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इन 3 शेयरों पर सोमवार को रखें नजर, सरकार के नए फैसले से बदल सकता है कमाई का गणित

केंद्र सरकार ने 31 अक्टूबर से पेट्रोल, डीजल और ATF के एक्सपोर्ट टैक्स में बदलाव किया है. पेट्रोल पर ड्यूटी घटाकर शून्य कर दी गई है, जबकि डीजल और ATF पर टैक्स बढ़ाया गया है. इस फैसले के बाद सोमवार, 2 नवंबर को Indian Oil, BPCL और HPCL के शेयर फोकस में रह सकते हैं.

इन स्टॉक्स पर रखें नजर Image Credit: @Canva/Money9live

Highlights

  • पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी ₹2.5 प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दी गई है.
  • डीजल के एक्सपोर्ट पर SAED और रोड व इंफ्रास्ट्रक्चर सेस मिलाकर टैक्स ₹8.5 से बढ़कर ₹11.5 प्रति लीटर हो गया है.
  • ATF के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी ₹10.5 से बढ़ाकर ₹11 प्रति लीटर कर दी गई है.

केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर लगने वाले टैक्स में बदलाव किया है. सरकार ने 31 अक्टूबर से शुरू हुए 15 के लिए पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी घटाकर शून्य कर दी है. वहीं, डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल गेन टैक्स बढ़ा दिया है. सरकार के इस फैसले के बाद सोमवार, 2 नवंबर को Indian Oil Corporation (IOCL), Bharat Petroleum Corporation (BPCL) और Hindustan Petroleum Corporation (HPCL) के शेयर फोकस में रह सकते हैं.

इस फैसले का असर तेल कंपनियों के रिफाइनिंग कारोबार और एक्सपोर्ट से होने वाली कमाई पर पड़ सकता है. डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से रिफाइनिंग ऑपरेशन से मिलने वाली कमाई पर दबाव आ सकता है, जबकि पेट्रोल पर ड्यूटी खत्म होने से कुछ राहत मिल सकती है.

सोमवार को इन तीन तेल कंपनियों के शेयरों पर रहेगी नजर

शुक्रवार, 30 अक्टूबर को BSE पर Indian Oil Corporation (IOCL) का शेयर 0.12% गिरकर 130 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1,83,576.10 करोड़ रुपये रहा.

वहीं, Bharat Petroleum Corporation (BPCL) का शेयर 1.47 फीसदी गिरकर 284.30 रुपये पर बंद हुआ. इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 1,23,342.68 करोड़ रुपये रहा.

Hindustan Petroleum Corporation (HPCL) का शेयर 0.72 फीसदी की गिरावट के साथ 339.50 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 72,239.57 करोड़ रुपये रहा.

डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर बढ़ाया टैक्स

सरकार ने 15 के लिए ATF के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी 10.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 11 रुपये प्रति लीटर कर दी है. इसके अलावा, डीजल के एक्सपोर्ट पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) की दर भी बढ़ाई गई है. डीजल के एक्सपोर्ट पर SAED के साथ रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस मिलाकर लगने वाला टैक्स 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 11.5 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी घटाकर शून्य की

सरकार ने पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी भी घटाकर शून्य कर दी है. इससे पहले पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर 2.5 रुपये प्रति लीटर की ड्यूटी लगती थी. पेट्रोल पर ड्यूटी में यह बदलाव मार्च में डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी लगाए जाने के कुछ महीनों बाद किया गया है.

क्यों लगाया गया था विंडफॉल टैक्स?

पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने इन ईंधनों पर विंडफॉल टैक्स लगाया था. इसका एक उद्देश्य एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कीमतों के अंतर का अनुचित फायदा उठाने से रोकना भी था. पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद इस साल की शुरुआत से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था. इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने ईंधन के एक्सपोर्ट पर टैक्स लगाने का फैसला किया था.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है.