NSDL vs CDSL: बाजार की उठापटक में कौन शॉक प्रूफ, रिटर्न और रेवेन्यू में किसका पलड़ा भारी
बाजार में भारी उठापटक है. ऐसे माहौल में ऐसे बिजनेस ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं जिनका सीधा असर एनर्जी कीमतों या ग्लोबल सप्लाई चेन से नहीं होता. डिपॉजिटरी बिजनेस इसी तरह का एक सेक्टर है, जहां भारत में दो बड़े खिलाड़ी हैं. आइए इन्हें एक-एक कर जानते हैं.

NSDL vs CDSL: बाजार 2026 की शुरुआत ग्लोबल अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव के साथ हुई है. दुनियाभर के बाजारों में रिस्क ऑफ माहौल देखने को मिल रहा है. खासकर क्रूड ऑयल और गैस से जुड़े सेक्टर्स में तेज गिरावट आई है, क्योंकि मार्जिन पर दबाव, सप्लाई चेन में दिक्कत और कच्चे माल की लागत बढ़ी है. ऐसे माहौल में ऐसे बिजनेस ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं जिनका सीधा असर एनर्जी कीमतों या ग्लोबल सप्लाई चेन से नहीं होता. डिपॉजिटरी बिजनेस इसी तरह का एक सेक्टर है, जहां भारत में दो बड़े खिलाड़ी हैं – Central Depository Services Ltd और National Securities Depository Limited. आइए दोनों की तुलना के जरिए समझते हैं कि कौन बेहतर नजर आता है.
Central Depository Services Ltd (CDSL)
CDSL की शुरुआत 1997 में हुई और यह 1999 से ऑपरेशनल है. यह एशिया-पैसिफिक का पहला लिस्टेड डिपॉजिटरी है. CDSL एक प्योर प्ले डिपॉजिटरी बिजनेस है. इसके रेवेन्यू में करीब 78 प्रतिशत हिस्सा डिपॉजिटरी सर्विस से और 22 प्रतिशत डेटा प्रोसेसिंग से आता है. इसका फोकस रिटेल निवेशकों पर है, जो इसके बड़े डिमैट अकाउंट्स के बेस में दिखता है. Q3 FY26 तक कंपनी के पास करीब 17.27 करोड़ डिमैट अकाउंट हैं और कुल कस्टडी वैल्यू करीब 84,800 अरब रुपये है.
National Securities Depository Limited (NSDL)
NSDL की स्थापना 1996 में हुई थी और यह भारत का पहला इलेक्ट्रॉनिक डिपॉजिटरी है. इसका बिजनेस मॉडल थोड़ा अलग है, क्योंकि इसमें डिपॉजिटरी के साथ बैंकिंग सर्विस भी शामिल है.
इसके रेवेन्यू में 51 प्रतिशत हिस्सा बैंकिंग सर्विस, 44 प्रतिशत डिपॉजिटरी और 6 प्रतिशत डेटाबेस मैनेजमेंट से आता है. NSDL का फोकस बड़े संस्थागत निवेशकों जैसे FII, इंश्योरेंस कंपनियां आदि पर है. Q3 FY26 तक इसके पास करीब 4.32 करोड़ डिमैट अकाउंट हैं.
ग्रोथ और मार्जिन तुलना
पिछले 3 साल में CDSL का रेवेन्यू 25 प्रतिशत CAGR से बढ़ा है, जबकि NSDL ने 23 प्रतिशत की ग्रोथ दिखाई है. मुनाफे के मामले में भी CDSL आगे है, जहां इसका प्रॉफिट 19 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, वहीं NSDL का 17 प्रतिशत रहा है.
मार्जिन की बात करें तो CDSL का ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 52 प्रतिशत है, जो इसके प्योर डिपॉजिटरी मॉडल की वजह से ज्यादा है. वहीं NSDL का मार्जिन करीब 29 प्रतिशत है, क्योंकि इसमें बैंकिंग बिजनेस शामिल है, जिससे मार्जिन थोड़ा कम रहता है.
शेयरों का हाल
Central Depository Services Ltd का शेयर फिलहाल करीब 0.98 प्रतिशत गिरकर 1,290.6 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. पिछले एक हफ्ते में इसमें 7.08 प्रतिशत की तेजी आई है. हालांकि तिमाही आधार पर यह 9.11 प्रतिशत गिरा है, लेकिन एक साल में 10.5 प्रतिशत का रिटर्न दे चुका है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 26,973.54 करोड़ रुपये है. Q3 FY26 में कंपनी ने 333.6 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 133.33 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया.
वहीं National Securities Depository Limited का शेयर करीब 1.58 प्रतिशत गिरकर 911.25 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. पिछले एक हफ्ते में इसमें 3.91 प्रतिशत की तेजी आई है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 18,225 करोड़ रुपये है. Q3 FY26 में कंपनी ने 394.35 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 89.61 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया.
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