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₹60000 करोड़ का ऑर्डर बुक, बेहद कम कर्ज, अब Waaree 2.0 का दिखेगा दम, ये है प्‍लान, जानें कमाई का कितना मौका

Waaree Energies अपनी फ्यूचर रणनीति के जरिए खुद को एक इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी कंपनी में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कंपनी सोलर मैन्युफैक्चरिंग के साथ EPC, एनर्जी स्टोरेज, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे हाई-ग्रोथ सेगमेंट्स में विस्तार कर रही है, जिससे लंबी अवधि में कमाई और बिजनेस ग्रोथ की मजबूत संभावनाएं बन रही हैं. मजबूत पाइपलाइन और बढ़ती मांग को देखते हुए FY26 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, जिसका सकारात्मक असर शेयर पर भी दिखाई दे सकता है.

वारी एनर्जीज Image Credit: Waaree Renewable tech

Waaree Energies share price: भारत का सोलर सेक्टर अब सिर्फ पैनल बनाने तक सीमित नहीं रहा. कंपनियां पूरी क्लीन एनर्जी वैल्यू चेन पर कब्जा जमाने और एंड-टू-एंड सॉल्यूशंस देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं. सोलर सेक्‍टर की दिग्‍गज Waaree Energies Limited अब नई रणनीति से आगे बढ़ने का प्‍लान बना रही है. ये ‘Waaree 2.0’ के जरिए खुद को एक सोलर मैन्युफैक्चरर से पूरी तरह इंटीग्रेटेड एनर्जी कंपनी में बदलने का रोडमैप तैयार किया है. इससे न सिर्फ कंपनी के विकास में मदद मिलेगा, बल्कि इसका असर शेयरों पर भी दिखेगा.

क्या है Waaree 2.0?

Waaree 2.0 का मकसद कंपनी को सिंगल-प्रोडक्ट बिजनेस से निकालकर पूरी एनर्जी ट्रांजिशन इकोसिस्टम में मौजूद बनाना है. यानी मैन्युफैक्चरिंग, EPC, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और रिन्यूएबल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे हर बड़े सेगमेंट में एंट्री. इससे कंपनी ग्राहकों को वन-स्टॉप एनर्जी सॉल्यूशन दे पाएगी और अपनी ‘वॉलेट शेयर’ भी बढ़ा सकेगी.

Waaree 1.0 से Waaree 2.0 तक का सफर

1990 में स्थापित Waaree पहले ही भारत की सबसे बड़ी सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर बन चुकी है, जिसके पास 22.8 GW मॉड्यूल और 5.4 GW सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता है. अब कंपनी Waaree 2.0 के तहत तेजी से अपस्ट्रीम और एडजेसेंट सेगमेंट्स में विस्तार कर रही है, जहां भारत और दुनिया दोनों में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिल रही है.

मजबूत ऑर्डर बुक और ग्रोथ विजिबिलिटी

कंपनी के पास करीब ₹60,000 करोड़ का ऑर्डर बुक और 100 GW से ज्यादा की पाइपलाइन है. इसी के दम पर Waaree को उम्मीद है कि FY26 में वह ₹5,500–6,000 करोड़ के EBITDA गाइडेंस को आसानी से पार कर लेगी. इसका डेट टू इक्विटी रेशियो 0.26 है. यानी कंपनी पर ना के बराबर कर्ज है.

Polysilicon से Modules तक मजबूत पकड़

कंपनी की सहयोगी Waaree Solar Americas ने United Solar Holding में 30 मिलियन डॉलर निवेश का करार किया है. ओमान के सोहर फ्रीजोन में बन रहा यह प्लांट सालाना 100,000 मीट्रिक टन पॉलिसिलिकॉन तैयार करेगा, जिससे करीब 40 GW सोलर मॉड्यूल प्रोडक्शन को सपोर्ट मिलेगा. इससे सप्लाई चेन सुरक्षित होगी और किसी एक देश पर निर्भरता कम होगी.

EPC और O&M से मिलेगा रेवेन्यू ग्रोथ

Waaree अब सोलर प्रोजेक्ट्स के पूरे लाइफसाइकल में भागीदारी बढ़ा रही है. कंपनी करीब 4.6 GW EPC प्रोजेक्ट्स पूरा कर चुकी है और 1.2 GW का O&M पोर्टफोलियो संभाल रही है. इससे रिकरिंग इनकम और ग्राहकों से लंबे रिश्ते बनाने में मदद मिलेगी.

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Green Hydrogen में एंट्री

Waaree 1 GW इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बनाने की तैयारी में है. भारत का नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन इस सेक्टर में करीब ₹8 लाख करोड़ के निवेश की संभावना दिखाता है, जिससे कंपनी के लिए लंबी अवधि के मौके बनते हैं. इसका फायदा कंपनी के शेयरों में देखने को मिल सकता है.

शेयर का हाल

Waaree Energies के शेयर की कीमत 2787 रुपये है्. एक हफ्ते में ये 6 फीसदी से ज्‍यादा चढ़ा है. हालांकि 6 महीने में ये 8 फीसदी गिरा है. इसके साल भर का प्रदर्शन देखें तो इसने 14 फीसदी का रिटर्न दिया है. इसके 52 वीक का हाई 3,865 रुपये है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.