इस स्मॉलकैप कंपनी में मुकुल अग्रवाल का दांव, खरीद रखे हैं 1000000 शेयर, दिखा ग्रोथ का दम, क्या डेटा सेंटर बूम का मिलेगा फायदा
डेटा सेंटर और HVAC डिमांड के उछाल से KRN Heat Exchanger को बड़ा ग्रोथ मौका मिल रहा है. कंपनी ने क्षमता बढ़ाकर विस्तार की तैयारी कर ली है और मुकुल अग्रवाल जैसे निवेशक भी इसमें हिस्सेदारी बनाए हुए हैं. आने वाले सालों में कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती जरूरत इस स्मॉलकैप के लिए बड़ा ट्रिगर साबित हो सकती है.
Small Cap Stock: भारत का डेटा सेंटर सेक्टर इन दिनों तेज रफ्तार से दौड़ रहा है. अरबों डॉलर का निवेश, हर तरफ नए सर्वर की जरूरत ने स्मार्ट कूलिंग सिस्टम की जरूरत को बढ़ा दिया है. क्योंकि जितने ज्यादा सर्वर, उतनी ज्यादा गर्मी और इसे कंट्रोल करने के लिए दमदार हीट एक्सचेंजर की जरूरत पड़ती है. ऐसे में हीट वेंटिलेशन, एयर कंडीशनिंग और रेफ्रिजरेशन उद्योग के लिए फिन और ट्यूब-टाइप हीट एक्सचेंजर बनाने वाली कंपनी KRN Heat Exchanger and Refrigeration Ltd के लिए अच्छा मौका है. कंपनी भी मार्केट पर अपनी पकड़ बनाने के लिए तमाम कोशिशें कर रही है.
कंपनी की नजर सीधे इस तेजी से बढ़ते मार्केट के बड़े हिस्से पर है. मैनेजमेंट का लक्ष्य है डेटा सेंटर हीट एक्सचेंजर सेगमेंट का करीब आधा बाजार अपने नाम करना है. कंपनी का मार्केट कैप फिलहाल 4,464 करोड़ रुपये है. इसके शेयर 12 फरवरी को 734 रुपये पर बंद हुए थे, जो पिछले दिन से 2.31 प्रतिशत ऊपर है. हालांकि पिछले एक साल में स्टॉक करीब 15 प्रतिशत गिरा है, जबकि 3 साल में इसने 52 फीसदी का रिटर्न दिया है.
मुकुल अग्रवाल की हिस्सेदारी
KRN Heat Exchanger में दिग्गज निवेशक मुकुल महावीर अग्रवाल की भी हिस्सेदारी है. दिसंबर 2025 तिमाही तक उनकी कंपनी में 1.61 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो पिछले कुछ तिमाहियों से बरकरार है. यानी उनके पास इसके 1,000,000 शेयर हैं, जिसकी वैल्यू करीब 73.4 करोड़ रुपये है.
कैसे कंपनी को मिल रहा फायदा?
डेटा सेंटर बूम बना बड़ा ट्रिगर
भारत का डेटा सेंटर बाजार उम्मीद से कहीं तेजी से बढ़ रहा है. सिर्फ 2025 में ही 63 अरब डॉलर यानी 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश की घोषणाएं हो चुकी हैं. Reliance, Google, Adani Connex, Amazon Web Services और TCS जैसी बड़ी कंपनियां देशभर में बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रही हैं. Jefferies के मुताबिक, इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 1.6 गीगावाट से बढ़कर FY30 तक 8 गीगावाट तक पहुंच सकती है. यानी लगभग पांच गुना ग्रोथ. इसी के साथ HVAC इंडस्ट्री भी 2030 तक 30 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो 15.8 प्रतिशत CAGR से बढ़ रही है. ऐसे में KRN को इसका फायदा मिल सकता है.
कहां फिट बैठती है KRN?
KRN एल्युमिनियम और कॉपर फिन-एंड-ट्यूब हीट एक्सचेंजर बनाती है, जो HVAC और रेफ्रिजरेशन सिस्टम का दिल माने जाते हैं. यही उपकरण डेटा सेंटर, कमर्शियल बिल्डिंग और इंडस्ट्रियल यूनिट्स में तापमान को नियंत्रित रखते हैं. जहां पूरा हीट एक्सचेंजर मार्केट स्थिर गति से बढ़ रहा है, वहीं कमर्शियल HVAC सेगमेंट 20 से 25 प्रतिशत की तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. यही KRN के लिए गोल्डन मौका है. FY25 में कंपनी की 60.7 प्रतिशत कमाई कंडेंसर कॉइल से और 30.4 प्रतिशत इवैपोरेटर कॉइल से आई. यानी बिजनेस का बड़ा हिस्सा सीधे कूलिंग सॉल्यूशंस से जुड़ा है.
छह गुना बढ़ाई क्षमता
डिमांड को देखते हुए कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता लगभग छह गुना बढ़ा दी है. पहले करीब 10 लाख यूनिट सालाना बनती थीं, जो पूरी तरह उपयोग हो रही थीं. नई फैसिलिटी में FY26 में 20 प्रतिशत और FY27 में 50 प्रतिशत तक उपयोग का लक्ष्य है. जैसे-जैसे वॉल्यूम बढ़ेगा, मार्जिन में भी सुधार होने की उम्मीद है.
नए सेगमेंट में एंट्री
KRN सिर्फ डेटा सेंटर तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि कंपनी ने ऑटोमोटिव और ट्रांसपोर्ट HVAC में कदम रखा है. इसने बस एसी डिवीजन का अधिग्रहण कर लिया है, जिससे 1,000 करोड़ रुपये के बस एसी मार्केट में एंट्री मिली है. आगे चलकर इंडियन रेलवे और मेट्रो प्रोजेक्ट्स में भी बोली लगाने की योजना है.
फाइनेंशियल्स दे रहे सपोर्ट
Q3 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 153 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 111 करोड़ रुपये से 37 प्रतिशत ज्यादा है. तिमाही आधार पर इसमें हल्की बढ़त देखने को मिली है. रेवेन्यू का 84 प्रतिशत हिस्सा घरेलू बाजार से और करीब 16 प्रतिशत एक्सपोर्ट से आया है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
