सऊदी अरब से मिला बड़ा ऑर्डर, ₹1476 करोड़ है वैल्यू, गोली की तरह भागा शेयर, एक दिन में 5% से ज्यादा चढ़ा
KEC International को सऊदी अरब समेत कई देशों में ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट के लिए नए ऑर्डर मिले हैं, जिससे कंपनी का कुल ऑर्डर इनटेक इस वित्त वर्ष में करीब ₹22,800 करोड़ हो गया है. इस खबर के बाद ही इसके शेयरों में उछाल देखने को मिला, हालांकि बाद में इसमें थोड़ी गिरावट आई है.
Infra Stocks: इन्फ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग और EPC सेक्टर की प्रमुख कंपनी KEC International के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है. कंपनी को भारत समेत कई देशों में ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) से जुड़े नए ऑर्डर मिले हैं. कंपनी ने जानकारी दी कि उसे ₹1,476 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं. सबसे बड़ा प्रोजेक्ट सऊदी अरब के लिए है. इस ऑर्डर के बाद से ही शेयरों में तेजी देखने को मिली है. इसके शेयर एक दिन में 5 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए. नतीजतन शेयर 578.95 रुपये पर पहुंच गए; हालांकि बाद में इसमें थोड़ी गिरावट देखने को मिली.
प्रोजेक्ट की खासियत
कंपनी के मुताबिक उसे मिले ऑर्डरों में सबसे बड़ा प्रोजेक्ट सऊदी अरब के लिए है. इसमें 380 kV ट्रांसमिशन लाइन, सबस्टेशन और एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (EHV) केबलिंग शामिल है. यह सऊदी अरब में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा कॉम्पोजिट T&D ऑर्डर बताया जा रहा है.
ये ऑर्डर भी लाइन में
- अफ्रीका में 132 kV ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट
- भारत और अमेरिका में टॉवर सप्लाई के ऑर्डर
- अमेरिका में हार्डवेयर और पोल सप्लाई के कॉन्ट्रैक्ट भी मिले हैं .
मजबूत होगी स्थिति
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO विमल केजरीवाल का कहना है कि अलग-अलग क्षेत्रों से मिले ये ऑर्डर वैश्विक T&D सेक्टर में निवेश की मजबूती को दिखाते हैं. मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद सऊदी अरब में इतना बड़ा ऑर्डर मिलना मिडिल ईस्ट में जारी निवेश का सकारात्मक संकेत है. वहीं अफ्रीका में मिला प्रोजेक्ट उस क्षेत्र में T&D सेक्टर की धीरे-धीरे हो रही रिकवरी को दर्शाता है. इन ऑर्डरों के साथ कंपनी का इस वित्त वर्ष में अब तक का कुल ऑर्डर इनटेक लगभग ₹22,800 करोड़ तक पहुंच गया है.
फरवरी में भी मिला था बड़ा ऑर्डर
- इससे पहले फरवरी में भी कंपनी ने अपने अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट में ₹1,002 करोड़ के नए ऑर्डर मिलने की जानकारी दी थी.
- कंपनी ने अपने तीसरी तिमाही के नतीजों के दौरान बताया कि उसने भारत में 5 डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं और इस सेक्टर में नए अवसरों के लिए लगातार बोली लगा रही है.
- कंपनी आने वाले वर्षों में डेटा सेंटर से सालाना करीब ₹1,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखती है.
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जल जीवन मिशन का फायदा
हाल में सरकार ने Jal Jeevan Mission को 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. इस योजना के लिए कुल ₹8.69 लाख करोड़ का बजट तय किया गया है. कंपनी का मानना है कि इस फंडिंग से सेक्टर में करीब ₹800 करोड़ के बकाया भुगतान मिलने की संभावना बढ़ेगी. इससे प्रोजेक्ट्स की गति और कैश फ्लो बेहतर हो सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बढ़ने से आने वाले समय में कंपनी को और बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना बनी हुई है. इसका फायदा भी कंपनी को मिल सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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