डेट फ्री बनी यह Auto Ancillary कंपनी, China+1 स्ट्रैटेजी से मिल सकता है बड़ा फायदा; निवेशक रखें नजर

Rolex Rings Ltd. ने कर्ज से बाहर निकलकर पूरी तरह डेट फ्री कंपनी बनने का सफर पूरा कर लिया है. China+1 स्टैटजी, EV सेक्टर की बढ़ती मांग और मजबूत FY26 प्रदर्शन के दम पर कंपनी निवेशकों की नजर में बनी हुई है. भारत की प्रमुख बेयरिंग रिंग मैन्युफैक्चरर कंपनी के पास मजबूत बैलेंस शीट, बढ़ता ग्लोबल कस्टमर बेस और बेहतर EBITDA मार्जिन है.

ऑटो एंसिलरी स्टॉक Image Credit: ai/canva

Rolex Rings Ltd: भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री दुनिया के सबसे बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रही है. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), लोकलाइजेशन और China+1 स्ट्रैटेजी जैसे ट्रेंड्स के चलते ऑटो एंसिलरी कंपनियों के लिए नए अवसर बन रहे हैं. ऐसी ही एक कंपनी Rolex Rings Ltd. है, जिसने कभी भारी कर्ज और कॉरपोरेट डेट रिस्ट्रक्चरिंग (CDR) का दौर देखा था, लेकिन अब पूरी तरह डेट फ्री होकर अपने अगले ग्रोथ फेज की तैयारी कर रही है. करीब 4,227 करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली यह कंपनी अब मजबूत बैलेंस शीट, ग्लोबल कस्टमर बेस और प्रिसिजन इंजीनियरिंग कैपेबिलिटीज के दम पर निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रही है.

कर्ज से बाहर निकलकर बनी डेट फ्री कंपनी

Rolex Rings Ltd. के लिए साल 2013 काफी चुनौतीपूर्ण रहा था. उस समय कंपनी कॉरपोरेट डेट रिस्ट्रक्चरिंग (CDR) प्रक्रिया में चली गई थी. हालांकि, कठिन परिस्थितियों के बावजूद कंपनी ने अपने ग्राहकों, ऑपरेशंस और बिजनेस डाइवर्सिफिकेशन में निवेश जारी रखा. इसका असर FY22 से दिखना शुरू हुआ, जब कंपनी कैश पॉजिटिव हो गई और CDR से बाहर निकल आई.

इसके बाद 31 मार्च 2026 को कंपनी ने कंसोर्टियम लेंडर्स को 101 करोड़ रुपये की राइट ऑफ रिकॉम्पेंस लाइबिलिटी का भुगतान कर अपनी सभी पुरानी फाइनेंशियल ऑब्लिगेशंस खत्म कर दीं. अप्रैल 2026 में कंपनी ने 180 करोड़ रुपये के बायबैक का भी ऐलान किया, जिसमें प्रमोटर्स ने हिस्सा नहीं लिया.

भारत की सबसे बड़ी बेयरिंग रिंग मैन्युफैक्चरर

Trade Brains की रिपोर्ट के मुताबिक, Rolex Rings Ltd. आज भारत की सबसे बड़ी बियरिंग रिंग मैन्युफैक्चरर्स में शामिल है. कंपनी के पास 1.65 लाख मेट्रिक टन प्रति वर्ष की फोर्जिंग कैपेसिटी और 7.5 करोड़ पीस से अधिक की मशीनिंग कैपेसिटी है. कंपनी 14 देशों में 57 ग्लोबल कस्टमर्स को अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है. FY26 में कंपनी की 56 फीसदी आय डोमेस्टिक मार्केट से, जबकि 44 फीसदी रेवेन्यू एक्सपोर्ट मार्केट से आया. बियरिंग रिंग्स के अलावा कंपनी गियर ब्लैंक्स, व्हील हब्स, ड्राइवलाइन कंपोनेंट्स और अन्य फोर्ज्ड ऑटो कंपोनेंट्स भी बनाती है.

China+1 स्ट्रैटेजी से मिल सकता है बड़ा फायदा

दुनिया भर की कंपनियां अपनी सप्लाई चेन को China से बाहर डाइवर्सिफाई कर रही हैं. इसी China+1 स्ट्रैटेजी का फायदा भारतीय कंपनियों को मिलने की उम्मीद है. वहीं, भारत सरकार भी मेक इन इंडिया और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के जरिए डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रही है.

Rolex Rings Ltd. का डोमेस्टिक बियरिंग रिंग सेगमेंट में करीब 30 फीसदी मार्केट शेयर है. FY25 में डोमेस्टिक बियरिंग सेल्स 329 करोड़ रुपये थी, जो FY26 में बढ़कर 386 करोड़ रुपये हो गई. मैनेजमेंट का मानना है कि आने वाले वर्षों में इम्पोर्ट सब्स्टिट्यूशन से कंपनी को और ज्यादा फायदा मिल सकता है.

EV और ऑटो कंपोनेंट्स पर बढ़ा फोकस

कंपनी अब केवल बियरिंग रिंग्स तक सीमित नहीं रहना चाहती. ऑटो कंपोनेंट्स पहले ही उसके कुल रेवेन्यू का लगभग 45 फीसदी हिस्सा बन चुके हैं. कंपनी गियर ब्लैंक्स, CV जॉइंट कंपोनेंट्स, ट्रांसमिशन कंपोनेंट्स, व्हील हब्स और कई अन्य प्रिसिजन कंपोनेंट्स बनाती है, जिनकी मांग ट्रेडिशनल व्हीकल्स के साथ-साथ EV सेगमेंट में भी बढ़ रही है.

मैनेजमेंट का कहना है कि अगले दो से तीन वर्षों में EV प्लेटफॉर्म्स और इंडस्ट्रियल प्रोग्राम्स से कारोबार में अहम योगदान मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा वैल्यू-ऐडेड मशीन्ड प्रोडक्ट्स का हिस्सा बढ़ने से भविष्य में मार्जिन्स भी बेहतर हो सकते हैं.

FY26 में कैसा रहा प्रदर्शन

FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 1,143 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग स्थिर रहा. हालांकि, बियरिंग रिंग्स रेवेन्यू 11 फीसदी बढ़कर 539 करोड़ रुपये पहुंच गया. ग्रॉस प्रॉफिट बढ़कर 589 करोड़ रुपये हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 20.1 फीसदी रहा. कंपनी ने करीब 190 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग कैश फ्लो भी जेनरेट किया और वित्त वर्ष के अंत तक उसके पास 367 करोड़ रुपये का कैश एंड इन्वेस्टमेंट्स था. सबसे अहम बात यह रही कि कंपनी जीरो नेट डेट के साथ FY26 से बाहर निकली.

कैसा है शेयर का हाल

शुक्रवार को कंपनी का शेयर 1.53 फीसदी बढ़कर 157.89 रुपये पर बंद हुआ. पिछले एक सप्ताह में इसमें 13.15 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है. वहीं, बीते एक महीने में शेयर करीब 11 फीसदी चढ़ा है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.