क्या ये छुपा रुस्तम सोलर स्टॉक है अगला Waaree, सरकार के 30000 करोड़ के दांव से मिलेगा बूस्ट, कंपनी पर कर्ज भी ना के बराबर
सरकार के 30,000 करोड़ रुपये के सोलर बूस्ट और मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट से सोलर सेक्टर में तेजी की उम्मीद बढ़ी है, जिसका फायदा Indosolar Ltd जैसी कंपनियों को मिल सकता है. कंपनी Waaree ग्रुप के अधिग्रहण के बाद टर्नअराउंड कर चुकी है, कंपनी की मुनाफा व बिक्री में तेज ग्रोथ दिख रही है. शेयर ऑल टाइम हाई से करीब 41% डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है, जिससे आने वाली सोलर रैली में यह संभावित छुपा रुस्तम साबित हो सकता है.
Solar Stock: ग्रीन एनर्जी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बजट 2026 में सोलर सेक्टर पर 30000 करोड़ रुपये से ज्यादा का दांव लगाया है. ये मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को भी बढ़ावा देगा. इसलिए सरकार ने सोलर पंप्स के लिए बजट दोगुना कर दिया है. साथ ही कच्चे माल पर टैक्स घटा रही है. इससे आने वाले वर्षों में सोलर मैन्युफैक्चरिंग बूम की नींव मजबूत हो रही है. ऐसे में निवेशकों की नजर सोलर सेक्टर की चुनिंदा कंपनियों पर टिक गई है. आज हम आपको सोलर सेक्टर के एक ऐसे ही छुपा रुस्तम शेयर के बारे में बताएंगे, जिसमें ग्रोथ की संभावनाएं हैं. ऐमें सवाल ये कि क्या ये छुपा रुस्तम सोलर सेक्टर की दिग्गज Waaree Energies की जगह ले पाएगा.
कंपनी की खास बातें
Indosolar Ltd. एक सोलर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है, जो मुख्य रूप से सोलर फोटोवोल्टिक (PV) सेल्स बनाती है. ये वही हाई-टेक सेल्स होते हैं, जिनसे सोलर पैनल बनते हैं. पहले कंपनी वित्तीय संकट में थी, लेकिन बाद में Waaree Energies Limited ने इसे अधिग्रहित किया. इसके बाद कंपनी का पूरा टर्नअराउंड हुआ, कर्ज कम हुआ और प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाई गई. अब यह Waaree ग्रुप की सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग आर्म के तौर पर काम कर रही है.
कर्जमुक्त होने के करीब
शुरुआती दौर में इंडोसोलर पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति सही नहीं थी. मगर अब हालात बदल गए हैं. कंपनी का ROCE 77% है, जबकि इंडस्ट्री का औसत सिर्फ 28% के आसपास है. यानी हर 100 रुपये की पूंजी पर कंपनी 77 रुपये का रिटर्न बना रही है. इसका डेट टू इक्विटी रेशियो सिर्फ 0.02 है, यानी यह लगभग कर्ज-मुक्त हो चुकी है.
फाइनेंशियल्स में सुधार
Indosolar के फाइनेंशियल्स भी जबरदस्त सुधार दिखा रहे हैं. FY20 में जहां बिक्री जीरो थी, वहीं FY25 में यह 324 करोड़ रुपये पहुंच गई. FY26 के पहले 3 क्वार्टर में ही करीब 600 करोड़ रुपये की बिक्री हो चुकी है. EBITDA भी FY24 तक नुकसान में था, लेकिन FY25 में 95 करोड़ और FY26 के 3 क्वार्टर में ही 206 करोड़ रुपये दर्ज किया जा चुका है. नेट प्रॉफिट FY26 के पहले 9 महीनों में 204 करोड़ रुपये पहुंच चुका है. अब कंपनी 1.3 GW कैपेसिटी और मजबूत बैलेंस शीट के साथ Waaree ग्रुप की हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग आर्म के तौर पर देखी जा रही है.
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शेयरों का प्रदर्शन
शेयर प्राइस की बात करें तो फरवरी 2021 में यह करीब 2.5 रुपये था, जो 10 फरवरी 2026 को 429.20 रुपये पर बंद हुआ. यह शेयर अपने ऑल टाइम हाई 725 रुपये से करीब 41% डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है. सालभर में ये 160 फीसदी चढ़ा है. हालांकि अभी 6 महीनों का इसका प्रदर्शन नेगेटिव रहा है. मगर अब बजट से मिले सोलर सेक्टर के बड़े सपोर्ट और Waaree के मजबूत बैकिंग के चलते इंडोसोलर आने वाले सोलर रैली में निवेशकों के लिए एक दिलचस्प मौका बनकर उभर सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.




