जानें क्या है Online Grooming फ्रॉड जिसके शिकार हो रहे बच्चे, चेतावनी जारी, बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
डिजिटल युग में बच्चों की दुनिया तेजी से ऑनलाइन होती जा रही है. सोशल मीडिया और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर बनने वाली ऑनलाइन दोस्ती कई बार गंभीर खतरे में बदल जाती है. साइबर अपराधी फर्जी उम्र और पहचान के जरिये बच्चों से संपर्क कर धीरे-धीरे भरोसा जीतते हैं और फिर उन्हें ऑनलाइन ग्रूमिंग का शिकार बनाते हैं.
Online Grooming Cyber Fraud: डिजिटल दौर में बच्चों की जिंदगी का बड़ा हिस्सा अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बीत रहा है. सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम्स और चैट ऐप्स के जरिये दोस्ती करना आम बात हो गई है. लेकिन इसी ‘ऑनलाइन फ्रेंडशिप’ की आड़ में साइबर अपराधी बच्चों को अपने जाल में फंसा रहे हैं. गलत उम्र और पहचान के जरिये बच्चों से संपर्क कर उन्हें मानसिक रूप से फंसाया जाता है. इसे Online Grooming कहा जाता है, जो धीरे-धीरे बच्चों की सुरक्षा और निजता दोनों को खतरे में डाल देता है.
कैसे होती है Online Grooming की ठगी?
Online Grooming एक सुनियोजित प्रक्रिया होती है. साइबर अपराधी खुद को बच्चे या भरोसेमंद दोस्त के रूप में पेश करते हैं. शुरुआत में सामान्य बातचीत होती है पसंद, गेम्स, स्कूल या शौक जैसे विषयों पर. इसके बाद धीरे-धीरे भरोसा बनाया जाता है. जब बच्चा सहज हो जाता है, तब बातचीत निजी हो जाती है.
अपराधी “ये बात हमारे बीच रहेगी” या “secret रहेगा” जैसे वाक्यों का इस्तेमाल कर पर्सनल फोटो या वीडियो मांगते हैं. कई मामलों में भावनात्मक दबाव डाला जाता है और बच्चों को डराया जाता है कि अगर उन्होंने किसी को बताया तो उन्हें नुकसान होगा. यहीं से ठगी और शोषण का सिलसिला शुरू होता है.
Online Grooming से बचाव के तरीके
इस तरह की ठगी से बचाव में जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है. माता-पिता को बच्चों से खुलकर बातचीत करनी चाहिए. बच्चों को यह सिखाना जरूरी है कि वे ऑनलाइन किसी को भी अपनी जानकारी कभी साझा न करें. जो व्यक्ति “secret रहेगा” कहे, उसे तुरंत ब्लौक करना चाहिए. अपनी उम्र, पता या स्कूल का नाम या फोन नंबर जैसी जानकारी ऑनलाइन अनजान लोगों को देने से बचना चाहिए. अगर किसी बातचीत से डर, दबाव या असहजता महसूस हो, तो बिना झिझक किसी बड़े को तुरंत बताना चाहिए.
शिकायत कहां और कैसे करें?
अगर Online Grooming या cyber crime की आशंका हो, तो चुप रहना समाधान नहीं है. माता-पिता या बच्चे तुरंत cyber crime helpline या ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर रिपोर्ट कर सकते हैं. साथ ही, स्थानीय पुलिस थाने में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. समय पर की गई शिकायत न सिर्फ बच्चे को सुरक्षित रखती है, बल्कि ऐसे अपराधियों को रोकने में भी मदद करती है.




