NSE का अलर्ट, Trade Power नामक प्लेटफॉर्म अवैध; निवेशक रहें सावधान
NSE ने Trade Power नामक प्लेटफॉर्म के खिलाफ चेतावनी दी है. यह प्लेटफॉर्म निवेशकों को गारंटी रिटर्न का लालच देकर उनके अकाउंट की जानकारी लेकर अवैध ट्रेडिंग कर रहा है. NSE ने साफ किया कि यह प्लेटफॉर्म रजिस्टर्ड नहीं है और इसके खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज हो चुकी है.
NSE Alert: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने बड़ा अलर्ट जारी किया है. NSE ने एक नोटिस में बताया है कि Trade Power नामक प्लेटफॉर्म अवैध रूप से शेयर बाजार में एक्टिव है. यह प्लेटफॉर्म कुणाल पांडे और पुनीत दीक्षित नाम के व्यक्तियों से जुड़ा हुआ है. इन पर आरोप है कि ये निवेशकों को गारंटीड मुनाफे का लालच देकर उनके ट्रेडिंग अकाउंट की जानकारी लेते हैं और खुद उनकी ओर से ट्रेडिंग करते हैं. NSE ने स्पष्ट किया है कि ये दोनों व्यक्ति न तो NSE से रजिस्टर्ड हैं और न ही किसी मान्यता प्राप्त ब्रोकरेज कंपनी के अथॉराइज्ड रिप्रेजेंटेटिव हैं.
क्या कर रहा है ‘Trade Power’?
Trade Power निवेशकों तक पहुंचने के लिए कई प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा है. इसने मोबाइल नंबर 9266909799, वेबसाइट ट्रेड पावर डॉट शॉप , ऐप लिंक और फेसबुक पेज का सहारा लिया है. यह प्लेटफॉर्म निवेशकों को निवेश पर पक्के मुनाफे का भरोसा दिलाकर उनके अकाउंट का यूजर आईडी और पासवर्ड मांगता है. इसके बाद ये उनके नाम पर खुद ट्रेडिंग करने की पेशकश करता है.
बता दें इस तरह की गतिविधि को स्टॉक मार्केट की भाषा में डब्बा ट्रेडिंग कहा जाता है. इसका मतलब है कि बिना किसी अधिकृत ब्रोकरेज के यह प्लेटफॉर्म शेयर बाजार में सौदे कर रहा है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है.
NSE ने जारी किया आधिकारिक बयान
NSE ने कहा है कि कुणाल पांडे और पुनीत दीक्षित का नाम Trade Power से जुड़ा है और ये किसी भी तरह से NSE या किसी मान्यता प्राप्त ब्रोकर के साथ पंजीकृत नहीं हैं. निवेशक NSE की आधिकारिक वेबसाइट पर Know/Locate Your Stock Broker टूल का यूज करके किसी भी ब्रोकर की जानकारी तुरंत जांच सकते हैं. साथ ही एनएसई ने एक लिंग के जरिए जांच करने की सलाह दी है. साथ ही NSE ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिससे ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके.
इस तरह के अपराध पर क्या है प्रावधान ?
NSE ने बताया कि Securities Contracts (Regulation) Act, 1956 (SCRA) के प्रावधानों के तहत इस तरह के अपराधों के लिए सख्त सजा तय है. इसके तहत अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसे 10 साल तक की कैद या 25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों सजा हो सकती है. इसके अलावा, यह अपराध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत गैर-जमानती कैटेगरी में आता है. जिसकामतलब है कि पुलिस बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकती है और तुरंत जांच शुरू कर सकती है. साथ ही, डब्बा ट्रेडिंग को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 316, 318 और 61 के तहत भी अपराध माना गया है.
निवेशकों के लिए NSE की सलाह
NSE ने निवेशकों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसे किसी भी प्लेटफ़ॉर्म पर भरोसा न करें जो गारंटी रिटर्न का वादा करे या खुद को मार्केट का एक्सपर्ट बताए. साथ ही NSE की वेबसाइट पर Know/Locate your Stock Broker टूल का उपयोग करके किसी भी ब्रोकर का रजिस्ट्रेशन की जांच करें. साथ ही अपने ट्रेडिंग अकाउंट का यूजर आईडी और पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें. अगर ऐसा करते हैं तो प्लेटफॉर्म पर निवेश करने का जोखिम, और नुकसान की पूरी जिम्मेदारी निवेशक की खुद की होगी.
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