अमेरिका-ईरान शांति समझौते से इस सेक्टर में लगा पंख, 7 फीसदी तक उड़े शेयर, जानें कौन सा स्टॉक बना स्टार?

शांति समझौते की घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इसके साथ ही एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली. बाजार के जानकारों का कहना है कि तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय एविएशन, ट्रैवल और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए पॉजिटिव साबित हो सकती है.

Spicejet. Image Credit: Canva, tv9

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की खबर के बाद सोमवार को ट्रैवल और एविएशन सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली. कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आने से एयरलाइन और ट्रैवल कंपनियों के शेयरों में तेजी आई, क्योंकि ईंधन लागत कम होने से इन कंपनियों की मुनाफे बेहतर होने की उम्मीद बढ़ गई है. हालांकि, इस दौरान बाजार में शानदार रैली देखने को मिली.

SpiceJet बना सबसे बड़ा गेनर

एयरलाइन कंपनी SpiceJet के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली. कंपनी का शेयर करीब 7 प्रतिशत तक उछल गया. निवेशकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से एयरलाइंस की ऑपरेटिंग लागत कम होगी, जिसका सीधा फायदा SpiceJet जैसी कंपनियों को मिल सकता है.

IndiGo के शेयरों में भी मजबूत बढ़त

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन InterGlobe Aviation के शेयर भी करीब 4 प्रतिशत तक चढ़ गए. एविएशन सेक्टर के लिए जेट फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है, ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट को कंपनी के लिए पॉजिटिव माना जा रहा है.

ट्रैवल प्लेटफॉर्म कंपनियों में खरीदारी

ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी Yatra Online के शेयरों में 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई. बाजार को उम्मीद है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने और यात्रा खर्च घटने से ट्रैवल डिमांड में सुधार देखने को मिल सकता है. वहीं, Le Travenues Technology के शेयर भी करीब 3 प्रतिशत तक मजबूत हुए. निवेशकों ने ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर के बेहतर आउटलुक को देखते हुए खरीदारी की.

MakeMyTrip और Easy Trip Planners भी फोकस में

ऑनलाइन ट्रैवल बुकिंग प्लेटफॉर्म MakeMyTrip के शेयरों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली. वहीं Easy Trip Planners के शेयर भी करीब 2 प्रतिशत तक चढ़े. जानकारों का मानना है कि यदि तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है तो ट्रैवल और एविएशन सेक्टर की कंपनियों को आने वाले समय में फायदा मिल सकता है.

क्या है तेजी की वजह?

यह तेजी अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर सहमति बनने की खबर के बाद आई है. दोनों देशों के अधिकारियों ने समझौते की घोषणा की है, जिससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट में राहत की उम्मीद बढ़ी है. यह समझौता उस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसने फरवरी में शुरू होने के बाद से ग्लोबल ऑयल मार्केट को प्रभावित किया था.

शुक्रवार को होगा औपचारिक समझौता

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस समझौते पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकाबंदी भी समाप्त की जाएगी.

कच्चे तेल में 4 फीसदी की गिरावट

शांति समझौते की घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इसके साथ ही एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली. बाजार के जानकारों का कहना है कि तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय एविएशन, ट्रैवल और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए पॉजिटिव साबित हो सकती है. इसी वजह से सोमवार के कारोबार में इन सेक्टरों के शेयर निवेशकों की पहली पसंद बने रहे.

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