इन तीन कंपनियों में जमकर दांव लगा रहें म्यूचुअल फंड, अडानी विल्मर भी शामिल, पांच साल में 288% रिटर्न
दिसंबर 2025 तिमाही में म्यूचुअल फंड्स की बढ़ती खरीदारी ने कुछ चुनिंदा कंपनियों पर निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है. संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ना इनके बिजनेस मॉडल, ग्रोथ और कमाई की क्षमता पर विश्वास दर्शाता है. लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न चाहने वालों के लिए ये स्टॉक्स खास मौके पेश कर सकते हैं.
MF Investment: दिसंबर 2025 तिमाही में देश के टॉप म्यूचुअल फंड मैनेजर्स ने कुछ चुनिंदा कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. यह बढ़ोतरी संस्थागत निवेशकों के मजबूत भरोसे को दिखाती है और इन कंपनियों के बिजनेस मॉडल, ग्रोथ पोटेंशियल तथा भविष्य की कमाई पर विश्वास जताती है. अगर आप लंबे समय के लिए धन बनाने की सोच रहे हैं, तो ये स्टॉक्स आपके पोर्टफोलियो में विचार करने लायक हो सकते हैं क्योंकि जहां प्रोफेशनल निवेशक पैसा लगा रहे हैं, वहां आम निवेशकों के लिए भी अच्छे अवसर छिपे हो सकते हैं. आइए जानते हैं तीन ऐसी कंपनियों के बारे में, जहां म्यूचुअल फंड्स ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है.
Aditya Birla Capital
आदित्य बिड़ला ग्रुप की फाइनेंशियल सर्विसेस कंपनी है. यह लोन, इंश्योरेंस, एसेट मैनेजमेंट, वेल्थ मैनेजमेंट और कैपिटल मार्केट जैसी कई सेवाएं देती है. भारत में क्रेडिट और प्रोटेक्शन प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ने से यह मजबूत हो रही है. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 93,816 करोड़ रुपये है और शेयर की कीमत 358 रुपये पर कारोबार कर रही है. इसने बीते पांच साल में 288 फीसदी का रिटर्न दिया है.
दिसंबर 2025 तिमाही में म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी काफी बढ़ी. यह 6.52 फीसदी से बढ़कर 7.68 फीसदी हो गई, यानी 1.16 फीसदी अंक की बढ़ोतरी. निवेश करने वाली म्यूचुअल फंड स्कीमों की संख्या भी 65 से बढ़कर 67 हो गई. इससे संस्थागत निवेशकों का भरोसा और कंपनी के लंबे समय के भविष्य में रुचि दिखती है.
AWL Agri Business
AWL एग्री बिजनेस एक एग्री-प्रोसेसिंग और फूड FMCG कंपनी है. यह खाने योग्य तेल, पैकेज्ड फूड और कृषि उत्पादों में मजबूत है. ब्रांडेड फूड की मांग और खपत बढ़ने से इसे फायदा हो रहा है. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 29,600 करोड़ रुपये है और शेयर की कीमत 222 रुपये है, जो पिछले बंद से 2.2 फीसदी कम है. पांच साल में इसके शेयरों में कोई बदलाव नहीं आया है.
दिसंबर 2025 तिमाही में म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी 0.64 फीसदी अंक बढ़ी. यह 8.37 फीसदी से 9.01 फीसदी हो गई. म्यूचुअल फंड स्कीमों की संख्या 22 पर ही रही, यानी मौजूदा फंड्स ने ही ज्यादा निवेश किया, नई स्कीमों का इजाफा नहीं हुआ.
Apollo Hospitals Enterprise
अपोलो हॉस्पिटल्स भारत की सबसे बड़ी हेल्थकेयर कंपनी है. यह हॉस्पिटल, फार्मेसी, डायग्नोस्टिक्स और डिजिटल हेल्थ सेवाएं चलाती है. मजबूत ब्रांड, पूरे देश में मौजूदगी और हाई-एंड ट्रीटमेंट पर फोकस से कंपनी को फायदा मिलता है. हेल्थकेयर की बढ़ती मांग, मेडिकल टूरिज्म और इंश्योरेंस कवरेज से यह मजबूत हो रही है. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1,05,859 करोड़ रुपये है और शेयर की कीमत 7,24 रुपये है. बीते पांच साल में इसमें 184 फीसदी की तेजी आई है.
दिसंबर 2025 तिमाही में म्यूचुअल फंड की भागीदारी बढ़ी. हिस्सेदारी 16.48 फीसदी से 16.75 फीसदी हो गई, यानी 0.27 फीसदी अंक की बढ़ोतरी. निवेश करने वाली स्कीमों की संख्या 349 से बढ़कर 358 हो गई.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.