अब भीड़भाड़ में भी मिलेगा तेज इंटरनेट, Airtel ने लॉन्च किए नया प्लान; जानें क्या मिलेगा खास
Bharti Airtel ने अपने ग्राहकों के लिए नई प्रायोरिटी पोस्टपेड 5जी सर्विस शुरू की है. कंपनी ने नेटवर्क स्लाइसिंग तकनीक के जरिए पोस्टपेड ग्राहकों को तेज और ज्यादा भरोसेमंद इंटरनेट सर्विस देने का दावा किया है. Airtel का कहना है कि भीड़भाड़ और पीक समय में भी ग्राहकों को बेहतर स्पीड मिलेगी.
Bharti Airtel ने अपने ग्राहकों के लिए नई प्रायोरिटी पोस्टपेड 5जी सर्विस शुरू की है. कंपनी का दावा है कि इस नई तकनीक के जरिए ग्राहकों को भीड़भाड और पीक ट्रैफिक के समय भी तेज और भरोसेमंद इंटरनेट अनुभव मिलेगा. Airtel ने इसके लिए नेटवर्क स्लाइसिंग तकनीक का इस्तेमाल किया है, जिससे पोस्टपेड ग्राहकों के लिए नेटवर्क का अलग हिस्सा तय किया गया है. कंपनी का कहना है कि इससे वीडियो स्ट्रीमिंग, वीडियो कॉल और इंटरनेट इस्तेमाल के दौरान बेहतर स्पीड और स्थिरता मिलेगी.
क्या है प्रायोरिटी पोस्टपेड 5जी सेवा
Airtel की नई सेवा नेटवर्क स्लाइसिंग तकनीक पर आधारित है. इस तकनीक में कंपनी नेटवर्क को अलग- अलग हिस्सों में बांटती है ताकि खास ग्राहकों को बेहतर सर्विस दी जा सके. Airtel ने पोस्टपेड ग्राहकों के लिए अलग नेटवर्क क्षमता तय की है. इससे भीड़ वाले इलाकों में भी इंटरनेट की स्पीड और कनेक्टिविटी बेहतर बनी रहेगी.
पीक समय में भी मिलेगी तेज स्पीड
कंपनी का कहना है कि यह सेवा खासतौर पर उन लोगों के लिए यूजफुल होगी जो यात्रा के दौरान वीडियो कॉल करते हैं या भीडभाड़ वाले स्थानों पर इंटरनेट का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. उदाहरण के तौर पर ट्रैफिक में क्लाइंट कॉल, कंसर्ट में वीडियो स्ट्रीमिंग या भीड़ वाले बाजार में कैब बुकिंग के दौरान नेटवर्क बेहतर काम करेगा. Airtel का दावा है कि इस तकनीक से ग्राहकों को ज्यादा भरोसेमंद अनुभव मिलेगा.
499 रुपये से शुरू हुए नए प्लान
कंपनी ने प्रायोरिटी पोस्टपेड 5जी प्लान 499 रुपये से लेकर 1749 रुपये तक की कीमत में पेश किए हैं. इन प्लान में Amazon Prime, Apple TV और Netflix जैसे मनोरंजन ऐप्स की सुविधा भी दी जा रही है. वहीं 699 रुपये वाले प्लान में Jio Hotstar का सब्सक्रिप्शन भी शामिल किया गया है. कंपनी का लक्ष्य प्रीमियम ग्राहकों को बेहतर डिजिटल अनुभव देना है.
दुनिया के कई देशों में पहले से इस्तेमाल
Airtel ने बताया कि नेटवर्क स्लाइसिंग आधारित 5जी सर्विस पहले से अमेरिका, सिंगापुर, ब्रिटेन और मलेशिया जैसे देशों में इस्तेमाल की जा रही है. अब भारत में भी इस तकनीक को तेजी से अपनाया जा रहा है. कंपनी का कहना है कि इससे नेटवर्क क्षमता बेहतर तरीके से इस्तेमाल हो सकेगी और ग्राहकों को ज्यादा स्थिर सर्विस मिलेगी.
नेट न्यूट्रैलिटी को लेकर उठे सवाल
कुछ जानकारों ने इस नई सर्विस को लेकर नेट न्यूट्रैलिटी पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि तेज स्पीड देना नियमों के खिलाफ नहीं है, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि बाकी ग्राहकों की सर्विस प्रभावित न हो. जानकारों का मानना है कि टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी को इस नई तकनीक पर नजर रखनी चाहिए ताकि सभी ग्राहकों को समान इंटरनेट अनुभव मिलता रहे.
Latest Stories
iPhone 18 Pro की कीमत नहीं बढ़ाएगा Apple? रिपोर्ट में बड़ा दावा, सस्ते मॉडल खरीदना पड़ सकता है महंगा
Motorola Razr Fold की भारत में एंट्री, कीमत 1.49 लाख रुपये से शुरू; जानिए फीचर्स
रोल्स रॉयस और HAL का बड़ा कदम, होसुर में शुरू हुई नई एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग सुविधा; मजबूत होगी जेट इंजन मैन्युफैक्चरिंग
