इंफ्रा सेक्टर की इस कंपनी पर रखें नजर, 4 साल में 49% बढ़ा ऑर्डर बुक, कंपनी के पास है ₹41000 करोड़ का टेंडर
सरकार के बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च के बीच केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड मजबूत ऑर्डर बुक और स्थिर रेवेन्यू ग्रोथ के साथ आगे बढ़ रही है. कंपनी का ऑर्डर बुक 41,000 करोड़ रुपये पर बना हुआ है और तिमाही आय में दो अंकों की बढ़ोतरी दर्ज हुई है. हालांकि, मुनाफे पर हल्का दबाव है.
KEC International Order Book: भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेजी का फायदा उठाने वाली प्रमुख ईपीसी कंपनी KEC International Ltd इन दिनों निवेशकों के बीच चर्चा में है. सरकार की ओर से बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने से कंस्ट्रक्शन सेक्टर को मजबूती मिल रही है. ऐसे माहौल में कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक और स्थिर ऑपरेटिंग प्रदर्शन भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दे रहा है, हालांकि मुनाफे पर हल्का दबाव भी दिखा है.
ऑर्डर बुक 41,000 करोड़ रुपये पर मजबूत
कंपनी का ऑर्डर बुक 31 दिसंबर 2025 तक 41,000 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा. यह 2021 के 28,500 करोड़ रुपये से लगभग 49% अधिक है. सबसे बड़ा हिस्सा ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) से है, जहां ऑर्डर बुक 26,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है. सिविल सेगमेंट में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक और ट्रांसपोर्टेशन में 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऑर्डर मौजूद है. इसके अलावा रिन्यूएबल्स, ऑयल एंड गैस और केबल्स एंड कंडक्टर्स सेगमेंट में भी कंपनी का मजबूत बैकलॉग है. ऑर्डर बुक में डायवर्सिफिकेशन आने वाले समय में रेवेन्यू की बेहतर विजिबिलिटी देता है.
शेयर का प्रदर्शन
गुरुवार को कंपनी के शेयर 612 रुपये से ऊपर कारोबार करते हुए बंद हुए. शॉर्ट टर्म में स्टॉक दबाव में दिख रहा है. बीते एक महीने में इसमें 10% से अधिक की गिरावट आई है. वहीं तीन और छह महीने में इसने 22% से अधिक का गोता लगाया है. तीन साल में निवेशकों को केवल 29% तक ही रिटर्न मिला और पांच साल में शेयर में 42% का उछाल आया है.
कंपनी के फंडामेंटल्स
| पैरामीटर | डिटेल्स |
|---|---|
| मार्केट कैप | ₹16,302 करोड़ |
| पी/ई अनुपात (TTM) | 23.94 |
| पी/बी अनुपात | 2.89 |
| इंडस्ट्री पी/ई | 23.88 |
| डेट टू इक्विटी | 0.94 |
| आरओई (ROE) | 12.11% |
| ईपीएस (TTM) | 25.58 |
| डिविडेंड यील्ड | 0.90% |
| बुक वैल्यू | ₹211.98 |
| फेस वैल्यू | ₹2 |
Q3FY26 में रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन मुनाफे पर दबाव
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय 12% बढ़कर 6,001 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में 5,349 करोड़ रुपये थी.हालांकि, नेट प्रॉफिट 2.3% घटकर 127 करोड़ रुपये रहा. इससे साफ है कि कंपनी का कामकाज बढ़ा है, लेकिन मार्जिन पर कुछ दबाव बना हुआ है. सेगमेंट के हिसाब से देखें तो T&D से 4,161 करोड़ रुपये की कमा हुई है जो 31% की सालाना बढ़त है. सिविल से 923 करोड़, ट्रांसपोर्टेशन से 349 करोड़ और केबल्स एंड कंडक्टर्स से 556 करोड़ रुपये की आय हुई, जिसमें 37% की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
