PSU बैंकों पर विदेशी निवेशकों का भरोसा लौटा, दिसंबर तिमाही में बढ़ाई हिस्सेदारी; बेहतर एसेट क्वालिटी और लोन ग्रोथ ने खींचा ध्यान
भारत के PSU बैंकिंग सेक्टर में विदेशी निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत हुआ है. दिसंबर तिमाही में विदेशी निवेशकों ने देश के कई पब्लिक सेक्टर बैंकों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. बीते एक साल में PSU बैंकिंग सेक्टर का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है. बेहतर एसेट क्वालिटी, मजबूत बैलेंस शीट और तेज लोन ग्रोथ ने निवेशकों का ध्यान खींचा है.
PSU Banks FPI Investment: भारत के पब्लिक सेक्टर बैंकिंग सेक्टर में एक बार फिर विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत होता दिख रहा है. दिसंबर तिमाही के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों ने देश के कई पब्लिक सेक्टर बैंकों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. बीते एक साल में पीएसयू बैंकिंग सेक्टर का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है, जिसने इस सेक्टर को निवेशकों के लिए दोबारा आकर्षण का केंद्र बना दिया है. बेहतर एसेट क्वालिटी, मजबूत बैलेंस शीट और आकर्षक वैल्यूएशन के चलते विदेशी निवेशकों की सेंटिमेंट में यह बड़ा बदलाव देखने को मिला है.
इन बैंकों में हुई बढ़ोतरी
दिसंबर तिमाही के आंकड़ों पर नजर डालें तो Bank of Maharashtra विदेशी निवेशकों की सबसे पसंदीदा पसंद बनकर उभरा है. इस बैंक में FII की हिस्सेदारी 2.35 फीसदी से बढ़कर 4.92 फीसदी हो गई. यही नहीं, म्यूचुअल फंड्स ने भी इस बैंक में अपना निवेश तेजी से बढ़ाया और उनकी हिस्सेदारी 1.17 फीसदी से बढ़कर 5.32 फीसदी तक पहुंच गई.
इसके अलावा State Bank of India, Canara Bank, Bank of Baroda और Bank of India जैसे बड़े पीएसयू बैंकों में भी विदेशी निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी में इजाफा किया है. यह संकेत देता है कि एफआईआई अब चुनिंदा नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर पीएसयू बैंकिंग सेक्टर पर दांव लगा रहे हैं.
| बैंक का नाम | पिछली एफआईआई हिस्सेदारी | मौजूदा एफआईआई हिस्सेदारी |
|---|---|---|
| Bank of Maharashtra | 2.35 फीसदी | 4.92 फीसदी |
| State Bank of India | 9.57 फीसदी | 10.34 फीसदी |
| Canara Bank | 11.89 फीसदी | 14.61 फीसदी |
| Bank of Baroda | 8.71 फीसदी | 9.84 फीसदी |
| Bank of India | 4.24 फीसदी | 5.82 फीसदी |
शानदार स्टॉक परफॉर्मेंस ने बढ़ाया भरोसा
बीते एक साल में पीएसयू बैंक शेयरों ने जबरदस्त रिटर्न दिया है. Indian Bank ने करीब 69.62 फीसदी की तेजी दिखाई, जबकि Union Bank of India और Canara Bank में 50 फीसदी से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया. State Bank of India में करीब 37 फीसदी और Bank of Baroda में लगभग 29 फीसदी की बढ़त देखी गई. इस मजबूत प्रदर्शन ने विदेशी निवेशकों को यह भरोसा दिलाया कि पीएसयू बैंक अब केवल टर्नअराउंड स्टोरी नहीं, बल्कि ग्रोथ स्टोरी बन चुके हैं.
मजबूत फंडामेंटल्स ने बदली तस्वीर
पीएसयू बैंकों की मौजूदा मजबूती के पीछे सबसे बड़ा कारण एसेट क्वालिटी में सुधार है. बीते एक दशक में पहली बार सरकारी बैंक प्राइवेट सेक्टर बैंकों से तेज लोन ग्रोथ दर्ज कर रहे हैं. एनपीए में भारी गिरावट, बेहतर रिकवरी और कैपिटल एडिक्वेसी में सुधार ने इन बैंकों की बैलेंस शीट को मजबूत बनाया है. इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.