Capex पर खर्च बढ़ा लेकिन शेयर गिरे, 3 साल में रिटर्न नहीं मिला फिर भी उम्मीद जगा रहे हैं ये 3 केमिकल शेयर, रखें नजर

स्पेशलिटी केमिकल सेक्टर में पिछले तीन साल में भारी Capex के बावजूद कई बड़े शेयरों ने नेगेटिव रिटर्न दिया है. कमजोर ग्लोबल डिमांड, डेस्टॉकिंग और चीन की सस्ती सप्लाई से मार्जिन पर दबाव पड़ा.

3 साल में भारी Capex के बावजूद कई बड़े शेयरों ने नेगेटिव रिटर्न दिया है. Image Credit:

Specialty Chemical Stocks: पिछले तीन साल स्पेशलिटी केमिकल सेक्टर के लिए आसान नहीं रहे हैं. कंपनियों ने बड़े स्तर पर Capex किया, नई फैक्ट्री लगाई और प्रोडक्शन कैपेसिटी भी बढ़ाई है. इसके बावजूद निवेशकों को उम्मीद के मुताबिक रिटर्न नहीं मिला. कई बड़े शेयरों ने नेगेटिव रिटर्न दिया है. ग्लोबल डिमांड कमजोर रही और चीन की सस्ती सप्लाई ने कीमतों पर दबाव डाला है. अब सवाल है कि क्या यह गिरावट अस्थायी है और आगे रिकवरी देखने को मिल सकती है.

Capex बढ़ा लेकिन शेयर नहीं चले

इन कंपनियों ने भविष्य की मांग को देखते हुए बड़ी निवेश योजनाएं शुरू कीं. नई क्षमता जोड़ने के लिए भारी Capex किया गया. लेकिन जब मांग कमजोर रही तो नई क्षमता का पूरा यूज नहीं हो पाया. इससे फाइनेंस कॉस्ट और खर्च बढ़े, जबकि कमाई उम्मीदे के मुताबिक नहीं बढ़ी. इसका सीधा असर शेयर कीमतों पर दिखा और निवेशकों को नुकसान हुआ.

Aarti Industries

कंपनी का शेयर 3 साल में गिरा है, लेकिन हाल की तिमाही में प्रदर्शन बेहतर दिखा है. कंपनी का रेवेन्यू और मुनाफा दोनों बढ़े हैं. मैनेजमेंट का कहना है कि ग्लोबल प्राइसिंग माहौल धीरे- धीरे स्थिर हो रहा है. US India Trade Deal से भी एक्सपोर्ट कारोबार को सहारा मिल सकता है. अगर मांग मजबूत रहती है तो मार्जिन में सुधार संभव है. कंपनी के शेयरों में 11 फरवरी को 0.28 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. जिसके बाद यह 466 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. कंपनी के शेयरों में पिछले 5 साल में 22 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है.

Vinati Organics

कंपनी को ATBS प्रोडक्ट की मांग में गिरावट का असर झेलना पड़ा. इससे मार्जिन में कमी आई. हालांकि हाल की तिमाही में रेवेन्यू और मुनाफे में हल्का सुधार देखा गया है. कंपनी ने ATBS की क्षमता बढ़ाने का पहला चरण शुरू कर दिया है. आने वाले समय में बढ़ी हुई कैपेसिटी से रिकवरी का फायदा मिल सकता है. कंपनी के शेयरों में 11 फरवरी को 0.30 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. जिसके बाद यह 1562 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. कंपनी के शेयरों में पिछले 5 साल में 16 फीसदी की उछाल देखने को मिली है.

ये भी पढ़ें- क्रिटिकल मिनरल पर बड़ा खेल करेगा भारत, USA-EU ट्रेड डील के बीच इस देश पर लगाया दांव, जल्द आएगी खुशखबरी

Clean Science

कंपनी को चीन की बढ़ती कंपटीशन से ज्यादा दबाव झेलना पड़ा. कंपनी के मार्जिन में पिछले कुछ साल में गिरावट आई है. फिर भी कंपनी ने नए प्रोडक्ट का कमर्शियलाइजेशन शुरू किया है. इससे कच्चे माल की कॉस्ट कम होने की उम्मीद है. FY27 तक नए प्रोजेक्ट से कमाई में सुधार आ सकता है. कंपनी के शेयरों में 11 फरवरी को 1.67 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. जिसके बाद यह 784 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. कंपनी के शेयरों में पिछले 5 साल में 55 फीसदी की उछाल देखने को मिली है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.