी हुई है. ऐसे में एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर के वैकल्पिक रूट्स और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क्स पर चर्चा बढ़ रही है.

ट्रंप ने ईरान को फिर दी चेतावनी

बैठक के दौरान ट्रंप ने ईरान को लेकर अपनी पहले की कड़ी टिप्पणियों को भी दोहराया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को फाइनेंशियली आइसोलेट किया है और उम्मीद जताई कि ईरान जल्द सही कदम उठाएगा. ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि एक समय ऐसा आ सकता है, जब बहुत देर हो जाएगी और ईरान के एक नेशन के तौर पर अस्तित्व को बचाने का मौका नहीं रहेगा. उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि ईरान जल्द कदम उठाए. यह बयान यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली में उनके पहले के रिमार्क्स के अनुरूप ही है.

मिडिल ईस्ट को लेकर US की रणनीति

ट्रंप ने GCC और अरब लीडर्स के साथ बैठक में मौजूद नेताओं को अमेरिका के करीबी एलाइज और पार्टनर्स बताया. उन्होंने कहा कि इन देशों के साथ मिलकर अमेरिका का उद्देश्य मिडिल ईस्ट को ज्यादा सुरक्षित और प्रॉस्परस बनाना है. इस बयान को ईरान से जुड़े एनर्जी और शिपिंग रिस्क्स के बीच अल्टरनेटिव एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी रूट्स पर अमेरिकी जोर के रूप में भी देखा जा रहा है.

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