NSE का बड़ा फैसला! 18 F&O शेयरों पर बढ़ा मार्जिन, गोल्ड-सिल्वर फ्यूचर्स में ट्रेडिंग हुई आसान; देखें लिस्ट

डेरिवेटिव बाजार में जोखिम कम करने के लिए NSE ने नए मार्जिन नियम लागू किए हैं. हाई क्लाइंट कंसन्ट्रेशन वाले 18 F&O शेयरों पर 15 फीसदी अतिरिक्त मार्जिन लगेगा, जबकि सोना और चांदी फ्यूचर्स में मार्जिन घटाकर ट्रेडिंग को सुलभ बनाया गया है. जानें किन स्टॉक्स पर है NSE की नजर.

NSE ने बढ़ाए मार्जिन Image Credit: @AI

NSE Increase Margin for F&O: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने डेरिवेटिव बाजार में रिस्क कंट्रोल और स्थिरता बढ़ाने के उद्देश्य से मार्जिन नियमों में अहम बदलावों की घोषणा की है. नए ढांचे के तहत कुछ चुनिंदा F&O शेयरों पर अतिरिक्त मार्जिन लगाया जाएगा, जबकि सोना और चांदी वायदा यानी फ्यूचर्स में मार्जिन घटाकर ट्रेडिंग को आसान बनाया गया है. एक्सचेंज का कहना है कि ये कदम बाजार में ज्यादा रिस्क लेने की आदत को कंट्रोल करने और अचानक उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए उठाए गए हैं.

हाई क्लाइंट कंसन्ट्रेशन वाले शेयरों पर अतिरिक्त मार्जिन

NSE ने उन शेयरों पर 15 फीसदी अतिरिक्त मार्जिन लगाने का फैसला किया है, जहां कुछ गिने-चुने बड़े निवेशकों का डेरिवेटिव पोजीशन पर ज्यादा कंट्रोल है. खास तौर पर उन स्टॉक्स को निशाने पर लिया गया है जिनमें शीर्ष 10 क्लाइंट मिलकर मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट (MWPL) का 20 फीसदी से अधिक हिस्सा रखते हैं. एक्सचेंज के मुताबिक ऐसी स्थिति में अगर ये बड़े निवेशक एक साथ अपनी पोजीशन घटाते या बंद करते हैं, तो बाजार में तेज गिरावट या अस्थिरता पैदा हो सकती है.

मार्च सीरीज के लिए 18 स्टॉक्स चिन्हित

मार्च डेरिवेटिव सीरीज के लिए NSE ने 18 शेयरों को इस अतिरिक्त मार्जिन ढांचे के तहत रखा है. इनमें आदित्य बिड़ला कैपिटल, औरोबिंदो फार्मा, बंधन बैंक, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CONCOR), क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, ग्लेनमार्क फार्मा, वोडाफोन आइडिया, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, एनबीसीसी, एनएमडीसी, पतंजलि फूड्स, आरबीएल बैंक, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL), सम्मान कैपिटल, डीएलएफ, मणप्पुरम फाइनेंस और इंडस टावर्स शामिल हैं. अतिरिक्त निगरानी उपाय (ASM) के तहत पहले से मौजूद शेयरों पर भी यह अतिरिक्त मार्जिन लागू रहेगा. इन्हें लिस्ट के जरिये जानें-

क्रम संख्याकंपनी का नाम
1आदित्य बिड़ला कैपिटल (Aditya Birla Capital)
2औरोबिंदो फार्मा (Aurobindo Pharma)
3बंधन बैंक (Bandhan Bank)
4कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया — CONCOR
5क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स
6ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स
7वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea)
8जेएसडब्ल्यू एनर्जी (JSW Energy)
9एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस
10एनबीसीसी (NBCC)
11एनएमडीसी (NMDC)
12पतंजलि फूड्स
13आरबीएल बैंक (RBL Bank)
14स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया — SAIL
15सम्मान कैपिटल (Sammaan Capital)
16डीएलएफ (DLF)
17मणप्पुरम फाइनेंस (Manappuram Finance)
18इंडस टावर्स (Indus Towers)

हर महीने होगी समीक्षा

एक्सचेंज तीन महीने के रोलिंग डेटा के आधार पर क्लाइंट कंसन्ट्रेशन की निगरानी करेगा और असर पड़ने वाले शेयरों की सूची हर महीने अपडेट की जाएगी. यानी अगर किसी शेयर में रिस्क बढ़ता है, तो उसे तुरंत इस कैटेगरी में शामिल किया जा सकता है. उदाहरण के तौर पर, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के एक लॉट पर पहले लगभग 97,000 रुपये का एक्सपोजर मार्जिन था, जो अतिरिक्त 15 फीसदी लागू होने के बाद करीब 1.11 लाख रुपये तक पहुंच जाएगा.

कुछ शेयरों में अत्यधिक एकाग्रता

ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि कुछ स्टॉक्स में शीर्ष निवेशकों का नियंत्रण काफी ज्यादा है. SAIL में शीर्ष 10 क्लाइंट का हिस्सा 74 फीसदी से ज्यादा है, जबकि सम्मान कैपिटल, CONCOR और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस में भी यह हिस्सा काफी ऊंचा है. ऐसी स्थिति में अगर बड़े निवेशक एक साथ अपनी पोजिशन कम करें, तो बाजार में अचानक भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है.

सोना-चांदी वायदा में राहत

दूसरी ओर, NSE ने कीमती धातुओं के फ्यूचर्स में मार्जिन कम कर ट्रेडिंग को आसान बनाने का फैसला किया है. 19 फरवरी 2026 से गोल्ड फ्यूचर्स पर पहले लगाया गया अतिरिक्त 3 फीसदी मार्जिन हटाया गया है, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स में मार्जिन आवश्यकता 7 फीसदी तक घटाई गई है. इससे ट्रेडर्स के लिए कम पूंजी में भी इन कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में भाग लेना संभव होगा.

रिस्क कंट्रोल और भागीदारी- दोनों पर फोकस

NSE का यह कदम दोहरे उद्देश्य को दर्शाता है- एक तरफ डेरिवेटिव बाजार में अत्यधिक जोखिम और सट्टेबाजी को सीमित करना, और दूसरी तरफ कमोडिटी सेगमेंट में ट्रेडिंग गतिविधि को प्रोत्साहित करना. कुल मिलाकर, यह बदलाव बाजार को अधिक संतुलित, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.