2026 की पहली यूनिकॉर्न बनी Juspay, 450 करोड़ की फंडिंग से वैल्यूएशन 1.2 अरब डॉलर पहुंचा; रोजाना 30 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन
फिनटेक कंपनी Juspay 2026 की पहली यूनिकॉर्न बन गई है. कंपनी ने Series D फॉलो ऑन राउंड में करीब 450 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिससे इसका वैल्यूएशन 1.2 अरब डॉलर पहुंच गया. Juspay रोजाना 30 करोड़ से ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन प्रोसेस करती है और इसका एनुअलाइज्ड पेमेंट वॉल्यूम 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है.
Juspay Unicorn: भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को 2026 की शुरुआत में बड़ी सफलता मिली है. फिनटेक कंपनी Juspay ने 450 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाकर 2026 का पहला यूनिकॉर्न बनने का दर्जा हासिल कर लिया है. इस Series D फॉलो ऑन राउंड के बाद कंपनी का वैल्यूएशन 1.2 अरब डॉलर यानी करीब 11 हजार करोड़ रुपये पहुंच गया है. इस डील का नेतृत्व WestBridge Capital ने किया है.
Juspay ने बताया कि इस फंडिंग राउंड में प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों तरह का निवेश शामिल है. सेकेंडरी हिस्से के जरिए शुरुआती निवेशकों और ESOP रखने वाले कर्मचारियों को लिक्विडिटी मिली है. यह पिछले एक साल में Juspay की दूसरी ऐसी लिक्विडिटी इवेंट है, जिससे टीम और शुरुआती निवेशकों को सीधा लाभ हुआ है.
2026 का पहला यूनिकॉर्न क्यों खास
2026 में अब तक किसी भी भारतीय स्टार्टअप को यूनिकॉर्न का दर्जा नहीं मिला था. Juspay का यह मुकाम हासिल करना दिखाता है कि निवेशक अब भी मजबूत बिजनेस मॉडल और स्केलेबल टेक्नोलॉजी पर भरोसा कर रहे हैं. खासतौर पर फिनटेक और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. Juspay आज दुनिया की सबसे बड़ी पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल है. कंपनी रोजाना 30 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन प्रोसेस करती है. Amazon, Flipkart, Google, Swiggy, Zepto, IndiGo और HSBC जैसे बड़े ब्रांड Juspay की सर्विस का इस्तेमाल करते हैं. कंपनी का एनुअलाइज्ड पेमेंट वॉल्यूम 1 ट्रिलियन डॉलर को पार कर चुका है.
ग्लोबल विस्तार पर खर्च होगी कैपिटल
नई फंडिंग का इस्तेमाल Juspay अपने ग्लोबल ऑपरेशंस बढ़ाने में करेगा. कंपनी एशिया पैसिफिक, मिडल ईस्ट, यूरोप, यूके, नॉर्थ अमेरिका और लैटिन अमेरिका में अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर फोकस करेगी. इसके साथ ही ओपन सोर्स और मॉड्यूलर पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर बनाया जाएगा. Juspay भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भी निवेश कर रही है. कंपनी का मकसद मर्चेंट एक्सपीरियंस बेहतर करना और वर्कफोर्स प्रोडक्टिविटी बढ़ाना है. मैनेजमेंट का मानना है कि AI आधारित इनोवेशन से पेमेंट सिस्टम ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनेंगे.
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निवेशकों का भरोसा क्यों मजबूत
WestBridge Capital का कहना है कि Juspay ने पेमेंट ऑर्केस्ट्रेशन से लेकर फुल स्टैक पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर तक का सफर तय किया है. मजबूत टेक्नोलॉजी, स्थिर ग्रोथ और मुनाफे पर फोकस की वजह से Juspay फिनटेक सेक्टर में अलग पहचान बना रहा है. Juspay का 2026 का पहला यूनिकॉर्न बनना इस बात का संकेत है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय स्टार्टअप्स में निवेश की संभावनाएं बनी हुई हैं.खासकर B2B फिनटेक और इंफ्रास्ट्रक्चर टेक कंपनियां निवेशकों के रडार पर बनी हुई हैं.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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