ग्लोबल एनर्जी मार्केट में तेल संकट को दूर करेगी IEA, 400 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल बाजार में उतारने की तैयारी

ईरान-इजरायल तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता को देखते हुए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है. एजेंसी ने घोषणा की है कि वह अपने इमरजेंसी रिजर्व से 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में जारी करेगी, ताकि वैश्विक सप्लाई में आई रुकावट को कम किया जा सके और कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल सके. ऐसे में IEA का यह फैसला वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

कच्चा तेल Image Credit: Getty image

IEA Oil Reserve Release: ईरान-इजरायल में बढ़ते तनाव ने अब दुनियाभर को परेशान करना शुरू कर दिया है. तेल और गैस को लेकर सबसे ज्यादा चिंता बनी हुई है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है. इसी स्थिति को संभालने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है. एजेंसी ने घोषणा की है कि वह अपने इमरजेंसी रिजर्व से 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में जारी करेगी, ताकि वैश्विक सप्लाई में आई रुकावट को कम किया जा सके और कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल सके.

इमरजेंसी बैठक के बाद लिया गया फैसला

IEA के 32 सदस्य देशों की एक आपात बैठक के बाद यह फैसला लिया गया. यह बैठक IEA के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर फातिह बिरोल की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण एनर्जी मार्केट पर पड़ रहे असर का आकलन किया गया. फातिह बिरोल ने कहा कि तेल बाजार इस समय अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रहा है. ऐसे में सदस्य देशों द्वारा सामूहिक रूप से उठाया गया यह कदम वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी है.

कब जारी होगा इमरजेंसी तेल भंडार

IEA के अनुसार यह तेल भंडार अलग-अलग सदस्य देशों की परिस्थितियों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा. एजेंसी ने कहा है कि इस सामूहिक कार्रवाई से जुड़े विस्तृत दिशानिर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे. साथ ही IEA वैश्विक तेल और गैस बाजार पर लगातार नजर बनाए रखेगा.

1.2 अरब बैरल से ज्यादा है इमरजेंसी रिजर्व

IEA सदस्य देशों के पास कुल मिलाकर 1.2 अरब बैरल से अधिक का आपातकालीन तेल भंडार मौजूद है. इसके अलावा करीब 600 मिलियन बैरल इंडस्ट्री से जुड़े अतिरिक्त स्टॉक भी सरकारी दायित्व के तहत सुरक्षित रखे जाते हैं. IEA की स्थापना 1974 में हुई थी और अब तक इतिहास में यह छठी बार है जब एजेंसी ने आपातकालीन तेल भंडार जारी करने का फैसला लिया है.

होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई पर बड़ा खतरा

यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध तेजी से बढ़ रहा है. ईरान के IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की घोषणा भी की है. यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. साल 2025 में करीब 20 मिलियन बैरल तेल और पेट्रोलियम उत्पाद प्रतिदिन इसी रास्ते से दुनिया भर में भेजे गए थे.

वैश्विक एनर्जी मार्केट में बढ़ी चिंता

युद्ध के कारण इस क्षेत्र से तेल निर्यात काफी घट गया है और कई कंपनियों ने फोर्स मैज्योर घोषित कर दिया है. इसका मतलब है कि अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण कंपनियां अपने अनुबंधों को पूरा करने में असमर्थ हो सकती हैं. ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो वैश्विक तेल कीमतों और सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ सकता है.

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