118% बढ़ा प्रॉफिट तो रॉकेट बना Waaree का शेयर, 10% चढ़ा; लगा अपर सर्किट, ₹60000 करोड़ का ऑर्डरबुक बना ताकत
शानदार Q3FY26 नतीजों के बाद Waaree Energies के शेयरों में आज ताबड़तोड उछाल देखने को मिला. इसी के साथ शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गया. 118% मुनाफा बढ़ोतरी और ₹60,000 करोड़ के मजबूत ऑर्डरबुक ने निवेशकों का भरोसा और शेयर की तेजी को ताकत दी है.
Waaree Energies Q3 results and Share Price: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Waaree Energies Ltd के शेयरों में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. इसके शेयर करीब 10 फीसदी तक उछल गए. जिससे इसमें अपर सर्किट लग गया. शेयरों में आई तेजी की बड़ी वजह कंपनी की शानदार Q3FY26 नतीजे है. इसमें कंपनी ने रिकॉर्ड मुनाफा और दमदार ग्रोथ दर्ज की. साथ ही इसके 60,000 करोड़ रुपये के दमदार ऑर्डरबुक ने निवेशकों का भरोसा जीतने में कामयाबी हासिल की.
22 जनवरी को वारी एनर्जीज के शेयर सुबह 2565 रुपये पर खुले थे, जो 2740 रुपये के अपने इंट्रा डे हाई पर पहुंच गए. इसी के साथ इसमें अपर सर्किट लगा. ये करीब 10 फीसदी तक उछल गए. सुबह 10:43 बजे तक शेयर 8.12 फीसदी की तेजी के साथ 2615 रुपये पर ट्रेड करता नजर आया.
कमाई ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
- Q3FY26 में Waaree Energies का रेवेन्यू सालाना आधार पर 119 फीसदी उछलकर 3,457 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,565 करोड़ रुपये पहुंच गया. तिमाही आधार पर भी रेवेन्यू में 25 फीसदी की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई, जो Q2FY26 में 6,066 करोड़ रुपये था.
- मुनाफे के मोर्चे पर भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया. Q3FY26 में नेट प्रॉफिट 118 फीसदी बढ़कर 1,107 करोड़ रुपये हो गया, जबकि Q3FY25 में यह 507 करोड़ रुपये था. तिमाही आधार पर नेट प्रॉफिट में 26 फीसदी की बढ़त देखने को मिली.
EBITDA में 167% की छलांग
कंपनी की ऑपरेशनल परफॉर्मेंस भी मजबूत रही. बेहतर लागत नियंत्रण, स्केल का फायदा और ऊंचे कैपेसिटी यूटिलाइजेशन के चलते EBITDA में 167.16 फीसदी की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई. EBITDA मार्जिन 25.49 फीसदी रहा, जो कोर बिजनेस की मजबूती को दर्शाता है.
मैन्युफैक्चरिंग में विस्तार
Waaree Energies ने गुजरात में अपनी मैन्युफैक्चरिंग ताकत को और मजबूत किया है. कंपनी ने चिखली में 2.1 GW और समाखियाली में 3 GW सोलर मॉड्यूल कैपेसिटी शुरू की है. इसके अलावा सरोधी में 3.05 GW इन्वर्टर कैपेसिटी भी जोड़ी गई है.
कंपनी ने करीब 1,003 करोड़ रुपये जुटाकर 20 GWh की लिथियम-आयन बैटरी परियोजना को सपोर्ट किया है. साथ ही अमेरिका में 30 मिलियन डॉलर का पॉलीसिलिकॉन निवेश सप्लाई सिक्योरिटी और ग्लोबल विस्तार को मजबूती देगा.
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ऑर्डरबुक बना बड़ा हथियार
Waaree Energies का ऑर्डरबुक 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि कुल पाइपलाइन 100 GW से ज्यादा की है. ऑर्डर में यूटिलिटी और IPP सेगमेंट की हिस्सेदारी 38.1 फीसदी और ओवरसीज ऑर्डर्स की हिस्सेदारी 32.6 फीसदी है, जो आने वाले समय में मजबूत ग्रोथ का संकेत देती है.
कंपनी ने एक ही महीने में 1 GW मॉड्यूल प्रोडक्शन हासिल किया है. सुरक्षित पॉलीसिलिकॉन सप्लाई चेन, बैटरी बिजनेस के लिए 1,000 करोड़ रुपये की इक्विटी रेजिंग और नए मॉड्यूल, ट्रांसफॉर्मर व BESS ऑर्डर्स ने निकट भविष्य की कमाई को लेकर भरोसा और बढ़ा दिया है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.