शेयर बाजार में हफ्तेभर दबाव रहा हावी! टॉप-10 कंपनियों में से 7 का मार्केट कैप ₹3.63 लाख करोड़ घटा
बीते हफ्ते शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसका असर बड़ी कंपनियों की वैल्यू पर पड़ा. कुछ दिग्गज शेयर दबाव में रहे, जबकि कुछ ने मजबूती दिखाई. बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक संकेतों की भूमिका अहम रही.
Top 10 Market Cap Loss: शेयर बाजार में बीते हफ्ते आई तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी. कमजोर वैश्विक संकेतों, अमेरिका से जुड़े टैरिफ तनाव और भू-राजनीतिक हालात के असर से भारतीय बाजार दबाव में रहे. इसका सीधा असर देश की सबसे बड़ी कंपनियों के मार्केट कैप पर पड़ा, जहां टॉप-10 में शामिल कई दिग्गज कंपनियों की वैल्यू में भारी कमी दर्ज की गई.
बाजार में गिरावट का असर
पिछले सप्ताह बीएसई का प्रमुख सूचकांक करीब 2.54 प्रतिशत टूट गया. इस गिरावट के चलते टॉप-10 सबसे ज्यादा मूल्य वाली कंपनियों में से सात कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 3.63 लाख करोड़ रुपये घट गया. बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशकों में जोखिम लेने की क्षमता घटी और बिकवाली का दबाव बढ़ा.
रिलायंस को सबसे बड़ा झटका
इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान Reliance Industries को हुआ. कंपनी का मार्केट कैप करीब 1.58 लाख करोड़ रुपये घटकर लगभग 19.96 लाख करोड़ रुपये रह गया. इसके बाद HDFC Bank को बड़ा झटका लगा, जिसका बाजार मूल्य करीब 96 हजार करोड़ रुपये घटकर 14.44 लाख करोड़ रुपये रह गया.
आईटी और टेलिकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनियां भी दबाव में रहीं. Bharti Airtel का मार्केट कैप करीब 45 हजार करोड़ रुपये घटा. Tata Consultancy Services और Infosys की वैल्यू में भी गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा Bajaj Finance और Larsen & Toubro के मार्केट कैप में भी कमी आई.
कुछ शेयरों ने दी राहत
हालांकि, इस गिरावट के बीच कुछ कंपनियां ऐसी भी रहीं, जिन्होंने निवेशकों को राहत दी. ICICI Bank के मार्केट कैप में करीब 35 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई. वहीं Hindustan Unilever और State Bank of India के शेयरों ने भी मजबूती दिखाई.
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टॉप कंपनियों की मौजूदा स्थिति
गिरावट के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है. इसके बाद एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलएंडटी का नंबर आता है. बाजार की यह चाल बताती है कि आने वाले दिनों में निवेशक वैश्विक संकेतों पर खास नजर बनाए रखेंगे.