अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयरों की धूम, एक साल में डबल किया पैसा, इन 5 वजहों से है खास
स्टॉक मार्केट की जान माने जाने वाले NSE का जल्द ही IPO आने वाला है, लेकिन इसके शेयर अनलिस्टेड मार्केट में पहले से ही धूम मचा रहे हैं. यही वजह है एक साल में इसमें जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई है. इनमें बड़े निवेशकों का भी दांव है, जिसके चलते आम निवेशकों को इसमें पब्लिक इश्यू का बेसब्री से इंतजार है.

NSE IPO: भारत के शेयर बाजार की धड़कन कहलाने वाले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) जल्द ही अपना IPO लाने वाला है, लेकिन ये अपने इश्यू लॉन्च से पहले ही सुर्खियों में छाया हुआ है. अनलिस्टेड मार्केट में इसके शेयरों ने धूम मचा रखी है. पिछले एक साल में इसने 115% की जबरदस्त उछाल मारी है यानी निवेशकों का पैसा डबल हो गया. इतना ही नहीं इसकी मार्केट कैप भी 5.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. यही वजह है इसके IPO को लेकर रिटेल निवेशकों में काफी उत्साह है, वे इसमें हिस्सेदारी हासिल करने के लिए बेताब हैं. तो किन वजहों से NSE का शेयर है खास और क्या है इसमें ग्रोथ की संभावनाएं जानें पूरी डिटेल.
एक साल में 115% की लगाई छलांग
NSE के अनलिस्टेड शेयरों ने पिछले एक साल में गजब का प्रदर्शन किया है. शेयर की कीमत 1,100 रुपये से बढ़कर 2,370 रुपये हो गई, यानी 115% की छलांग लगाई है, नतीजतन इसने निवेशकों का पैसा डबल कर दिया है. 2025 में ही यह 1,779 रुपये से 33% ऊपर चढ़ चुका है. इस तेजी ने NSE का मार्केट कैप 5.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है. इस कारण निवेशकों का इसके IPO को लेकर भरोसा है.
रिटेल हिस्सेदारी बढ़ी
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2025 तिमाही में NSE में रिटेल निवेशकों की संख्या में गजब की बढ़ोतरी दर्ज की गई. रिटेल शेयरहोल्डर्स की संख्या 15,771 से बढ़कर 33,896 हो गई. नतीजतन रिटेल हिस्सेदारी भी 8.03% से बढ़कर 9.89% हो गई है. कंपनी की मजबूत स्थिति के चलते निवेशक NSE के IPO का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन
NSE ने FY2025 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है. कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 16% बढ़कर 17,141 करोड़ रुपये हो गया, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 47% की उछाल के साथ 12,188 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. चौथी तिमाही में भी कंपनी ने 74% का EBITDA मार्जिन और 58% का PAT मार्जिन बनाए रखा, जो इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है.
कम P/E रेशियो पर कर रहा ट्रेड
NSE के अनलिस्टेड शेयर अभी 46x के प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो पर ट्रेड कर रहे हैं, जो BSE के 74x की तुलना में काफी कम है. यह वैल्यूएशन गैप निवेशकों के लिए NSE को एक आकर्षक मौका बनाता है. यही वजह है कि अनलिस्टेड मार्केट में इसकी डिमांड आसमान छू रही है.
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बड़े खिलाड़ियों का भरोसा
NSE के आईपीओ के क्रेज के पीछे वजह इस पर बड़े निवेशकों का भरोसा है, दरअसल मार्च 2025 तक इंश्योरेंस कंपनियों के पास NSE की 19.22% हिस्सेदारी थी यानी उनके पास 47.57 करोड़ शेयर थे. जिनकी कीमत 2,369 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से लगभग 1.12 लाख करोड़ रुपये है. इसके अलावा कई बड़े सरकारी संस्थानों का भी NSE में बड़ा निवेश है. उदाहरण के तौर पर इसमें LIC के पास 10.7%, SBI के पास 3.23%, SBI कैपिटल मार्केट्स के पास 4.33%, और स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) के पास 4.40% हिस्सेदारी है. यह मजबूत संस्थागत समर्थन NSE की विश्वसनीयता को और बढ़ाता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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