कोयला बाजार में उतरेगा MCX, SEBI से मिली हरी झंडी, ₹100 करोड़ के निवेश की तैयारी, स्टॉक पर रखें नजर

SEBI से मंजूरी मिलने के बाद MCX कोल एक्सचेंज में ₹100 करोड़ निवेश करेगा. इस कदम से कंपनी का बिजनेस विस्तार होगा और कोयला ट्रेडिंग में पारदर्शिता आएगी. आज शेयर बाजार खुलने से पहले MCX स्टॉक निवेशकों के रडार पर है और इसमें हलचल संभव है.

कोल एक्सचेंज मंजूरी Image Credit: Money9 Live

MCX coal exchange approval: कमोडिटी मार्केट की दिग्गज कंपनी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) अब कोयले के बाजार में भी अपनी बादशाहत कायम करने की तैयारी में है. सेबी (SEBI) ने MCX को प्रस्तावित ‘कोल एक्सचेंज’ कंपनी में निवेश करने की मंजूरी दे दी है. इस खबर के बाद निवेशकों की नजरें MCX के शेयरों पर टिकी हैं, जो फिलहाल 2,856 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं. सोमवार को बाजार खुलते ही शेयरों की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है.

एनर्जी सेगमेंट में MCX का बड़ा दांव

MCX ने एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी है कि सेबी ने 17 अप्रैल, 2026 को इस निवेश के लिए अपनी सहमति दे दी है. कंपनी एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Wholly Owned Subsidiary) बनाने जा रही है, जिसका संभावित नाम ‘MCX कोल एक्सचेंज लिमिटेड’ हो सकता है. यह कदम न केवल ऊर्जा क्षेत्र में MCX की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि देश को एक रेगुलेटेड और टेक्नोलॉजी आधारित कोल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म भी देगा.

100 करोड़ का शुरुआती निवेश

प्रस्तावित कोल एक्सचेंज के लिए MCX ने 100 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी लगाने की योजना बनाई है. ड्राफ्ट फ्रेमवर्क के तहत नेटवर्थ की जरूरतों को पूरा करने के लिए यह निवेश किया जाएगा. फिलहाल इस नई इकाई में MCX की 100% हिस्सेदारी होगी, हालांकि कंपनी ने भविष्य में रणनीतिक साझेदारों (Strategic Partners) को साथ जोड़ने का विकल्प खुला रखा है.

पारदर्शी ट्रेडिंग और फिजिकल डिलीवरी पर जोर

इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य कोयले की खरीद-बिक्री को पारदर्शी और डिजिटल बनाना है. MCX अपनी गवर्नेंस, सर्विलांस और क्लियरिंग मैकेनिज्म की ताकत का इस्तेमाल कर एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करेगा जहां न केवल सही कीमत का पता चलेगा (Price Discovery), बल्कि कोयले की फिजिकल डिलीवरी भी सुनिश्चित की जा सकेगी. यह भारत सरकार के उस विजन के अनुरूप है जिसमें देश के कोयला क्षेत्र को आधुनिक और कुशल बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

मैदान में NSE भी है मौजूद

दिलचस्प बात यह है कि रेस में सिर्फ MCX ही नहीं है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भी अपनी कोल एक्सचेंज सहायक कंपनी, ‘नेशनल कोल एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड’ के लिए सेबी से मंजूरी मिल गई है. इसमें NSE की हिस्सेदारी 60% होगी, जबकि बाकी 40% हिस्सा अन्य शेयरधारकों के लिए रखा जाएगा.

यह भी पढ़ें: सोमवार को बाजार में ‘मंडे फीवर’, गिफ्ट निफ्टी ने दिए हरियाली के संकेत, पर क्या कच्चा तेल बिगाड़ेगा खेल?

आगे की प्रक्रिया और रेगुलेटरी स्टेप्स

सेबी की हरी झंडी के बाद अब अगला कदम लाइसेंस हासिल करना है. जैसे ही सरकार द्वारा कोल एक्सचेंज का फ्रेमवर्क फाइनल कर लिया जाएगा, MCX इसके लिए ‘कोल कंट्रोलर ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया’ (Coal Controller Organization of India) के पास लाइसेंस का आवेदन जमा करेगा.

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस नई शुरुआत से MCX के रेवेन्यू मॉडल में विविधता आएगी और ऊर्जा बाजार में उसकी पकड़ और मजबूत होगी. स्टॉक मार्केट में इस खबर का असर आने वाले सत्रों में साफ देखा जा सकता है.