जानें कौन हैं प्राची पोद्दार, जिनकी पढ़ाई के आड़े आई शादी, बाद में सीमेंट वेस्ट से खड़ा किया नया बिजनेस
प्राची पोद्दार को फाइनेंस में रुचि है. कॉलेज के दिनों में उनका झुकाव मैथ्स और अकाउंट्स की ओर था. जिस वजह से उन्होंने मैनेजमेंट की पढ़ाई चुनी. IIM Bangalore से पढ़ाई पूरी करने के बाद वे वापस लौटीं और शादी की. लेकिन इसके बाद भी उन्होंने खुद को सीमित नहीं किया.
कुछ घरों में बेटियों की पढ़ाई अब भी सपने जैसी मानी जाती है. प्राची पोद्दार भी एक ऐसे ही कंजर्वेटिव मारवाड़ी परिवार से आती हैं, जहां महिलाओं की शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी. साल 2001 में जब उनका चयन IIM Bangalore में हुआ, तो परिवार में यह खुशी का नहीं बल्कि बहस का विषय बन गया था. परिवार के लोगों का साफ संदेश था, पढ़ाई बाद में हो सकती है, शादी नहीं. आखिरकार प्राची को IIM जाने की इजाजत तो मिली, लेकिन एक शर्त के साथ. पढ़ाई पूरी करो और वापस आकर शादी करो. प्राची ने यह शर्त मानी, लेकिन अपने सपनों को वहीं दफन नहीं होने दिया.
रुकी नहीं प्राची लगातार आगे बढ़ती गईं
प्राची बताती हैं कि उन्हें शुरू से ही फाइनेंस में खास रुचि रही है. कॉलेज के दिनों में उनका झुकाव मैथ्स और अकाउंट्स की ओर था. यही वजह रही कि उन्होंने मैनेजमेंट की पढ़ाई चुनी. IIM Bangalore से पढ़ाई पूरी करने के बाद वे वापस लौटीं और शादी की. लेकिन इसके बाद भी उन्होंने खुद को सीमित नहीं किया. उन्होंने GE Financial और HSBC जैसी बड़ी कंपनियों में भारत और अमेरिका में काम किया. इस दौरान उन्होंने फाइनेंशियल मैनेजमेंट और बिजनेस स्ट्रक्चर को गहराई से समझा.
ससुराल की जिम्मेदारी और कोलकाता वापसी
कुछ सालों बाद प्राची को अपने ससुराल की जिम्मेदारियों के चलते कोलकाता लौटना पड़ा. उनके सास-ससुर की तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए परिवार को उनकी जरूरत थी. कोलकाता लौटने के बाद प्राची अपने पति के फैमिली बिजनेस से जुड़ीं, जो उस समय सीमेंट ट्रांसपोर्टेशन का काम करता था. यहीं से उनके प्रोफेशनल सफर का नया चैप्टर शुरू हुआ.
सीमेंट के वेस्ट से बना नया बिजनेस आइडिया
प्राची ने फैमिली बिजनेस में सिर्फ हाथ बंटाने का काम नहीं किया. उन्होंने अपने फाइनेंशियल नॉलेज और अनुभव का इस्तेमाल कर बिजनेस को नई दिशा दी. करीब तीन साल पहले उन्होंने एक महत्वपूर्ण आइडिया दिया. सीमेंट वेस्ट में मौजूद रिजेक्ट लाइमस्टोन को क्रश करके स्टोन चिप्स यानी गिट्टी बनाई जाए. यह आइडिया कामयाब साबित हुआ. इसी सोच के साथ बिजनेस का विस्तार हुआ और Jagannath Stones के तहत लाइमस्टोन क्रशिंग का काम शुरू किया गया. फिलहाल प्राची Jagannath Stones में फाइनेंस की पूरी जिम्मेदारी संभाल रही हैं.
Profit और Loss से लेकर निवेश तक, हर फैसला प्राची के हाथ
आज प्राची पोद्दार बिजनेस के प्रॉफिट लॉस से लेकर कंपनी और पर्सनल इन्वेस्टमेंट तक सभी अहम फैसले लेती हैं. उनका रोल सिर्फ अकाउंट देखने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे रणनीति, प्लानिंग और ग्रोथ का पूरा खाका तैयार करती हैं. उनका मानना है कि महिलाओं का फाइनेंशियली सशक्त होना एक जिम्मेदारी है. जब महिलाएं पैसों से जुड़े फैसले लेती हैं, तो बिजनेस सिर्फ चलता नहीं, बल्कि आगे बढ़ता है.
शिक्षा से रोका गया, लेकिन हौसले नहीं टूटे
प्राची की कहानी एक ऐसी महिला की कहानी है, जिसे IIM इस वादे के साथ भेजा गया था कि वह पढ़कर लौटेगी और शादी करेगी. उन्होंने वादा निभाया, लेकिन खुद को सीमाओं में नहीं बांधा. आज वह न सिर्फ अपने परिवार के बिजनेस को संभाल रही हैं, बल्कि उसे हर दिन बेहतर बना रही हैं.
निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी और जागरूकता
म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले एक बार KYC प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होता है. निवेश हमेशा पंजीकृत म्यूचुअल फंड कंपनियों के साथ ही करना चाहिए, जिनकी पूरी जानकारी SEBI की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होती है.
अगर निवेश से जुड़ी कोई समस्या या शिकायत हो, तो निवेशक सीधे संबंधित AMC से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा SCORES पोर्टल के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. यदि शिकायत का समाधान संतोषजनक न हो, तो निवेशक Smart ODR पोर्टल का सहारा ले सकते हैं.
HDFC AMC कंपनी का परिचय
एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड भारत की प्रमुख और बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनियों में से एक है. कंपनी की स्थापना 1999 में हुई थी और SEBI से मंजूरी मिलने के बाद 2000 में इसने अपना परिचालन शुरू किया. कंपनी इक्विटी, फिक्स्ड इनकम और अन्य निवेश विकल्पों का प्रबंधन करती है.