इन 6 कारणों से बाजार में तबाही! सेंसेक्स 600 अंक टूटा निफ्टी 25200 के नीचे, निवेशकों के डूबे ₹2 लाख करोड़
बाजार में भारी बिकवाली से BSE का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बुधवार को 459 लाख करोड़ रुपये से ऊपर था, जो गुरुवार को घटकर 457 लाख करोड़ रुपये के आसपास रह गया. यानी एक ही दिन में निवेशकों के 2 लाख करोड़ डूब गए.
शेयर बाजार में गुरुवार को दो दिन की तेजी के बाद भारी बिकवाली देखने को मिली. सेंसेक्स 600 अंक टूटकर 81,727 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 156 अंक गिरकर करीब 25,187 के आसपास आ गया. इस दौरान करीब 1,340 शेयरों में तेजी, 1,961 शेयरों में गिरावट और 178 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया. यूनियन बजट से पहले अलर्ट नजर आए. इस गिरावट से निवेशकों के 2 लाख करोड़ से ज्यादा डूब गए. अब सवाल ये है कि किन कारणों से बाजार में भयंकर गिरावट देखने को मिली है.
मुनाफावसूली का दबाव
बीते दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1 प्रतिशत की तेजी आई थी. इस तेजी के बाद IT, ऑटो और FMCG जैसे प्रमुख सेक्टरों में मुनाफावसूली देखने को मिली. यूरोपीय यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की घोषणा से बाजार को सपोर्ट मिला था, जिसके तहत भारतीय सामान पर 90 प्रतिशत तक टैरिफ घटाए जाने हैं, लेकिन निवेशकों ने इस तेजी का फायदा उठाकर मुनाफा निकालना बेहतर समझा.
फेड की ब्याज दरों पर रोक
अमेरिका के फेडरल रिजर्व ने उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की. ऊंची अमेरिकी ब्याज दरें उभरते बाजारों जैसे भारत के लिए आकर्षण कम कर देती हैं. इससे डॉलर मजबूत होता है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, जिसका सीधा असर विदेशी निवेशकों की धारणा पर पड़ता है.
कमजोर ग्लोबल संकेत
कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच एशियाई बाजारों में गिरावट देखने को मिली. गिफ्ट निफ्टी में बिकवाली, जापान का निक्केई और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए. वहीं अमेरिकी बाजार रात के कारोबार में ज्यादातर फ्लैट बंद हुए.
कच्चे तेल में तेजी
ब्रेंट क्रूड में मजबूती दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड 1.08 फीसदी चढ़कर 69.14 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना सकती है, क्योंकि भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है.
बजट से पहले घबराहट
रविवार को आने वाले यूनियन बजट को लेकर बाजार में सतर्कता बढ़ गई है. निवेशक यह देखना चाहते हैं कि सरकार आर्थिक विकास और कॉरपोरेट कमाई को लेकर क्या संकेत देती है. इसी वजह से कई निवेशक बड़े दांव लगाने से बचते नजर आए. खास बात यह है कि बजट के दिन बाजार के लिए विशेष रविवार सत्र भी रखा गया है.
डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार कमजोरी
डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है और अब रुपया 92 के स्तर के पार चला गया है. रुपये पर दबाव की बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली है. इसके अलावा केंद्रीय बजट से पहले निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाकर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं.
इन शेयरों में दिखी तेज बिकवाली
बाजार में बिकवाली का असर कई शेयरों पर साफ नजर आया. हेरिटेज फूड्स के शेयरों में 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. फाइव स्टार बिजनेस फाइनेंस 5.55 फीसदी टूटा, जबकि वैभव ग्लोबल में करीब 5 फीसदी की गिरावट रही. रिलायंस पावर और सैजिलिटी इंडिया के शेयरों में 3-3 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली. वहीं मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में करीब 5 फीसदी और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई.
निवेशकों का 2 लाख करोड़ साफ
कमजोर बाजार का असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी पड़ा है. बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स दबाव में हैं, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो की वैल्यू घटी है. बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बुधवार को 459 लाख करोड़ रुपये से ऊपर था, जो गुरुवार को घटकर 457 लाख करोड़ रुपये के आसपास रह गया. यानी एक ही दिन में निवेशकों की वैल्यूएशन में 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आई है.
इसे भी पढ़ें- गोली की रफ्तार से भागा ये छोटू शेयर! तिमाही नतीजों से मिला बूस्ट, कर्ज लगभग जीरो, भाव ₹100 से कम
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
50 रुपये से सस्ते इस शेयर में तूफानी तेजी, 10% उछाल के साथ लगा अपर सर्किट, 3 दिन में 29% चढ़ा
India-EU FTA से इन 3 स्टॉक्स को मिलेगा बूस्ट, 12% से 0% हुई टैरिफ; 5 साल में 500% तक का रिटर्न, रखें नजर
ना के बराबर कर्ज, 45% तक ROCE, ये 2 केमिकल स्टॉक्स बन सकते हैं खरा सोना, अभी 47% तक डिस्काउंट पर कर रहें ट्रेड
