Waaree Energies और Premier Energies के शेयर 6% तक टूटे, सरकार के एक फैसले ने बढ़ाई चिंता; जानें क्या है कारण
Waaree Energies और Premier Energies समेत कई सोलर कंपनियों के शेयरों में सोमवार को 6 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई. इसकी मुख्य वजह सरकार द्वारा ALMM List-II की समयसीमा को बढ़ाने का फैसला है. इस फैसले से घरेलू सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को मिलने वाले लाभ में देरी की आशंका है.
Solar Stocks: सोलर सेक्टर के शेयरों में सोमवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली. Waaree Energies, Premier Energies समेत कई सोलर कंपनियों के शेयर 6 फीसदी तक टूट गए. इस गिरावट की मुख्य वजह केंद्र सरकार का ALMM List-II के लागू होने की समयसीमा को आगे बढ़ाने का फैसला है. सरकार के इस कदम से घरेलू सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को मिलने वाले संभावित लाभ में देरी होने की आशंका बढ़ गई है.
क्यों बढ़ाई गई ALMM List-II की समयसीमा?
MNRE ने नेट मीटरिंग और OA सोलर परियोजनाओं के लिए ALMM List-II को लागू करने की समयसीमा मई 2026 से बढ़ाकर दिसंबर 2026 कर दी है. सरकार का कहना है कि फिलहाल भारत में घरेलू सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी इतनी नहीं है कि वह निकट अवधि की पूरी मांग को पूरा कर सके.
यदि समयसीमा नहीं बढ़ाई जाती, तो कई सोलर परियोजनाओं में देरी हो सकती थी और उनकी लागत भी बढ़ सकती थी. इस विस्तार से डेवलपर्स और मॉड्यूल निर्माता फिलहाल इम्पोर्टेड सोलर सेल्स और मौजूदा स्टॉक का उपयोग जारी रख सकेंगे. सरकार का उद्देश्य घरेलू उत्पादन की ओर ट्रांजिशन को आसान बनाना है.
घरेलू निर्माताओं पर क्यों बढ़ा दबाव?
सरकार के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन कंपनियों पर पड़ने की संभावना है, जिन्होंने घरेलू सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा निवेश किया है. इनमें Waaree Energies और Premier Energies प्रमुख नाम हैं. इन कंपनियों ने बैकवर्ड इंटीग्रेशन के तहत घरेलू स्तर पर सोलर सेल उत्पादन क्षमता विकसित की है. लेकिन अब डेवलपर्स को कुछ और महीनों तक इम्पोर्टेड सोलर सेल्स इस्तेमाल करने की अनुमति मिल गई है. इससे इन कंपनियों को अपने निवेश का पूरा फायदा मिलने में देरी होगी.
शेयरों में कितनी आई गिरावट
सरकारी फैसले के बाद Waaree Energies के शेयर में इंट्रा-डे कारोबार के दौरान करीब 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. कारोबार के दौरान शेयर 2735 रुपये तक फिसल गया, जबकि इसका पिछला बंद भाव 2839.85 रुपये था. वहीं, Premier Energies के शेयर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला. कंपनी का शेयर लगभग 6 फीसदी टूटकर 1020.25 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया. हालांकि, बाद में इसमें कुछ रिकवरी भी देखने को मिली.
FY27 पर पड़ सकता है असर
विश्लेषकों के अनुसार, ALMM List-II की समयसीमा बढ़ने से निकट अवधि में नॉन-डीसीआर मॉड्यूल्स की मांग बढ़ सकती है, क्योंकि डेवलपर्स इम्पोर्टेड सोलर सेल्स का उपयोग जारी रख पाएंगे. हालांकि, इन मॉड्यूल्स पर कंपनियों को डीसीआर मॉड्यूल्स की तुलना में कम मुनाफा मिलता है.
यही वजह है कि मांग बढ़ने के बावजूद Waaree Energies और Premier Energies जैसी कंपनियों के FY27 के वित्तीय प्रदर्शन पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. इन कंपनियों को मजबूत मार्जिन हासिल करने में अब कुछ और समय लग सकता है.
यह भी पढ़ें: भारत का 8000 करोड़ रुपये का पेट केयर मार्केट, इन 3 शेयरों पर रखें नजर; मजबूत है फाइनेंस
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
Stocks to Watch: Emcure Pharma, Sobha, Adani Total Gas समेत फोकस में रहेंगे ये शेयर, दिखेगा तगड़ा एक्शन!
FIIs की पसंद बने ड्रोन और एंटी-ड्रोन स्टॉक्स, Q1 में इन 3 कंपनियों में बढ़ाई हिस्सेदारी; रखें नजर
SEBI ने CDSL पर 1 करोड़ रुपये का लगाया जुर्माना, साइबर सुरक्षा में चूक के चलते हुआ एक्शन
