375 करोड़ का घाटा, फिर भी FIIs-DIIs ने खरीदा स्टॉक! क्या है Utkarsh Small Finance Bank की पूरी स्टोरी?
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक FY24 में इस बैंक ने 498 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था. लेकिन Q3 FY26 में इसे 375 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. इसके बावजूद विदेशी निवेशकों यानी FII और घरेलू निवेशकों यानी DII ने इसमें अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई. सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ. क्या बड़े निवेशकों को इस बैंक में भविष्य की ग्रोथ दिख रही है.
Utkarsh Small Finance Bank: एक बैंक जिसने कुछ समय पहले तक रिकॉर्ड मुनाफा कमाया था, वही अचानक भारी नुकसान में चला गया. लेकिन हैरानी की बात यह है कि इसी नुकसान के समय बड़े निवेशकों ने इसमें पैसा लगाना शुरू कर दिया. बात हो रही है उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक की. FY24 में इस बैंक ने 498 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था.
लेकिन Q3 FY26 में इसे 375 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. इसके बावजूद विदेशी निवेशकों यानी FII और घरेलू निवेशकों यानी DII ने इसमें अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई. सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ. क्या बड़े निवेशकों को इस बैंक में भविष्य की ग्रोथ दिख रही है. या फिर यह सिर्फ एक जोखिम भरा दांव है. आइए विस्तार से समझते हैं पूरी कहानी.
माइक्रोफाइनेंस संकट का असर
उत्कर्ष बैंक की मुश्किलें सिर्फ उसकी अपनी नहीं हैं. पूरे माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में 2024 से 2026 के बीच बड़ा संकट आया. इस सेक्टर में गरीब परिवारों को बिना गारंटी के लोन दिया जाता है. पहले इन लोन की रिकवरी 98 से 99 प्रतिशत तक होती थी. लेकिन इस बार हालात बिगड़ गए. कई लोगों ने एक साथ कई जगह से लोन ले लिया. साथ ही कुछ राज्यों में लोन माफी की बातों ने भी लोगों को पैसा लौटाने से रोका. इससे बैंक का पैसा फंसने लगा.
UP और बिहार से बढ़ी परेशानी
उत्कर्ष बैंक की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी लोकेशन रही. बैंक के करीब 55 प्रतिशत ब्रांच उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में हैं. इनमें भी ज्यादा लोन यूपी और बिहार से दिए गए. यही राज्य इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. जब इन राज्यों में लोग लोन नहीं चुका पाए, तो बैंक पर सीधा असर पड़ा.
नंबर क्या कहते हैं
बैंक का कुल लोन बुक करीब 18,306 करोड़ रुपये है. इसमें अब Secured Loans का हिस्सा 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है. पहले बैंक का 90 प्रतिशत लोन माइक्रोफाइनेंस में था, जो अब घटकर करीब 33 प्रतिशत रह गया है. यह दिखाता है कि बैंक अब अपना जोखिम कम कर रहा है. सबसे ज्यादा समस्या JLG यानी ग्रुप लोन में आई. इसमें लोगों ने कई जगह से कर्ज लिया और चुकाने में दिक्कत हुई. बैंक ने अब इन लोन को कम करना शुरू कर दिया है.
नए सेगमेंट पर फोकस
- बैंक अब नए और सुरक्षित लोन पर ध्यान दे रहा है.
- MSME लोन 24 प्रतिशत बढ़े हैं.
- हाउसिंग लोन में भी ग्रोथ दिखी है.
- MBBL जैसे नए प्रोडक्ट तेजी से बढ़ रहे हैं.
डिपॉजिट में सुधार
बैंक ने महंगे और बड़े डिपॉजिट कम किए और छोटे ग्राहकों के डिपॉजिट बढ़ाए. CASA और रिटेल डिपॉजिट बढ़ने से बैंक की फंडिंग सस्ती हुई है. हाल के महीनों में बैंक की स्थिति सुधरती दिख रही है. कलेक्शन रेट 99 प्रतिशत के करीब पहुंच गया है.
नए लोन देना भी बढ़ रहा है. NPA बढ़ने की रफ्तार कम हुई है.
भविष्य की योजना
बैंक का लक्ष्य अगले कुछ साल में 25 से 30 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल करना है. साथ ही सुरक्षित लोन बढ़ाने और जोखिम कम करने पर फोकस रहेगा. FII और DII इसलिए निवेश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि बैंक ने सबसे खराब दौर पार कर लिया है. अब आगे सुधार की संभावना ज्यादा है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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