10 जनवरी, शनिवार को खुलेंगे NSE और BSE, होगी ट्रेडिंग; जानें आप कारोबार कर पाएंगे या नहीं

10 जनवरी, शनिवार को NSE और BSE खुले रहेंगे, लेकिन यह दिन सामान्य ट्रेडिंग के लिए नहीं है. दोनों एक्सचेंज मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित करेंगे, जिसमें सिस्टम, रिस्क मैनेजमेंट और इमरजेंसी मैकेनिज्म की जांच होगी. जानिए इस दिन निवेशक ट्रेड कर पाएंगे या नहीं और इसका असली मतलब क्या है.

शनिवार को खुलेंगे NSE BSE Image Credit: @Tv9

NSE BSE Open on Sat For Mock Trading: आमतौर पर शनिवार को भारतीय शेयर बाजार बंद रहते हैं, लेकिन 10 जनवरी, शनिवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) खुले रहेंगे. हालांकि, यह दिन सामान्य ट्रेडिंग के लिए नहीं है. इस दिन दोनों एक्सचेंजों पर मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित किया जाएगा, जिसका मकसद बाजार से जुड़े सिस्टम और तकनीकी ढांचे की जांच करना है. इस मॉक ट्रेडिंग सेशन में एक्सचेंज, ब्रोकर और क्लियरिंग मेंबर्स अपने-अपने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम और बैकअप मैकेनिज्म को टेस्ट करेंगे. यह पूरी प्रक्रिया वास्तविक बाजार जैसी परिस्थितियों में की जाती है, ताकि किसी भी संभावित तकनीकी खामी को पहले ही पकड़ा जा सके.

क्या निवेशक कर पाएंगे ट्रेड?

निवेशकों के लिए सबसे अहम सवाल यह है कि क्या वे इस दिन शेयरों की खरीद-बिक्री कर पाएंगे. इसका सीधा जवाब है- नहीं. 10 जनवरी को होने वाली ट्रेडिंग केवल टेस्टिंग के लिए होगी. इसमें दिखने वाले शेयरों के भाव और ऑर्डर पूरी तरह डमी होंगे, जिनका निवेशकों के डिमैट अकाउंट या पोर्टफोलियो पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इस अभ्यास के दौरान कई अहम फीचर्स की जांच की जाएगी, जिनमें कॉल ऑक्शन, ब्लॉक डील सेशन, T+1 और T+0 ट्रेडिंग सिस्टम, ट्रेडिंग हॉल्ट और रिस्क रिडक्शन मोड शामिल हैं. इसके अलावा IPO और दोबारा लिस्ट होने वाले शेयरों के लिए स्पेशल सेशन भी टेस्ट किए जाएंगे, ताकि हर तरह की स्थिति में सिस्टम के व्यवहार को समझा जा सके.

फोटो क्रेडिट- NSE-BSE

मॉक सेशल के दौरान क्या-क्या हो सकता है?

मॉक सेशन को और वास्तविक बनाने के लिए कुछ सेशंस के अंत में ऑर्डर एंट्री को अचानक रोकने जैसी स्थितियां भी बनाई जाएंगी. इसका मकसद यह देखना है कि अप्रत्याशित हालात में ट्रेडिंग सिस्टम और ब्रोकर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं और कितनी तेजी से रिकवरी होती है. इस दिन एक और अहम टेस्ट किया जाएगा, जो SEBI के निर्देशों के तहत अल्टरनेट ट्रेडिंग वेन्यू से जुड़ा है. इसमें एक काल्पनिक तकनीकी खराबी NSE में पैदा की जाएगी, जिसके बाद BSE को वैकल्पिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर एक्टिव किया जाएगा. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी एक एक्सचेंज में दिक्कत आने पर भी बाजार बिना रुकावट चल सके.

मॉक ट्रेडिंग क्या होती है?

मॉक ट्रेडिंग एक तरह का ट्रायल सेशन होता है, जिसमें शेयर बाजार से जुड़े सभी सिस्टम को वास्तविक हालात जैसे माहौल में परखा जाता है. इसमें दिखाई देने वाले शेयरों के भाव और ट्रेड केवल डमी (नकली) होते हैं और इनका बाजार या निवेशकों के पोर्टफोलियो पर कोई असर नहीं पड़ता.

निवेशकों के लिए क्या संदेश?

निवेशकों को घबराने या भ्रमित होने की जरूरत नहीं है. यह मॉक ट्रेडिंग सेशन केवल सिस्टम की मजबूती जांचने के लिए है. अगले नियमित कारोबारी दिन से शेयर बाजार सामान्य रूप से खुलेगा और निवेशक हमेशा की तरह ट्रेड कर सकेंगे. कुल मिलाकर, 10 जनवरी को NSE और BSE का खुलना निवेशकों के लिए ट्रेडिंग का मौका नहीं, बल्कि बाजार की सुरक्षा और भरोसे को मजबूत करने की दिशा में एक जरूरी तकनीकी अभ्यास है.

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